फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Corporation takes a tough stance on illegally constructed shops; rent will be recovered.

Saharanpur News: अवैध रूप से बनाई दुकानों को लेकर निगम सख्त, होगी किराया वसूली

Fri, 14 Aug 2026 01:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 14 Aug 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
Corporation takes a tough stance on illegally constructed shops; rent will be recovered.
सहारनपुर। नगर निगम की जमीनों पर अवैध रूप से बाजार तैयार होती गईं और जिम्मेदार सोते रहे। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक दबाव में न तो संबंधित पर कोई कार्रवाई हुई और न ही किराया तक वसूला गया। अब नगर निगम इसे लेकर सख्ती के मूड में है। नगर आयुक्त के निर्देश के बाद संपत्ति विभाग सभी दुकानों का ब्योरा जुटा रहा है, जिनसे पाई-पाई की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन

बेहट रोड स्थित एक बड़ा भूखंड धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए समिति को लीज पर दिया गया था। जमीन ऑनरोड होने के कारण समिति ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए 32 दुकानों का निर्माण करा दिया। उस समय सहारनपुर नगर पालिका परिषद थी। तब अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की, लेकिन नगर निगम बनने के बाद भी अधिकारियों ने कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। निगम बनने के बाद दुकानों के ऊपर और दुकानें बना दी गईं। तीन मंजिला तक दुकानें बन गईं। हैरत की बात यह है कि इन दुकानों का किराया समिति वसूलती रही।
विज्ञापन

लीज समाप्त होने के बाद नगर निगम बोर्ड ने 2022 में दुकानें अपने अधीन लेने और किराया वसूलने का निर्णय लिया, लेकिन हैरानी की बात कि 2022 के बाद से इन दुकानों से किराया वसूली नहीं हो रही है। अब संपत्ति विभाग किराया वसूली की तैयारी में है। उधर, रेलवे रोड पर भी नगर निगम की पूरी बाजार है, जो किराये पर चल रही है। यहां भी दुकानों के स्वरूप बदलने के साथ ही उनके ऊपर अवैध रूप से दुकानें बना दी गईं। नगर निगम सूत्रों ने बताया कि अनेक दुकानदार किराया नहीं चुका रहे हैं, जिनसे वसूली की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आवंटियों ने कर लिए अवैध निर्माण
नुमाइश कैंप में नगर निगम की पूरी बाजार है। यहां करीब तीन दर्जन दुकानें किराये पर आवंटित की हुई हैं। हैरत की बात यह है कि लगभग सभी आवंटियों ने अपनी दुकानों के ऊपर दुकानें बना लीं। सूत्र बताते हैं कि कईयों ने ऊपर दुकान बनाने के बाद अन्य लोगों को किराये पर दे दी। चार साल पहले नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते प्रक्रिया रोक दी गई।

नगर निगम की जमीनों पर जो भी बाजार या दुकानें बनी हैं शत-प्रतिशत से किराया वसूली होनी है। साथ ही आज के हिसाब से किराया संशोधित करने को भी कहा गया है। प्रयास यही है कि नगर निगम की आय बढ़े, जिससे शहर का विकास और बेहतर हो।
- शिपू गिरि, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed