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Rampur News: आश्वासन देकर भूला प्रशासन, विधायक के वादे भी अधूरे
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:29 AM IST
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अतिक्रमण के नाम पर शौकत अली रोड के किनारे से अप्रैल में हटाई गईं थी 60 से अधिक दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। ऐसा विकास भी क्या विकास जो लोगों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर कर दे। उस विकास का फायदा चंद लोग अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए करें। जी हां हम बात कर रहे हैं शौकत अली रोड चौड़ीकरण के दौरान हटाए गए लोगों की। सड़क चौड़ीकरण और तीन महीने में नई दुकान देने के आश्वासन के बाद 60 से अधिक व्यापारियों को पैदल कर दिया गया। नौ महीने के बाद भी ये लोग दुकान के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
अमर उजाला ने बुधवार को इस मामले की पड़ताल की। यहां से उजाड़े गए व्यापारियों ने बताया कि यहां 60 दुकानें थी। ये दुकानें पालिका और सोसायटी की थीं। वे लोग इन दुकानों में 1970 से काबिज थे। वे लगातार किराया दे रहे थे। प्रशासन और पालिका ने उन्हें हटा दिया।
उस समय शहर विधायक आकाश सक्सेना और तत्कालीन डीएम जोगेंद्र सिंह ने तीन महीने में दूसरी जगह दुकान देने का वादा किया था। पड़ताल के समय देखा गया कि सड़क चौड़ीकरण का आम आदमी को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। कई लोगों ने यहां अवैध पार्किंग बना दी है। वाहन मैकेनिक सड़क पर कब्जा कर सड़क पर वाहन की मरम्मत कर रहे हैं। 76 साल के बुजुर्ग रोडवेज के पास एक टेबल में पेचकस आदि बेचते दिखे। उन्होंने कहा यहीं पर मेरी दुकान थी। दुकान देने का वादा किया था। अब तक दुकान नहीं मिली। टेबल में सामान बेचकर काम चला रहा हूं।
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क्या बोले व्यापारी-
जिला प्रशासन और नगर पालिका ने उन्हें बिना नोटिस के हटा दिया। उस समय शहर विधायक आकाश सक्सेना और डीएम जोगिंदर सिंह ने उनके साथ बैठक कर आश्वासन दिया कि तीन महीने में उन्हें मीना बाजार में दुकान आवंटित की जाएंगी। लेकिन आज तक दुकान आवंटित नहीं हुई है। -शिवनंदन
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नगर पालिका ने दुकान आवंटित की थी। 30 साल से वे दुकान पर काबिज थे। प्रशासन ने बिना नोटिस दिए दुकान तोड़ दी। मजबूरी में आज सड़क किनारे फुटपाथ में सामान बेचना पड़ रहा है। कई बार डीएम और विधायक को वादा निभाने का ज्ञापन दे चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -तुषार
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हमने सड़क पर कोई अतिक्रमण नहीं किया था। पालिका और सोसायटी ने दुकान आवंटित की थी। नौ महीने से दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं। आज तक किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। -राजेंद्र कुमार
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सड़क चौड़ीकरण का आम लोगों को फायदा नहीं हो रहा है। लोगों ने सड़क पर अवैध पार्किंग बना दी है। कई व्यापारी सड़क पर काम कर रहे हैं।-फरीद
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दुकान किराये पर लेने के लिए पैसे नहीं हैं। मजबूरी में सड़क किनारे फुटपाथ में सीट कवर, गाड़ी के बैग बेच रहा हूं। पालिका वाले कई बार उसे हटा चुके हैं। घर चलाना मुश्किल हो गया है। -राशिद
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मेरे पास नगर पालिका का अलाॅटमेंट लेटर है। मैं 1964 से यहां दुकान कर रहा था। मेरी उम्र 76 साल है। मेरी दुकान तोड़ दी गई। अब घर चलाने के लिए मेज पर सामान बेच रहा हूं। -शहीद खान
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शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सभी व्यापारियों को दुकान टूटने से पहले घर बुलाया था। आश्वासन दिया कि तीन महीने बाद मोदी जी का जन्मदिन है। उस दिन आपको दुकान आवंटित कर दी जाएगी। आज तक दुकानें नहीं दी गईं। वादे झूठे निकले। -बाबर
