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Rampur News: जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई के विरोध में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
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टांडा। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त किए जाने संबंधी नोटिस के विरोध में शनिवार को बार वेलफेयर एसोसिएशन, तहसील टांडा के अधिवक्ताओं ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में तहसीलदार निश्चय कुमार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप कर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। बार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतपाल सिंह चौहान और महासचिव प्रथी सिंह सैनी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण अंचल के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने वाले इस संस्थान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था और जनभावनाओं को ठेस पहुंचेगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन को विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाय उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि इस प्रकार की कार्रवाई से शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति होगी और समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसी भी प्रकार के राजनीतिक या प्रशासनिक विवाद का शिकार न बनाए जाने की मांग करते हुए नोटिस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की।
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इस दौरान जफरुद्दीन, धर्मवीर सिंह, सोमवीर सिंह, अफजाल अली, मोहम्मद नाज़िम, अशोक पाल सिंह, राजवीर सिंह, वेदराम समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप कर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। बार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतपाल सिंह चौहान और महासचिव प्रथी सिंह सैनी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण अंचल के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने वाले इस संस्थान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था और जनभावनाओं को ठेस पहुंचेगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन को विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाय उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
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ज्ञापन में कहा गया कि इस प्रकार की कार्रवाई से शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति होगी और समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसी भी प्रकार के राजनीतिक या प्रशासनिक विवाद का शिकार न बनाए जाने की मांग करते हुए नोटिस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की।
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इस दौरान जफरुद्दीन, धर्मवीर सिंह, सोमवीर सिंह, अफजाल अली, मोहम्मद नाज़िम, अशोक पाल सिंह, राजवीर सिंह, वेदराम समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।