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Saharanpur News: औरंगजेबपुर के साइनबोर्ड पर पोती कालिख, की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:41 AM IST
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर लगे औरंगजेबपुर के बोर्ड पर पोती गई कालिख। संवाद
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छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हरिद्वार जिले की सीमा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा लगाए गए औरंगजेबपुर गांव के साइन बोर्ड पर कालिख से निशान बनाते हुए हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि देश सनातनियों का है यहां औरंगजेब जैसे शासकों के नाम बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
बृहस्पतिवार को कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बुग्गावाला थाने की अमानतगढ़ पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर लगे इस बोर्ड के पास पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष मार्च माह में गांव का नाम शिवाजी नगर करने के बावजूद औरंगजेबपुर नहीं हटाया गया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सुनील राठौर का कहना था कि यह देश सनातन संस्कृति और परंपराओं का है, किसी अकबर या औरंगज़ेब जैसे शासकों का नहीं।
उनके नाम पर सड़क, गांव या किसी भी सार्वजनिक स्थान का नामकरण किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत माता की जय और छत्रपति शिवाजी महाराज की जय के गगन भेदी नारे भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय शौर्य, स्वाभिमान और संस्कृति के प्रतीक हैं, इसलिए गांव का नाम उनके नाम पर रखा गया है। साइन बोर्ड पर भी इसे तत्काल बदला जाए। प्रदर्शन करने वालों में दीक्षांत चौहान, अजय चौहान, शुभम पाल, राजेंद्र कांबोज, कार्तिक राठौर, चेतन कांबोज आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बुग्गावाला थाने की अमानतगढ़ पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर लगे इस बोर्ड के पास पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष मार्च माह में गांव का नाम शिवाजी नगर करने के बावजूद औरंगजेबपुर नहीं हटाया गया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सुनील राठौर का कहना था कि यह देश सनातन संस्कृति और परंपराओं का है, किसी अकबर या औरंगज़ेब जैसे शासकों का नहीं।
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उनके नाम पर सड़क, गांव या किसी भी सार्वजनिक स्थान का नामकरण किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत माता की जय और छत्रपति शिवाजी महाराज की जय के गगन भेदी नारे भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय शौर्य, स्वाभिमान और संस्कृति के प्रतीक हैं, इसलिए गांव का नाम उनके नाम पर रखा गया है। साइन बोर्ड पर भी इसे तत्काल बदला जाए। प्रदर्शन करने वालों में दीक्षांत चौहान, अजय चौहान, शुभम पाल, राजेंद्र कांबोज, कार्तिक राठौर, चेतन कांबोज आदि मौजूद रहे।
