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Sambhal News: मनुष्य का सबसे बड़ा धन उसका चरित्र होता है
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चंदौसी। कस्बा नरौली में सरदार सिंह इंटर कॉलेज के निकट हाथीखाना हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
तीसरे दिन कथा वाचक कृष्णकांत शास्त्री ने बताया कि जब राजा परीक्षित को सांप द्वारा मरने का शाप लगा, तो उन्होंने तीर्थ की ओर रुख किया। वहां मौजूद संतों ने राजा से कहा कि आप तो बहुत अच्छे राजा हैं, फिर आपको यह शाप कैसे लगा। तब राजा परीक्षित ने उत्तर दिया कि अगर यह शाप न लगा होता, तो संतों का साथ और मार्गदर्शन कैसे प्राप्त होता।
तभी सुखदेव जी वहां आए, जिनकी आयु उस समय केवल 16 वर्ष थी। कथा वाचक ने बताया कि हमें विषय भोग को त्यागकर इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और चरित्रवान बनना चाहिए। भगवान राम ने चरित्र को अपनाया और आदर्श जीवन जिया, जबकि रावण ने चरित्र खो दिया। हर दशहरे पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं, ताकि यह शिक्षा दी जा सके।
कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर बीना गुप्ता, मोनिका गुप्ता, श्वेता रस्तोगी, मीनाक्षी, सोनी, वंदना, अमित गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, सोमिल गुप्ता, सुमित गुप्ता, दिनेश कुमार, संजीव राघव आदि मौजूद रहे।
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तीसरे दिन कथा वाचक कृष्णकांत शास्त्री ने बताया कि जब राजा परीक्षित को सांप द्वारा मरने का शाप लगा, तो उन्होंने तीर्थ की ओर रुख किया। वहां मौजूद संतों ने राजा से कहा कि आप तो बहुत अच्छे राजा हैं, फिर आपको यह शाप कैसे लगा। तब राजा परीक्षित ने उत्तर दिया कि अगर यह शाप न लगा होता, तो संतों का साथ और मार्गदर्शन कैसे प्राप्त होता।
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तभी सुखदेव जी वहां आए, जिनकी आयु उस समय केवल 16 वर्ष थी। कथा वाचक ने बताया कि हमें विषय भोग को त्यागकर इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और चरित्रवान बनना चाहिए। भगवान राम ने चरित्र को अपनाया और आदर्श जीवन जिया, जबकि रावण ने चरित्र खो दिया। हर दशहरे पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं, ताकि यह शिक्षा दी जा सके।
कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर बीना गुप्ता, मोनिका गुप्ता, श्वेता रस्तोगी, मीनाक्षी, सोनी, वंदना, अमित गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, सोमिल गुप्ता, सुमित गुप्ता, दिनेश कुमार, संजीव राघव आदि मौजूद रहे।
