{"_id":"69ee4ee9bfa9d3ef000ea37a","slug":"dig-news-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-174202-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्दी महज कपड़ा नहीं, सुरक्षा की जिम्मेदारी : डीआईजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्दी महज कपड़ा नहीं, सुरक्षा की जिम्मेदारी : डीआईजी
विज्ञापन
पुलिसकर्मी बनने की खुशी : पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत परेड के बाद जश्न मनाते आरक्षी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सहारनपुर। पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में रविवार को दीक्षांत परेड का आयोजन हुआ। इस मौके पर डीआईजी ने रिक्रूट आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी महज एक कपड़ा नहीं है। यह व्यवस्था और कमजोर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। इस दौरान अमरदीप सिंह को सर्वोत्तम आरक्षी की ट्रॉफी दी गई।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि नौ महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद सभी 1212 पुलिसकर्मी विभाग में शामिल हो गए हैं। पुलिस लाइन में 490 आरक्षियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कुल 1212 में से 964 पुरुष और 248 महिला आरक्षी हैं। उन्होंने बताया कि इस बार का प्रशिक्षण विशेष रहा है। बदलती चुनौतियों के बीच प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी आरक्षियों को प्रशिक्षण मिला है। परेड में 18 टोलियों ने मुख्य अतिथि डीआईजी अभिषेक सिंह को सलामी दी। इससे पहले डीआईजी अभिषेक सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने कहा कि प्रशिक्षु आरक्षियों को भारतीय न्याय संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पुलिस का संगठनात्मक ढांचा, उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी आदि का भी प्रशिक्षण हासिल है।
-- -- -
इन्हें मिला पुरस्कार
नाम-- -- -- -- -- -- -- -- -- विवरण
विजेंद्र सिंह-- -- -- पुलिस इतिहास, अंतर्विभागीय समन्वय, अनुशासन
सुंदरम-- -- -- -- -- पुलिस विज्ञान, अपराध शास्त्र, नियंत्रण, अभियोजन
जितेंद्र कुमार-- -- -सुरक्षा, लोक व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण
सूरज सिंह-- -- -- -- -भारतीय संविधान, मानवाधिकार, बाल संरक्षण, संवाद कौशल
कुलदीप-- -- -- अपराध विधि, बीएनएस, बीएनएसएस, साक्ष्य अधिनियम
मोनू-- -- -- -- -- -- -- -- विविध अधिनियम
आदित्य कुमार-- -- -- कंप्यूटर साइंस एवं साइबर क्राइम
सौरभ कुमार-- -- -- -- -- विधि विज्ञान, विधि चिकित्सा शास्त्र, प्राथमिक उपचार
अंकुश कुमार-- -- -- -- -- शारीरिक प्रशिक्षण
अमरदीप सिंह-- -- -- -- -- -- -पदाति प्रशिक्षण
अंकित कुमार-- -- -- -- -- -- -- -शस्त्र प्रशिक्षण
जितेंद्र कुमार-- -- -- -- -- -- -- जंगल प्रशिक्षण, पील्ड क्राफ्ट एवं टैक्टिक्स
विनीत जैन-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- अनआर्म्ड कांबैट
मोहम्मद शानिव-- -- -- योगासन
अमरदीप सिंह-- -- -- -- यातायात नियंत्रण
निशांत कमल-- -- -- आतंकवाद, डैकती निरोधक प्रशिक्षण
पुष्पेंद्र सिंह-- -- -- -- -विशिष्ट तलाशी अभियान
अमरदीप सिंह-- -- प्रथम कमांडर
परवीन कुमार-- -- -- -- -द्वितीय कमांडर
अभिषेक कुमार-- -- -- -तृतीय कमांडर
समरजीत सिंह- सर्वांग अंतः विषय
प्रशांत-- -- -- -- -- -- -- -सर्वांग बाह्य विषय
Trending Videos
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि नौ महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद सभी 1212 पुलिसकर्मी विभाग में शामिल हो गए हैं। पुलिस लाइन में 490 आरक्षियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कुल 1212 में से 964 पुरुष और 248 महिला आरक्षी हैं। उन्होंने बताया कि इस बार का प्रशिक्षण विशेष रहा है। बदलती चुनौतियों के बीच प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी आरक्षियों को प्रशिक्षण मिला है। परेड में 18 टोलियों ने मुख्य अतिथि डीआईजी अभिषेक सिंह को सलामी दी। इससे पहले डीआईजी अभिषेक सिंह ने परेड का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने कहा कि प्रशिक्षु आरक्षियों को भारतीय न्याय संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पुलिस का संगठनात्मक ढांचा, उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी आदि का भी प्रशिक्षण हासिल है।
इन्हें मिला पुरस्कार
नाम
विजेंद्र सिंह
सुंदरम
जितेंद्र कुमार
सूरज सिंह
कुलदीप
मोनू
आदित्य कुमार
सौरभ कुमार
अंकुश कुमार
अमरदीप सिंह
अंकित कुमार
जितेंद्र कुमार
विनीत जैन
मोहम्मद शानिव
अमरदीप सिंह
निशांत कमल
पुष्पेंद्र सिंह
अमरदीप सिंह
परवीन कुमार
अभिषेक कुमार
समरजीत सिंह- सर्वांग अंतः विषय
प्रशांत

कमेंट
कमेंट X