{"_id":"6a384aa3806244eaaf04f319","slug":"industrial-corridor-schedule-of-identified-land-parcels-released-submit-objections-if-any-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-136818-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक गलियारा : चिह्नित गाटों की अनुसूची जारी, आपत्ति हो तो दर्ज कराएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक गलियारा : चिह्नित गाटों की अनुसूची जारी, आपत्ति हो तो दर्ज कराएं
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संभल। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए दूसरे चरण में चिह्नित गाटों की अनुसूची जारी हो गई है। यदि किसी किसान को कोई आपत्ति है तो वह 10 दिन में आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए डीएम, एसडीएम कार्यालय जाना होगा।
पहले चरण में 222.20 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो चुकी है। अब दूसरे चरण में भूमि खरीदी जानी है। इसके लिए गांव अमावती कुतुबपुर में 48.73, सारंगपुर में 92.25, भमौरी पट्टी में 58.31, खरसफा में 68.82, सौंधन मोहम्मदपुर में 58.67 हेक्टेयर भूमि खरीद को मंजूरी दी गई है। जबकि इन्हीं गांवों में 13.63 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि भी मिली है। कुल 340.44 हेक्टेयर भूमि की खरीद होनी है। यह पहले चरण से कहीं अधिक है, क्योंकि उस समय चार गांवों में 239 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी। जिनमें से 222 हेक्टेयर खरीदी गई। जहां समतलीकरण का काम चल रहा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 892 गाटे हैं, जिनकी खरीद होनी है। करीब पांच हजार किसान ऐसे हैं, जिनकी अनुसूची का प्रकाशन हो गया है, अब भूमि की खरीद होगी। बताया कि करीब 500 करोड़ से भूमि खरीदी जाएगी। मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से जो जमीन चिह्नित की गई है, उसकी खरीद के लिए 500 करोड़ रुपये ही खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। तहसीलदार का कहना है कि औद्योगिक गलियारा बनने से रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही साथ ही विकास भी होगा। संभल से करीब सात किलोमीटर दूरी पर यह औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। इससे संभल शहर का विकास तेजी से होगा। जिलेभर के युवाओं को इससे रोजगार मिलेगा।
प्रथम चरण की जमीन में विकास और विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था कराने के लिए काम चल रहा है। कार्यदाई संस्था ने काम शुरु किया है। सबसे पहले जमीन को समतल करके उसका लेवल तैयार किया जा रहा है। सड़क और भूखंडों की जमीन की निशानदेही करके पिलर स्थापित किए जा रहे हैं। दावा है कि इस जमीन के चारों ओर पिलर स्थापित करके फेंसिग कार्य भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
संभल जिले में खिरनी मोहिउद्दीनपुर समेत छह गांवों में विकसित होने वाला यह औद्योगिक गलियारा संभल में विकास का पहिया तेजी से घूमेगा। क्योंकि हड्डी-सींग के हस्तशिल्प आइटम और मेंथा कारोबार संभल की पहचान है। करोड़ों रुपये का कारोबार हर साल होता है। ऐसे में औद्योगिक गलियारे में कारोबार स्थापित करने से कारोबार और रोजगार के पंख लग जाएंगे। दरअसल इस औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश और देश के साथ विदेश की कंपनी भी इकाई स्थापित कर सकती हैं। इससे भी रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। संवाद
पहले चरण में 222.20 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो चुकी है। अब दूसरे चरण में भूमि खरीदी जानी है। इसके लिए गांव अमावती कुतुबपुर में 48.73, सारंगपुर में 92.25, भमौरी पट्टी में 58.31, खरसफा में 68.82, सौंधन मोहम्मदपुर में 58.67 हेक्टेयर भूमि खरीद को मंजूरी दी गई है। जबकि इन्हीं गांवों में 13.63 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि भी मिली है। कुल 340.44 हेक्टेयर भूमि की खरीद होनी है। यह पहले चरण से कहीं अधिक है, क्योंकि उस समय चार गांवों में 239 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी। जिनमें से 222 हेक्टेयर खरीदी गई। जहां समतलीकरण का काम चल रहा है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 892 गाटे हैं, जिनकी खरीद होनी है। करीब पांच हजार किसान ऐसे हैं, जिनकी अनुसूची का प्रकाशन हो गया है, अब भूमि की खरीद होगी। बताया कि करीब 500 करोड़ से भूमि खरीदी जाएगी। मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से जो जमीन चिह्नित की गई है, उसकी खरीद के लिए 500 करोड़ रुपये ही खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। तहसीलदार का कहना है कि औद्योगिक गलियारा बनने से रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही साथ ही विकास भी होगा। संभल से करीब सात किलोमीटर दूरी पर यह औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। इससे संभल शहर का विकास तेजी से होगा। जिलेभर के युवाओं को इससे रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रथम चरण की जमीन में विकास और विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था कराने के लिए काम चल रहा है। कार्यदाई संस्था ने काम शुरु किया है। सबसे पहले जमीन को समतल करके उसका लेवल तैयार किया जा रहा है। सड़क और भूखंडों की जमीन की निशानदेही करके पिलर स्थापित किए जा रहे हैं। दावा है कि इस जमीन के चारों ओर पिलर स्थापित करके फेंसिग कार्य भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
संभल जिले में खिरनी मोहिउद्दीनपुर समेत छह गांवों में विकसित होने वाला यह औद्योगिक गलियारा संभल में विकास का पहिया तेजी से घूमेगा। क्योंकि हड्डी-सींग के हस्तशिल्प आइटम और मेंथा कारोबार संभल की पहचान है। करोड़ों रुपये का कारोबार हर साल होता है। ऐसे में औद्योगिक गलियारे में कारोबार स्थापित करने से कारोबार और रोजगार के पंख लग जाएंगे। दरअसल इस औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश और देश के साथ विदेश की कंपनी भी इकाई स्थापित कर सकती हैं। इससे भी रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। संवाद