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Rampur News: ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों का प्रदर्शन
Tue, 30 Jun 2026 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:58 AM IST
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रामपुर। ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील सदर में अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कलमबंद हड़ताल कर नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं और वेंडरों ने सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर नई व्यवस्था लागू न करने की मांग की।
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में जिले भर में प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील सदर से जुड़े अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों ने सोमवार को भी प्रदर्शन कर सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि 23 जून से वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
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साथ ही ऑनलाइन व्यवस्था में आर्थिक रूप से सक्षम और तकनीकी जानकारी रखने वाले संस्थानों या व्यक्तियों के माध्यम से दस्तावेज संपादित होने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पंजीकरण में त्रुटियां और भविष्य में विवाद बढ़ सकते हैं।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और दूर-दराज के किसान तथा आम नागरिक तकनीकी जानकारी और ऑनलाइन संसाधनों के अभाव में सबसे अधिक परेशान होंगे। इससे आम जनता का आर्थिक शोषण भी बढ़ सकता है। उन्होंने ई-रजिस्ट्री के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा तथा कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान भरत पूठिया, अभिषेक शर्मा, पुनीत सक्सेना, प्रदीप सक्सेना, अतुल सक्सेना, अंकुश सक्सेना, नाजिम, सैयद फाइक मियां, भूरा अली समेत कई लोग मौजूद रहे।
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ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में जिले भर में प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील सदर से जुड़े अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों ने सोमवार को भी प्रदर्शन कर सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया।
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ज्ञापन में कहा गया कि 23 जून से वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
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साथ ही ऑनलाइन व्यवस्था में आर्थिक रूप से सक्षम और तकनीकी जानकारी रखने वाले संस्थानों या व्यक्तियों के माध्यम से दस्तावेज संपादित होने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पंजीकरण में त्रुटियां और भविष्य में विवाद बढ़ सकते हैं।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और दूर-दराज के किसान तथा आम नागरिक तकनीकी जानकारी और ऑनलाइन संसाधनों के अभाव में सबसे अधिक परेशान होंगे। इससे आम जनता का आर्थिक शोषण भी बढ़ सकता है। उन्होंने ई-रजिस्ट्री के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा तथा कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान भरत पूठिया, अभिषेक शर्मा, पुनीत सक्सेना, प्रदीप सक्सेना, अतुल सक्सेना, अंकुश सक्सेना, नाजिम, सैयद फाइक मियां, भूरा अली समेत कई लोग मौजूद रहे।