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Saharanpur News: 47.78 करोड़ से बने हैबिटेट सेंटर की हुई जांच, निर्माण में मिलीं खामियां
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 27 May 2026 12:48 AM IST
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सहारनपुर। 47.78 करोड़ रुपये से तैयार किए जा रहे हैबिटेट सेंटर के निर्माण में कई खामियां मिली हैं। मंडलायुक्त की तरफ से कराई गई जांच में इसका पता चला। इसके बाद जांच समिति ने खामियों को दूर करने के लिए कहा है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में 103 परियोजनाएं ली गई हैं। इनमें से 102 परियोजनाएं पूर्ण होने का दावा है, जबकि हैबिटेट सेंटर का निर्माण अब भी चल रहा है। हैबिटेट सेंटर शुरू से ही विवादों में रहा है। तीन ठेकेदार बदल चुके हैं। कार्य की धीमी गति के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है। बार-बार ठेकेदार बदलने की वजह से कार्य बार-बार प्रभावित हुआ। हाल ही में मंडलायुक्त द्वारा लोक निर्माण विभाग से इसकी जांच कराई गई।
जांच समिति ने पाया कि हैबिटेट सेंटर के अंदर और परिसर में बाहर बिछा ग्रेनाइट कहीं ऊंचा तो कहीं नीचा है। साथ ही कई जगह ग्रेनाइट का रंग भी मेल नहीं खा रहा है। इसकी वजह से वह भद्दा नजर आ रहा है। सीढि़यों पर लगाए गए ग्रेनाइट के कई जगह से कोने टूटने के बाद पूरा पत्थर बदलने की बजाय केवल कोना काटकर दूसरा टुकड़ा चिपकाया गया है, जिसका भी रंग मेल नहीं खा रहा है। हालांकि बिल्डिंग का पूरा स्ट्रक्चर मजबूत पाया गया है।
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उधर, स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग में किसी तरह की खामी नहीं है। इसे ठेके पर दिया जा चुका है। ठेकेदार अपने हिसाब से बदलाव कर रहे हैं।
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अधूरे भवन का करा दिया लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात मई 2026 को सहारनपुर पहुंचे थे। उन्होंने अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। हैरत की बात यह है कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अधूरे निर्मित हैबिटेट सेंटर का भी लोकार्पण करा दिया, जबकि अभी तक उसकी बाउंड्री वॉल अधूरी है। गेट बनाया जा रहा है। भवन के एक हिस्से पर ग्लास लगाए जा रहे हैं। आग से बचाने के लिए पाइपलाइन भी लोकार्पण के बाद बिछाई गई है।
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हैबिटेट सेंटर के निर्माण में कुछ खामियां मिली हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रूपेश कुमार, मंडलायुक्त
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में 103 परियोजनाएं ली गई हैं। इनमें से 102 परियोजनाएं पूर्ण होने का दावा है, जबकि हैबिटेट सेंटर का निर्माण अब भी चल रहा है। हैबिटेट सेंटर शुरू से ही विवादों में रहा है। तीन ठेकेदार बदल चुके हैं। कार्य की धीमी गति के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है। बार-बार ठेकेदार बदलने की वजह से कार्य बार-बार प्रभावित हुआ। हाल ही में मंडलायुक्त द्वारा लोक निर्माण विभाग से इसकी जांच कराई गई।
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जांच समिति ने पाया कि हैबिटेट सेंटर के अंदर और परिसर में बाहर बिछा ग्रेनाइट कहीं ऊंचा तो कहीं नीचा है। साथ ही कई जगह ग्रेनाइट का रंग भी मेल नहीं खा रहा है। इसकी वजह से वह भद्दा नजर आ रहा है। सीढि़यों पर लगाए गए ग्रेनाइट के कई जगह से कोने टूटने के बाद पूरा पत्थर बदलने की बजाय केवल कोना काटकर दूसरा टुकड़ा चिपकाया गया है, जिसका भी रंग मेल नहीं खा रहा है। हालांकि बिल्डिंग का पूरा स्ट्रक्चर मजबूत पाया गया है।
उधर, स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग में किसी तरह की खामी नहीं है। इसे ठेके पर दिया जा चुका है। ठेकेदार अपने हिसाब से बदलाव कर रहे हैं।
अधूरे भवन का करा दिया लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात मई 2026 को सहारनपुर पहुंचे थे। उन्होंने अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। हैरत की बात यह है कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने अधूरे निर्मित हैबिटेट सेंटर का भी लोकार्पण करा दिया, जबकि अभी तक उसकी बाउंड्री वॉल अधूरी है। गेट बनाया जा रहा है। भवन के एक हिस्से पर ग्लास लगाए जा रहे हैं। आग से बचाने के लिए पाइपलाइन भी लोकार्पण के बाद बिछाई गई है।
हैबिटेट सेंटर के निर्माण में कुछ खामियां मिली हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रूपेश कुमार, मंडलायुक्त