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रामपुर: स्वार सीएचसी का विधायक पुत्र ने कर दिया निरीक्षण, प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर किए विभागीय दस्तावेज चेक

अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: Vimal Sharma Updated Mon, 06 Apr 2026 01:09 PM IST
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सार

रामपुर के स्वार सीएचसी में विधायक पुत्र उमर अंसारी के प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर निरीक्षण करने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मामले को लेकर सीएमओ ने जांच टीम गठित कर दी है। घटना पर क्षेत्र में सत्ता के दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज है।

Rampur: MLA Son Inspects Swar CHC; Sits in In-charge's Chair to Check Documents
रामपुर के स्वार सीएचसी में अभिलेखों को देखता विधायक का बेटा - फोटो : संवाद
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विस्तार

रामपुर के स्वार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विधायक शफीक अहमद अंसारी के पुत्र के निरीक्षण के दौरान प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देने के मामले में स्वास्थ्य विभाग गंभीर हो गया है। सीएमओ ने वायरल वीडियो के आधार पर टीम गठित कर जांच शुरू करा दी है।

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अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें मिलने पर विधायक के पुत्र उमर अंसारी ने शनिवार को सीएचसी का निरीक्षण किया था। इस दौरान सीएचसी प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर उन्होंने दिशा निर्देश दिए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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निरीक्षण के दौरान विधायक के पुत्र ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अस्पताल से जुड़े अभिलेख भी देखे थे। निरीक्षण के समय अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थिति, ड्यूटी रजिस्टर, दवा वितरण व्यवस्था, लैब संचालन और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानी गई तथा अस्पताल प्रशासन को दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विधायक के पुत्र के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा था। सोशल मीडिया पर पूरे निरीक्षण के वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में तरह- तरह की चर्चा हो रही हैं।

कुछ लोग इसे सत्ता की हनक बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे सत्ता का दुरुपयोग करना बता रहे हैं। वहीं सीएचसी प्रभारी की ओर से अपनी कुर्सी छोड़कर विधायक के बेटे को कुर्सी पर बैठाकर स्वयं खड़े होकर अस्पताल के बारे में जानकारी देना भी अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है।

फिलहाल इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर हो गया है। सीएमओ डाॅ. दीपा सिंह ने इस प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी है, जिसके बाद जांच भी शुरू हो गई है।

चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठना निंदनीय
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वार में विधायक के पुत्र का चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने और स्टाफ को निर्देश देने के मामले की अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने निंदा करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि स्वार-टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के पुत्र द्वारा सीएचसी स्वार में इस प्रकार का व्यवहार करना अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने और स्टाफ को निर्देशित करने का अधिकार उन्हें किसने दिया।

उनके अनुसार, यह कृत्य न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की गरिमा भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। 

स्वार सीएचसी से जुड़े प्रोटोकॉल मामले की जांच के लिए विभागीय टीम गठित कर दी गई है। टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ

विधायक पुत्र के सीएचसी निरीक्षण पर सियासत तेज
नरपतनगर नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें विधायक के पुत्र की ओर से सीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान सीएचसी अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने और पुलिस प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है।

उन्होंने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। खालिद अली ने कहा कि विधायक की सुरक्षा में लगे कर्मियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। उनका आरोप है कि बिना किसी अधिकृत पद के इस तरह अस्पताल का निरीक्षण करना और अधिकारियों की कुर्सी पर बैठना न सिर्फ अनुचित है बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन है।

उन्होंने सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से विधायक और प्रशासन दोनों की छवि हास्यास्पद बन रही है। कहा कि गठबंधन सरकार के विधायक को अपने पुत्र को इस तरह की खुली छूट नहीं देनी चाहिए,इससे सरकारी तंत्र की गरिमा प्रभावित हो रही है।

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