लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur ›   Uproar broke out over stopping burqa wear women at sports stadium in Rampur

बुर्के पर विवाद: रामपुर में बुर्का पहनकर स्टेडियम पहुंचीं महिलाओं को कर्मचारी ने रोका, फिर भाजपा नेता के दखल पर हुआ हंगामा

संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 09 Jun 2022 09:19 PM IST
सार

स्टेडियम में खिलाड़ी फुटबॉल और हॉकी की प्रैक्टिस के लिए आए हुए थे। इसी दौरान पांच महिलाएं बुर्का पहनकर स्टेडियम में घूमने पहुंचीं। वह मैदान की ओर बढ़ने लगीं। इस पर खेल में बाधा आई तो, उन्हें रोका गया। इस पर महिलाएं आपत्ति करने लगीं।

मामले को लेकर होती बहस
मामले को लेकर होती बहस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

रामपुर में बमनपुरी स्थित शहीद ए आजम स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस के समय बुर्का पहनकर ट्रैक पर टहलने पहुंची महिलाओं को स्टेडियम कर्मियों ने ट्रैक से बाहर जाने को कह दिया। जिसके बाद महिलाओं ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष को इसकी सूचना दे दी। इस पर भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए और उनकी क्रीड़ाधिकारी से इसी बात को लेकर जमकर नोकझोंक हो गई। रविवार को हुए मामले का किसी ने वीडियो बना लिया जो अब वायरल हो रहा है।

रविवार पांच जून को स्टेडियम में खिलाड़ी फुटबॉल और हॉकी की प्रैक्टिस के लिए आए हुए थे। इसी दौरान पांच महिलाएं बुर्का पहनकर स्टेडियम में घूमने पहुंचीं। वह मैदान की ओर बढ़ने लगीं। इस पर खेल में बाधा आई तो, उन्हें रोका गया। इस पर महिलाएं आपत्ति करने लगीं। उन्होंने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान व अन्य लोगों को फोन कर बुला लिया। उन्होंने भी महिलाओं को मैदान में टहलने से रोकने पर आपत्ति जताई। मामले को लेकर महिलाओं और भाजपा नेता वसीम खान की जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह से तीखी नोकझोंक हो गई।

जिला क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह का कहना है कि स्टेडियम में प्रवेश के नियम हैं। कोई भी बिना ट्रैक सूट के प्रवेश नहीं कर सकता। महिलाओं के सिर्फ बुर्का पहनने की बात नहीं है, यदि वह साड़ी पहनकर भी जातीं तो रोक दिया जाता। महिलाओं के घूमने से खिलाड़ियों की प्रैक्टिस में व्यवधान आ रहा था। जिला क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि महिलाओं के साथ आए एक व्यक्ति स्वीमिंग के लिए निर्धारित ड्रेस पहने बिना सामान्य कपड़ों में स्वीमिंग के लिए भी दवाब बना रहे थे।

वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष वसीम खान ने बताया कि उनके एक एनजीओ की सदस्य सना खान ने अपनी बेटी का स्वीमिंग सीखने के लिए प्रवेश लिया था। घटना वाले दिन सना खान की बेटी ने ग्राउंड में घूमने को कहा तो वो भी कुछ अन्य महिलाओं के साथ बेटी को लेकर ग्राउंड में जाने लगीं तो जिला क्रीड़ाधिकारी ने बुर्का पहने महिलाओं को ग्राउंड पर जाने से रोक दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00