हजयात्रा 2026: मुरादाबाद से जाएंगे 2090 आजमीन, पहली फ्लाइट 16 को, इस बार यूपी से सभी को मिला माैका
दस दिन बाद शुरू होने वाली हज यात्रा में मुरादाबाद से 2090 आजमीन शामिल होंगे। पहली फ्लाइट 16 अप्रैल को दिल्ली से रवाना होगी और 20 मई तक उड़ानें चलेंगी। हजयात्रियों की वापसी दो जून से शुरू होकर 28 जून तक पूरी होगी।
विस्तार
करीब दस दिन बाद हज के पाक सफर की शुरुआत हो जाएगी। इस बार मुरादाबाद से 2090 आजमीन इस पाक सफर के गवाह बनेंगे। आजमीनाें को लेकर पहली फ्लाइट 16 अप्रैल को रवाना होगी। वहीं हज के अरकान पूरे होने के बाद दो जून से हजयात्रियों की वतन वापसी शुरू हो जाएगी।
हजयात्रा 2026 के लिए यूपी से करीब 18760 आजमीनों ने आवेदन किया था। ये संख्या यूपी के निर्धारित कोटे से कम रही। ऐसे में आवेदन करने वाले सभी आजमीनों को हजयात्रा का टिकट मिल गया। इसमें मुरादाबाद के आजमीनाें की संख्या करीब 2090 है।
हजयात्रा के लिए चयनित आजमीनों की तैयारी अंतिम दाैर में है। मुरादाबाद के आजमीन दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होंगे। 16 अप्रैल को 176 आजमीनों को लेकर पहली फ्लाइट हजयात्रा के लिए रवाना होगी। इसमें मुरादाबाद के भी आजमीन शामिल होंगे। रवानगी का यह सिलसिला 20 मई तक चलेगी।
वहीं हजयात्रियों की वतन वापसी दो जून से होगी। वापसी की आखिरी फ्लाइट 28 जून को उड़ान भरेगी। पूर्व हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि 16 अप्रैल को पहली फ्लाइट मदीना के लिए रवाना होगी। मदीना पहुंचने वाले हजयात्रियों की वापसी जद्दा से होगी। जबकि जद्दा उतरने वाले हजयात्रियों की वतन वापसी मदीना से होगी।
खाने पीने में बरतें सावधानी, नहीं होगी इबादत में परेशानी
हज के पाक सफर पर जाने वाले आजमीनों को खुदा की इबादत के साथ-साथ अपनी सेहत का भी खास ख्याल रखना होगा। डाॅ. अजीम इकबाल के मुताबिक दुनिया के तमाम हिस्सों से आजमीनों के पहुंचने से वायरल इंफेक्शन का खतरा सबसे अधिक होता है।
इसके कारण आजमीन का गला खराब हो जाता है और बुखार की जद में आ जाते हैं। हजयात्रियों को खाने पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि वहां मिलने वाला जूस, पानी का काफी ठंडा होता है।
सराय पुख्ता स्थित मरकज वाली मस्जिद में रविवार रात दुआ के साथ दो दिवसीय हज प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। शिविर में हजयात्रियों ने भाग लेकर हज के अरकार की जानकारी हासिल की। मुफ्ती अब्दुर्रहमान ने हज के पांच दिनों के अमल के बारे में बताया।
उन्होंने हज के हर दिन किए जाने वाले जरूरी अरकान और उनके तरीकों को समझाया। वहीं, मुफ्ती अजमल ने उमरा करने की प्रक्रिया बताई। इसके अलावा मुफ्ती अफ्फान ने मदीना मुनव्वरा की हाजिरी और वहां के अदब के बारे में जानकारी दी। शिविर के आयोजन में राशिद जहूर, अब्दुल मुजीब, जिक्रे इलाही आदि सहयोग रहा।