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Saharanpur News: 25 हजार भवनों की होगी जांच, गलत सूचना भरने पर लगेगा जुर्माना
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नगर निगम का गृहकर एवं जलकर अनुभाग।
- फोटो : केडीए
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- जीआईएस सर्वे के बिलों को गलत बताते हुए हजारों लोगों ने स्वकर प्रपत्र भरकर जमा कराया है टैक्स
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्वकर प्रपत्र भरकर गृहकर एवं जलकर जमा कराने वालों के भवनों की जांच होगी। यदि स्वकर प्रपत्र में भरी गई सूचना भौतिक जांच में गलत पाई जाती है तो संबंधित पर जुर्माना भी लगेगा।
सरकार ने जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे कराकर टैक्स निर्धारित किया है। सर्वे के बाद निगम ने करीब 38 हजार व्यावसायिक भवनों के बिल जारी किए थे, जिनमें से अनेक व्यापारियों और उद्यमियों ने जीआईएस सर्वे के बिलों को चुनौती देते हुए गलत साबित किया था। पांच हजार से अधिक आपत्तियां आई थी। इसके बाद नगर निगम बैकफुट पर आया और स्वकर निर्धारण प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया। करीब 25 फीसदी लोगों ने जीआईएस सर्वे के बिलों को गलत ठहराते हुए स्वकर के प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराया है।
इसके बाद नगर निगम ने जीआईएस सर्वे आधारित 72 हजार नोटिस आवासीय भवनों के जारी किए हैं, जिनके साथ स्वकर का प्रपत्र भी भेजा है। इसमें भी करीब 25 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो जीआईएस के नोटिस में अपने भवन के क्षेत्रफल को अधिक और गलत साबित कर स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा करा रहे हैं, लेकिन अब नगर निगम ने स्वकर प्रपत्र भरने वाले सभी लोगों के भवनों की भौतिक जांच कराने का निर्णय लिया है। यदि प्रपत्र में भरा गया क्षेत्रफल वास्तविक क्षेत्रफल से कम पाया जाता है तो नगर निगम टैक्स पूरा भी लगाएगा और जुर्माना भी वसूल करेगा।
-- बिना जांच नहीं जमा होगा टैक्स
अभी तक लोग स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा करा रहे थे, लेकिन अब नगर निगम ने इस पर रोक लगा दी है। नगर निगम ने निर्णय लिया है कि जो भी लोग अब स्वकर प्रपत्र भरेंगे। पहले नगर निगम उनके भवन की जांच कराएगा। जांच में भरा गया क्षेत्रफल सही पाए जाने के बाद ही टैक्स जमा कराया जाएगा। यदि गलत भरा गया है तो उसे ठीक कराकर पूरा टैक्स वसूला जाएगा।
-- पार्षद ने महापौर को सौंपा ज्ञापन
वार्ड 44 के पार्षद फहाद सलीम ने महापौर डॉ. अजय कुमार को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के भवनों का क्षेत्रफल जीआईएस सर्वे में गलत भरा गया है। वह स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराना चाहते हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी टैक्स जमा करने से मना कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले जांच होगी उसके बाद टैक्स जमा होगा। इससे लोग परेशान हैं।
-- यदि किसी व्यक्ति को जीआईएस सर्वे आधारित बिलों में दर्शाए गए भवन के क्षेत्रफल पर आपत्ति है तो उनसे स्वकर प्रपत्र भरवाए गए हैं। यह नगर निगम का अधिकार है कि वह स्वकर प्रपत्र भरने वालों के भवनों की जांच कराए, जिससे पता चले कि वास्तविक क्षेत्रफल भरा है या नहीं। - सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्वकर प्रपत्र भरकर गृहकर एवं जलकर जमा कराने वालों के भवनों की जांच होगी। यदि स्वकर प्रपत्र में भरी गई सूचना भौतिक जांच में गलत पाई जाती है तो संबंधित पर जुर्माना भी लगेगा।
सरकार ने जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे कराकर टैक्स निर्धारित किया है। सर्वे के बाद निगम ने करीब 38 हजार व्यावसायिक भवनों के बिल जारी किए थे, जिनमें से अनेक व्यापारियों और उद्यमियों ने जीआईएस सर्वे के बिलों को चुनौती देते हुए गलत साबित किया था। पांच हजार से अधिक आपत्तियां आई थी। इसके बाद नगर निगम बैकफुट पर आया और स्वकर निर्धारण प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया। करीब 25 फीसदी लोगों ने जीआईएस सर्वे के बिलों को गलत ठहराते हुए स्वकर के प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराया है।
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इसके बाद नगर निगम ने जीआईएस सर्वे आधारित 72 हजार नोटिस आवासीय भवनों के जारी किए हैं, जिनके साथ स्वकर का प्रपत्र भी भेजा है। इसमें भी करीब 25 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो जीआईएस के नोटिस में अपने भवन के क्षेत्रफल को अधिक और गलत साबित कर स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा करा रहे हैं, लेकिन अब नगर निगम ने स्वकर प्रपत्र भरने वाले सभी लोगों के भवनों की भौतिक जांच कराने का निर्णय लिया है। यदि प्रपत्र में भरा गया क्षेत्रफल वास्तविक क्षेत्रफल से कम पाया जाता है तो नगर निगम टैक्स पूरा भी लगाएगा और जुर्माना भी वसूल करेगा।
अभी तक लोग स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा करा रहे थे, लेकिन अब नगर निगम ने इस पर रोक लगा दी है। नगर निगम ने निर्णय लिया है कि जो भी लोग अब स्वकर प्रपत्र भरेंगे। पहले नगर निगम उनके भवन की जांच कराएगा। जांच में भरा गया क्षेत्रफल सही पाए जाने के बाद ही टैक्स जमा कराया जाएगा। यदि गलत भरा गया है तो उसे ठीक कराकर पूरा टैक्स वसूला जाएगा।
वार्ड 44 के पार्षद फहाद सलीम ने महापौर डॉ. अजय कुमार को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के भवनों का क्षेत्रफल जीआईएस सर्वे में गलत भरा गया है। वह स्वकर प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराना चाहते हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी टैक्स जमा करने से मना कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहले जांच होगी उसके बाद टैक्स जमा होगा। इससे लोग परेशान हैं।
