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Saharanpur News: पौने चार फीट के सुल्तान ने राजू पहलवान को हराया
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:30 AM IST
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चिलकाना। गांव फिरोजाबाद में शहंशाह अब्दुल्ला पीर के मेले में बुधवार को हुए दंगल में पहलवानों ने दमदार प्रदर्शन किया। सबसे रोमांचक कुश्ती पौने चार फीट के छोटा सुल्तान पहलवान और राजू पहलवान के बीच हुई। इसमें छोटा पहलवान ने जीत दर्ज की।
दंगल की पहली कुश्ती खेड़ा अफगान के आलमगीर और बंटी पहलवान जगाधरी के बीच हुई, जिसमें आलमगीर पहलवान विजयी रहा। दंगल की अगली कुश्ती में कलियर के बाबा मोनीश फ़क़ीर पहलवान और भाकला के सोनू पहलवान के बीच हुई रोमांचक कुश्ती करीब पांच मिनट तक चली, जिसमें बाबर मोनीश फ़क़ीर पहलवान ने जीत हासिल की। अगली कुश्ती गुमटी के दिलशाद पहलवान और खजूरहेड़ी के वकील पहलवान के बीच हुई, दोनों पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में दोनों पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दोनों पहलवानों के बीच हुई कुश्ती बराबर रही।
दंगल की अगली कुश्ती में अपलाना के सुशील पहलवान ने सहारनपुर के छोटा पहलवान को चित किया। दंगल के अंतिम कुश्ती सहारनपुर के मोहम्मद अली और अपलाना बंटी पहलवान के बीच हुई, दोनों पहलवानों की बीच हुई कुश्ती बराबर रही। इस अवसर मकसूद अली खलीफा, बाबू राव, रेफरी सद्दाम अली, नदीम, बानू,सन्नवर राव,जल्लाद पहलवान, सुशील पहलवान कालू, दिलशाद पहलवान सहित कई लोग मौजूद रहे।
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छोटा सुल्तान हौसलों का बड़ा पहलवान
चिलकाना। सहारनपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले करीब पौने चार फीट कद का छोटा सुल्तान बचपन से ही पहलवानी कर रहा है। उसने महज आठ साल की उम्र में अपने पिता के साथ अखाड़े में कदम रखा और तभी से इस खेल को अपना जीवन बना लिया। छोटा सुल्तान देश के कई राज्यों के साथ नेपाल में भी मुकाबले लड़ चुका है। पहलवानी ही उनके परिवार के पालन-पोषण का जरिया है। उसके परिवार में बेटियां हैं, जबकि बीमारी के कारण उनके तीन बेटों का निधन हो चुका है। संघर्षों के बावजूद छोटा सुल्तान अपने जुनून के दम पर आज भी अखाड़े में डटकर लोगों के लिए प्रेरणा बना है।
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दंगल की पहली कुश्ती खेड़ा अफगान के आलमगीर और बंटी पहलवान जगाधरी के बीच हुई, जिसमें आलमगीर पहलवान विजयी रहा। दंगल की अगली कुश्ती में कलियर के बाबा मोनीश फ़क़ीर पहलवान और भाकला के सोनू पहलवान के बीच हुई रोमांचक कुश्ती करीब पांच मिनट तक चली, जिसमें बाबर मोनीश फ़क़ीर पहलवान ने जीत हासिल की। अगली कुश्ती गुमटी के दिलशाद पहलवान और खजूरहेड़ी के वकील पहलवान के बीच हुई, दोनों पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में दोनों पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दोनों पहलवानों के बीच हुई कुश्ती बराबर रही।
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दंगल की अगली कुश्ती में अपलाना के सुशील पहलवान ने सहारनपुर के छोटा पहलवान को चित किया। दंगल के अंतिम कुश्ती सहारनपुर के मोहम्मद अली और अपलाना बंटी पहलवान के बीच हुई, दोनों पहलवानों की बीच हुई कुश्ती बराबर रही। इस अवसर मकसूद अली खलीफा, बाबू राव, रेफरी सद्दाम अली, नदीम, बानू,सन्नवर राव,जल्लाद पहलवान, सुशील पहलवान कालू, दिलशाद पहलवान सहित कई लोग मौजूद रहे।
छोटा सुल्तान हौसलों का बड़ा पहलवान
चिलकाना। सहारनपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले करीब पौने चार फीट कद का छोटा सुल्तान बचपन से ही पहलवानी कर रहा है। उसने महज आठ साल की उम्र में अपने पिता के साथ अखाड़े में कदम रखा और तभी से इस खेल को अपना जीवन बना लिया। छोटा सुल्तान देश के कई राज्यों के साथ नेपाल में भी मुकाबले लड़ चुका है। पहलवानी ही उनके परिवार के पालन-पोषण का जरिया है। उसके परिवार में बेटियां हैं, जबकि बीमारी के कारण उनके तीन बेटों का निधन हो चुका है। संघर्षों के बावजूद छोटा सुल्तान अपने जुनून के दम पर आज भी अखाड़े में डटकर लोगों के लिए प्रेरणा बना है।
