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Rampur News: रजिस्ट्री पर रोक पर वकीलों ने उठाए सवाल, छूट की मांग
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टांडा। तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास और हाईवे निर्माण के चलते कई गांवों की जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक अब आम लोगों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं के लिए गंभीर समस्या बन गई है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन देकर इस रोक को आंशिक रूप से हटाने की मांग की थी। एनएचआई द्वारा 17 तथा पीडब्ल्यूडी द्वारा टांडा में बाईपास बनाने के लिए 6 ग्रामों की रजिस्ट्री बंद कराई हुई है। रजिस्ट्री बंद होने से जमीन की खरीद-फरोख्त पूरी तरह ठप हो गई है। इसका असर सीधे तौर पर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। जिन लोगों को शादी, इलाज, कर्ज चुकाने या अन्य जरूरी कार्यों के लिए जमीन बेचनी थी, उनके काम अटक गए हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर धनराशि न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इसका प्रभाव अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं पर भी पड़ा है। रजिस्ट्री से जुड़े कार्य बंद होने के कारण अधिवक्ताओं की आय प्रभावित हो रही है, वहीं स्टाम्प विक्रेताओं का कारोबार भी ठप हो गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो उनके सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि केवल प्रस्तावित निर्माण कार्य में आने वाली भूमि को चिन्हित कर उसी पर रोक लगाई जाए, जबकि अन्य जमीनों की रजिस्ट्री तत्काल शुरू कराई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और सरकारी राजस्व का नुकसान भी रोका जा सके।
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किसानों का कहना है कि समय पर धनराशि न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इसका प्रभाव अधिवक्ताओं और स्टाम्प विक्रेताओं पर भी पड़ा है। रजिस्ट्री से जुड़े कार्य बंद होने के कारण अधिवक्ताओं की आय प्रभावित हो रही है, वहीं स्टाम्प विक्रेताओं का कारोबार भी ठप हो गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो उनके सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
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अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि केवल प्रस्तावित निर्माण कार्य में आने वाली भूमि को चिन्हित कर उसी पर रोक लगाई जाए, जबकि अन्य जमीनों की रजिस्ट्री तत्काल शुरू कराई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और सरकारी राजस्व का नुकसान भी रोका जा सके।