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आजम खां: जेल से सपा नेता की रिहाई नहीं आसान, अब मुश्किलें बढ़ाएगी ईडी की नई एफआईआर

Sun, 18 Oct 2026 08:32 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: Akash Dubey Updated Sun, 18 Oct 2026 08:32 PM IST
सार

दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खां की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। ईडी की 13 अक्तूबर की नई एफआईआर से उनकी रिहाई मुश्किल हो सकती है।

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Release of SP leader Azam Khan from jail will not be easy
आजम खां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो पैन कार्ड रखने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला कुछ भी हो लेकिन फिलहाल आजम खां का जेल से बाहर आना आसान नहीं है। कानून के जानकारों की मानें तो ईडी की ओर 13 अक्तूबर की रात को अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई नई एफआईआर से आजम खां की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नए मामले में यदि पुलिस उनकी गिरफ्तारी करती है या फिर हिरासत में लेती है तो पैनकार्ड मामले में राहत मिलने के बाद भी उनकी रिहाई नहीं हो सकती है।

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सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दाखिल कर ट्रायल कोर्ट की ओर से दो पैन कार्ड रखने के मामले में सुनाई गई सजा को चुनौती दी गई है। साथ ही याचिकाओं के अंतिम निस्तारण तक अंतरिम राहत की मांग की गई है। याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। इसे लेकर समर्थकों और विरोधियों की ओर से अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। 

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इस संबंध में बार एसोसिएशन रामपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह का कहना है कि किसी मामले में जमानत मिलने के बावजूद आरोपी दूसरे मामले में गिरफ्तार या न्यायिक हिरासत में है तो उसे जेल में रहना पड़ सकता है। हालांकि, केवल एफआईआर दर्ज होने से रिहाई अपने आप नहीं रुकती। यदि नए मामले में गिरफ्तारी होती है और अदालत से हिरासत मंजूर होती है, तो आरोपी को उस मामले में भी जमानत या अन्य कानूनी राहत लेनी पड़ सकती है।

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सपा नेता आजम खां के मामले में भी ईडी से जुड़े नए मुकदमे का असर इसी आधार पर तय होगा। ऐसे में आजम खां की रिहाई के मामले में हाईकोर्ट के फैसले के साथ ईडी की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। विदित हो कि फिलहाल आजम खां रामपुर जेल में बंद हैं।

चुनाव को प्रभावित करने की साजिश
केंद्र में 2014 में और प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार आई है, जबकि जाैहर यूनिवर्सिटी पहले ही बनकर तैयार हो गई थी। यदि कोई गड़बड़ी थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 12 साल बाद कार्रवाई की जा रही है। अब ईडी ने नया मामला दर्ज कराया है। यह सब सपा नेता को विस चुनाव से बाहर करने के लिए किया जा रहा है। - सतनाम सिंह मट्टू, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन, रामपुर

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