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Saharanpur News: वायाडक्ट का निर्माण पूरा, माता के भवन बिना रुकावट पहुंच रहे वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:26 AM IST
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर बनाया गया वायाडक्ट। संवाद
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छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 26 करोड़ रुपये की लागत से बने 1.3 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। एनएचएआई ने इसे वाहनों के लिए भी खोल दिया है। अब पश्चिमी यूपी और देश के अन्य हिस्सों से एक्सप्रेसवे के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन बिना किसी रुकावट के डाटकाली माता के भवन तक पहुंच रहे हैं।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मेरठ, सहारनपुर की ओर से मां डाटकाली मंदिर आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर है। एक्सप्रेसवे पर उत्तराखंड के प्रवेश द्वार पर स्थित टनल से पहले बनाए गए वायाडक्ट को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। यह वायाडक्ट एक्सप्रेसवे से सीधे मां डाटकाली मंदिर को जोड़ रहा है। इसके बनने से सहारनपुर की ओर से आने वाले भक्तों को मंदिर पहुंचने में आसानी हो गई है।
दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इसका निर्माण एक्सप्रेसवे पर रफ्तार को देखते हुए किया गया है। पहले यह निर्माण कार्य का हिस्सा नहीं था, लेकिन बाद में इसकी जरूरत महसूस हुई।
अधिकारियों ने माना कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार तेज होती है। ऐसे में यदि सहारनपुर की तरफ से आने वाले वाहन डाटकाली मंदिर जाने के लिए एक्सप्रेसवे पर यूटर्न लेंगे तो हादसों की संभावना बनी रहेगी।
इसके बाद मंदिर तक सुरक्षित आवागमन के लिए दिसंबर 24 में इस वायाडक्ट का निर्माण शुरू किया गया था जो एक साल में बनकर तैयार हो गया। अब वाहनों को मंदिर जाने के लिए यूटर्न नहीं लेना पड़ रहा है। सहारनपुर की तरफ से जाने वाले वाहन सीधे वायाडक्ट पर चढ़कर एक्सप्रेसवे के ऊपर बने फ्लाईओवर से होते हुए सीधे डाट काली मंदिर जा रहे हैं।
जिले में पूरा हुआ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य : जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। इसे लाखनौर से देहरादून तक वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लाखनौर से जिले की सीमा के आखिरी गांव जड़ौदा पांडा तक भी काम पूरा हो गया है लेकिन पेंटिंग आदि का काम चल रहा है।
इस हिस्से को भी 26 जनवरी से पहले वाहनों के लिए खोला गया था लेकिन गणतंत्र दिवस वाले दिन वाहनों का रैला उमड़ने के बाद इसे पेंटिंग और लाइट आदि का काम पूरा होने तक के लिए बंद कर दिया गया है। खंड दो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिव मोहन ने बताया कि केवल फिनिशिंग का काम बाकी है।
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दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मेरठ, सहारनपुर की ओर से मां डाटकाली मंदिर आने वाले भक्तों के लिए अच्छी खबर है। एक्सप्रेसवे पर उत्तराखंड के प्रवेश द्वार पर स्थित टनल से पहले बनाए गए वायाडक्ट को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। यह वायाडक्ट एक्सप्रेसवे से सीधे मां डाटकाली मंदिर को जोड़ रहा है। इसके बनने से सहारनपुर की ओर से आने वाले भक्तों को मंदिर पहुंचने में आसानी हो गई है।
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दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इसका निर्माण एक्सप्रेसवे पर रफ्तार को देखते हुए किया गया है। पहले यह निर्माण कार्य का हिस्सा नहीं था, लेकिन बाद में इसकी जरूरत महसूस हुई।
अधिकारियों ने माना कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार तेज होती है। ऐसे में यदि सहारनपुर की तरफ से आने वाले वाहन डाटकाली मंदिर जाने के लिए एक्सप्रेसवे पर यूटर्न लेंगे तो हादसों की संभावना बनी रहेगी।
इसके बाद मंदिर तक सुरक्षित आवागमन के लिए दिसंबर 24 में इस वायाडक्ट का निर्माण शुरू किया गया था जो एक साल में बनकर तैयार हो गया। अब वाहनों को मंदिर जाने के लिए यूटर्न नहीं लेना पड़ रहा है। सहारनपुर की तरफ से जाने वाले वाहन सीधे वायाडक्ट पर चढ़कर एक्सप्रेसवे के ऊपर बने फ्लाईओवर से होते हुए सीधे डाट काली मंदिर जा रहे हैं।
जिले में पूरा हुआ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य : जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। इसे लाखनौर से देहरादून तक वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लाखनौर से जिले की सीमा के आखिरी गांव जड़ौदा पांडा तक भी काम पूरा हो गया है लेकिन पेंटिंग आदि का काम चल रहा है।
इस हिस्से को भी 26 जनवरी से पहले वाहनों के लिए खोला गया था लेकिन गणतंत्र दिवस वाले दिन वाहनों का रैला उमड़ने के बाद इसे पेंटिंग और लाइट आदि का काम पूरा होने तक के लिए बंद कर दिया गया है। खंड दो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिव मोहन ने बताया कि केवल फिनिशिंग का काम बाकी है।
