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Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी के लिए धरने पर छात्र, वकीलों ने दिए ज्ञापन, भाकियू ने मार्च निकाला

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:45 AM IST
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Students stage sit-in for Jauhar University; lawyers submit memoranda; BKU holds a march.
- यूनिवर्सिटी गेट पर बैठे छात्रों ने कहा कि अनिश्चितकालीन चलेगा धरना
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- छात्र बोले, भवन गिराने के बजाय सरकारी नियंत्रण में लें...जारी रखें पढ़ाई


संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर । जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ शनिवार की शाम अचानक छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट पर धरना शुरू कर दिया। धरने में जौहर यूनिवर्सिटी के साथ-साथ जिले के अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। इस बीच रामपुर और टांडा में निकले अधिवक्ताओं ने यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग के साथ ज्ञापन दिए, जबकि रामपुर में कुछ सभासदों ने भी डीएम को ज्ञापन दिया। स्वार में भाकियू (टिकैत) और युवा समाजसेवी दिव्यांग संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से करीब सात किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। मार्च के बाद ध्वस्तीकरण आदेश रोकने की मांग उठाते हुए राष्ट्रपति, राज्यपाल, देश और यूपी के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद से प्रशासनिक स्तर से जौहर यूनिवर्सिटी के करीब तीन हजार विद्यार्थियों को दूसरे शिक्षण संस्थाओं में समायोजित कराने का भरोसा दिया जा रहा है। इसके लिए रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय की टीम द्वारा शनिवार को भी यूनिवर्सिटी गेट पर काउंसलिंग शिविर लगाया गया। इस गतिविधि के बीच शनिवार को एकाएक यूनिवर्सिटी को लेकर जिले में हलचल तेज हो गई।
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शनिवार की शाम यूनिवर्सिटी के साथ ही अन्य कॉलेजों के तमाम छात्र जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंच गए। यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग पर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि छात्र बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे। छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की है जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जबकि कई छात्र-छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यदि भवनों को ध्वस्त किया गया तो उनकी पढ़ाई रुक जाएगी और उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकार यूनिवर्सिटी को अपने नियंत्रण में ले लेकिन पढ़ाई जारी रखे।
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छात्रों का धरना रात तक जारी था। छात्रों ने सरकार से मांग की कि प्रशासनिक और कानूनी विवाद का समाधान विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए। यदि भवनों के नक्शे या अन्य औपचारिकताओं में कोई कमी है तो उसका समाधान निकाला जाए, लेकिन संस्थान को नष्ट न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस भी सतर्क हो गई। पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे रात तक मौके पर डटे रहे।




विद्यार्थी कहीं भी दाखिला लेने को स्वतंत्रः डीएम

डीएम अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी के 38 अवैध निर्मित भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है, विश्वविद्यालय के संचालन पर कोई रोक नहीं है। अब वहां के विद्यार्थियों को समझना है कि उन्हें क्या करना है। वे किसी भी विश्वविद्यालय, कॉलेज में दाखिला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। जब ध्वस्तीकरण होगा तो शासन स्तर से जो सहयोगात्मक कदम या आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
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