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Saharanpur News: पुराने काम पूरे नहीं हुए...शुरू हो गई नई योजना
Fri, 03 Jul 2026 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:59 AM IST
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सहारनपुर। 30 जून से मनरेगा का अध्याय बंद हुआ, लेकिन अधूरे काम और करोड़ों के बकाए ने नई विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबीजी-रामजी) योजना का स्वागत मुश्किल बना दिया। जिले में 6294 अधूरे कार्य, 21.36 करोड़ रुपये का लंबित भुगतान और नई कार्ययोजना का दबाव एक साथ सामने है। सरकार 125 दिन रोजगार और एक सप्ताह में भुगतान का दावा कर रही है, मगर जमीनी हकीकत यह है कि पुरानी योजना का बोझ उतारे बिना नई व्यवस्था रफ्तार पकड़ना आसान नहीं होगा। ऐसे में वीबीजी-रामजी की असली परीक्षा शुरुआत से ही चुनौतियों के बीच होने जा रही है।
मनरेगा योजना के पिछले दो वित्तीय वर्ष के अधूरे कार्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह चौंकाने वाले हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में योजना में 2357 कार्य अधूरे हैं। इसी तरह वित्त वर्ष 20225-26 के 3937 कार्य अधूरे हैं। इन अधूरे कार्यों के बीच नई योजनाओं के लिए कार्य योजना बनाना चुनौती साबित हो रहा है। हालांकि विभाग ने नई योजना के तहत 3053 कार्यों की योजना बनाकर युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड भी कर दी है। इसमें से 872 कार्यों को स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन पिछली योजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराना कठिन होगा। अधूरे कार्यों को पोर्टल से हटाने का भी विकल्प नहीं है।
- सामग्री अंश के 21.36 करोड़ रुपये बकाया
मनरेगा के तहत पक्के निर्माण या फिर सामग्री अंश के 21.36 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाया ने भी विभाग की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। कुछ भुगतान पहले किया गया है, लेकिन तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक भुगतान अटका हुआ है। ऐसे में जिन फर्मों का भुगतान होना है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- इस वित्त वर्ष में 48092 मानव दिवस का हुआ कार्य
मनरेगा के तहत एक अप्रैल से 30 जून तक कुल 3258 पंजीकृत श्रमिकों को कार्य दिया गया है। इन्होंने 48092 मानव दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ। जिले में 99,126 सक्रिय श्रमिक है। अब सभी श्रमिकों को नई योजना के तहत काम दिया जाएगा।
- नई योजना में होंगे भूमि सुधार, संरक्षण और संपर्क मार्ग जैसे कार्य
मनरेगा में मुख्य रूप से अकुशल शारीरिक श्रम, गड्ढे खोदने, कच्ची सड़कें बनाने, पौधरोपण और तालाब खोदाई आदि कार्य होते थे। नई योजना में कृषि एवं भूमि सुधार कार्य, पौधरोपण, जल, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार गतिविधियां आधारभूत संरचना, ग्रामीण संपर्क मार्ग आदि के कार्य कराए जाएंगे।
मनरेगा के तहत जो कार्य अधूरे हैं उन्हें पूरा कराया जा रहा है। नई योजना में 15 के बजाय एक सप्ताह में भुगतान की व्यवस्था है। इसमें पंजीकृत श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।
- प्रणय कृष्ण, प्रभारी वीबीजीरामजी
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मनरेगा योजना के पिछले दो वित्तीय वर्ष के अधूरे कार्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह चौंकाने वाले हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में योजना में 2357 कार्य अधूरे हैं। इसी तरह वित्त वर्ष 20225-26 के 3937 कार्य अधूरे हैं। इन अधूरे कार्यों के बीच नई योजनाओं के लिए कार्य योजना बनाना चुनौती साबित हो रहा है। हालांकि विभाग ने नई योजना के तहत 3053 कार्यों की योजना बनाकर युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड भी कर दी है। इसमें से 872 कार्यों को स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन पिछली योजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराना कठिन होगा। अधूरे कार्यों को पोर्टल से हटाने का भी विकल्प नहीं है।
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- सामग्री अंश के 21.36 करोड़ रुपये बकाया
मनरेगा के तहत पक्के निर्माण या फिर सामग्री अंश के 21.36 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाया ने भी विभाग की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। कुछ भुगतान पहले किया गया है, लेकिन तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक भुगतान अटका हुआ है। ऐसे में जिन फर्मों का भुगतान होना है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- इस वित्त वर्ष में 48092 मानव दिवस का हुआ कार्य
मनरेगा के तहत एक अप्रैल से 30 जून तक कुल 3258 पंजीकृत श्रमिकों को कार्य दिया गया है। इन्होंने 48092 मानव दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ। जिले में 99,126 सक्रिय श्रमिक है। अब सभी श्रमिकों को नई योजना के तहत काम दिया जाएगा।
- नई योजना में होंगे भूमि सुधार, संरक्षण और संपर्क मार्ग जैसे कार्य
मनरेगा में मुख्य रूप से अकुशल शारीरिक श्रम, गड्ढे खोदने, कच्ची सड़कें बनाने, पौधरोपण और तालाब खोदाई आदि कार्य होते थे। नई योजना में कृषि एवं भूमि सुधार कार्य, पौधरोपण, जल, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार गतिविधियां आधारभूत संरचना, ग्रामीण संपर्क मार्ग आदि के कार्य कराए जाएंगे।
मनरेगा के तहत जो कार्य अधूरे हैं उन्हें पूरा कराया जा रहा है। नई योजना में 15 के बजाय एक सप्ताह में भुगतान की व्यवस्था है। इसमें पंजीकृत श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा।
- प्रणय कृष्ण, प्रभारी वीबीजीरामजी