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Sambhal News: एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर श्रोताओं में भरा जोश
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बहजोई। पुराना बाजार श्रीरामलीला कमेटी के बैनर तले श्रीरामलीला मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
रविवार को संभल रोड चौकीपार स्थित श्रीरामलीला मंच पर रात करीब नौ बजे यह सम्मेलन शुरू हुआ। इसकी शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन से की गई।
कवि श्रीकांत ने अपनी रचना शहीदों की शहादत को कभी बदनाम मत करना सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। दिल्ली से आए कवि प्रताप फौजदार ने कहा, भगत सिंह जैसे बेटों को वतन अब भी तरसता है। उन्होंने वफा और ईमान पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मेरठ से आईं शुभम त्यागी ने मां की महत्ता पर कविता सुनाई।
राजस्थान के कोटा से आए भूपेंद्र राठौर ने देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं। बहजोई के सौरभकांत शर्मा ने भारत के गौरवशाली इतिहास का बखान किया। कवि दीपक शुक्ला दनादन ने राजनीतिक व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। आयोजकों ने कवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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सम्मेलन में विभिन्न प्रांतों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। श्रीकांत की देशभक्ति से भरी कविता ने श्रोताओं में उत्साह भर दिया। प्रताप फौजदार ने वतन के लिए बलिदान की भावना जगाई। शुभम त्यागी ने मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। भूपेंद्र राठौर और सौरभकांत शर्मा ने भी देशप्रेम और गौरव का संदेश दिया।
आयोजन में पालिकाध्यक्ष राजेश शंकर राजू का विशेष सहयोग रहा। उनके साथ तीरथ सराफ, कपिल गुप्ता, दिपेंद्र कुमार टिंकू, गोविंद वार्ष्णेय, कपिल वार्ष्णेय, सचिन कुमार नन्हा और अनुज कुमार ने भी योगदान दिया। सभी ने मिलकर कवि सम्मेलन को सफल बनाया।
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रविवार को संभल रोड चौकीपार स्थित श्रीरामलीला मंच पर रात करीब नौ बजे यह सम्मेलन शुरू हुआ। इसकी शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन से की गई।
कवि श्रीकांत ने अपनी रचना शहीदों की शहादत को कभी बदनाम मत करना सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। दिल्ली से आए कवि प्रताप फौजदार ने कहा, भगत सिंह जैसे बेटों को वतन अब भी तरसता है। उन्होंने वफा और ईमान पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मेरठ से आईं शुभम त्यागी ने मां की महत्ता पर कविता सुनाई।
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राजस्थान के कोटा से आए भूपेंद्र राठौर ने देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं। बहजोई के सौरभकांत शर्मा ने भारत के गौरवशाली इतिहास का बखान किया। कवि दीपक शुक्ला दनादन ने राजनीतिक व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। आयोजकों ने कवियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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सम्मेलन में विभिन्न प्रांतों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। श्रीकांत की देशभक्ति से भरी कविता ने श्रोताओं में उत्साह भर दिया। प्रताप फौजदार ने वतन के लिए बलिदान की भावना जगाई। शुभम त्यागी ने मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। भूपेंद्र राठौर और सौरभकांत शर्मा ने भी देशप्रेम और गौरव का संदेश दिया।
आयोजन में पालिकाध्यक्ष राजेश शंकर राजू का विशेष सहयोग रहा। उनके साथ तीरथ सराफ, कपिल गुप्ता, दिपेंद्र कुमार टिंकू, गोविंद वार्ष्णेय, कपिल वार्ष्णेय, सचिन कुमार नन्हा और अनुज कुमार ने भी योगदान दिया। सभी ने मिलकर कवि सम्मेलन को सफल बनाया।