कोट
हम मीना बाजार में दुकान देना चाह रहे हैं लेकिन कोई आवेदन नहीं कर रहा है। 104 दुकानों का प्रस्ताव बनाकर तैयार किया गया है। आरडीए को इन दुकानों का निर्माण करना है। लोग आवेदन करें, दुकान दी जाएगी। -आकाश सक्सेना, शहर विधायक
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। ऐसा विकास भी क्या विकास जो लोगों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर कर दे। उस विकास का फायदा चंद लोग अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए करें। जी हां हम बात कर रहे हैं शौकत अली रोड चौड़ीकरण के दौरान हटाए गए लोगों की। सड़क चौड़ीकरण और तीन महीने में नई दुकान देने के आश्वासन के बाद 60 से अधिक व्यापारियों को पैदल कर दिया गया। नौ महीने के बाद भी ये लोग दुकान के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
अमर उजाला ने बुधवार को इस मामले की पड़ताल की। यहां से उजाड़े गए व्यापारियों ने बताया कि यहां 60 दुकानें थी। ये दुकानें पालिका और सोसायटी की थीं। वे लोग इन दुकानों में 1970 से काबिज थे। वे लगातार किराया दे रहे थे। प्रशासन और पालिका ने उन्हें हटा दिया।
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उस समय शहर विधायक आकाश सक्सेना और तत्कालीन डीएम जोगेंद्र सिंह ने तीन महीने में दूसरी जगह दुकान देने का वादा किया था। पड़ताल के समय देखा गया कि सड़क चौड़ीकरण का आम आदमी को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। कई लोगों ने यहां अवैध पार्किंग बना दी है। वाहन मैकेनिक सड़क पर कब्जा कर सड़क पर वाहन की मरम्मत कर रहे हैं। 76 साल के बुजुर्ग रोडवेज के पास एक टेबल में पेचकस आदि बेचते दिखे। उन्होंने कहा यहीं पर मेरी दुकान थी। दुकान देने का वादा किया था। अब तक दुकान नहीं मिली। टेबल में सामान बेचकर काम चला रहा हूं।
क्या बोले व्यापारी-
जिला प्रशासन और नगर पालिका ने उन्हें बिना नोटिस के हटा दिया। उस समय शहर विधायक आकाश सक्सेना और डीएम जोगिंदर सिंह ने उनके साथ बैठक कर आश्वासन दिया कि तीन महीने में उन्हें मीना बाजार में दुकान आवंटित की जाएंगी। लेकिन आज तक दुकान आवंटित नहीं हुई है। -शिवनंदन
नगर पालिका ने दुकान आवंटित की थी। 30 साल से वे दुकान पर काबिज थे। प्रशासन ने बिना नोटिस दिए दुकान तोड़ दी। मजबूरी में आज सड़क किनारे फुटपाथ में सामान बेचना पड़ रहा है। कई बार डीएम और विधायक को वादा निभाने का ज्ञापन दे चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -तुषार
हमने सड़क पर कोई अतिक्रमण नहीं किया था। पालिका और सोसायटी ने दुकान आवंटित की थी। नौ महीने से दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं। आज तक किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। -राजेंद्र कुमार
सड़क चौड़ीकरण का आम लोगों को फायदा नहीं हो रहा है। लोगों ने सड़क पर अवैध पार्किंग बना दी है। कई व्यापारी सड़क पर काम कर रहे हैं।-फरीद
दुकान किराये पर लेने के लिए पैसे नहीं हैं। मजबूरी में सड़क किनारे फुटपाथ में सीट कवर, गाड़ी के बैग बेच रहा हूं। पालिका वाले कई बार उसे हटा चुके हैं। घर चलाना मुश्किल हो गया है। -राशिद
मेरे पास नगर पालिका का अलाॅटमेंट लेटर है। मैं 1964 से यहां दुकान कर रहा था। मेरी उम्र 76 साल है। मेरी दुकान तोड़ दी गई। अब घर चलाने के लिए मेज पर सामान बेच रहा हूं। -शहीद खान
शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सभी व्यापारियों को दुकान टूटने से पहले घर बुलाया था। आश्वासन दिया कि तीन महीने बाद मोदी जी का जन्मदिन है। उस दिन आपको दुकान आवंटित कर दी जाएगी। आज तक दुकानें नहीं दी गईं। वादे झूठे निकले। -बाबर
कोट
हम मीना बाजार में दुकान देना चाह रहे हैं लेकिन कोई आवेदन नहीं कर रहा है। 104 दुकानों का प्रस्ताव बनाकर तैयार किया गया है। आरडीए को इन दुकानों का निर्माण करना है। लोग आवेदन करें, दुकान दी जाएगी। -आकाश सक्सेना, शहर विधायक
