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Sambhal News: पोलो कार के एयर बैग खुले पर टक्कर से टूट गई सीट, अलग हुआ इंजन
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संभल। गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 से ज्यादा रफ्तार पर चालान का प्रावधान है लेकिन गांव अझरा के ग्रामीणों के अनुसार हादसे की आवाज गांव तक पहुंची। इसके बाद ही गांव निवासी सतीश और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। जब करीब पहुंचे तो पोलो कार का इंजन अलग पड़ा था। कार के एयर बैग तो खुले लेकिन टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पोलो कार की सीट ही टूट गईं।
मर्सिडीज के एयर बैग खुल हुए थे और कार में लोग फंसे थे। इसके बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों कार में सवार लोगाें को बाहर निकालना शुरू किया।
मौके पर पहुंचे दरोगा ने बताया कि पोलो और मर्सिडीज कार के एयर बैग खुले मिले हैं। पोलो कार के एयर बैग तो खुले लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि आगे की दोनों सीट ही टूट गईं इससे ही आगे सीट पर बैठे डॉक्टर और उनकी बेटी की जान चली गई। पोलो का इंजन भी टूटकर अलग हो गया। वहीं, मर्सिडीज कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन लग्जरी कार होने के चलते अगला ही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन उसमें सवार तीनों लोगों को मामूली चोट लगी है।
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एआरटीओ हादसे की जांच के लिए पहुंचे, माना तेज रफ्तार थी कोई एक कार
हादसे की सूचना के बाद एआरटीओ अमिताभ चतुर्वेदी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। दोनों कार को देखकर उन्होंने ने माना कि हादसे के समय कोई एक कार तेज रफ्तार में थी। इससे इतना भीषण हादसा हुआ कि सीटें टूट गईं। एआरटीओ ने माना कि गलत दिशा से आ रही पोलो कार की रफ्तार ज्यादा नहीं होगी लेकिन सही दिशा में दौड़ रही मर्सिडीज की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रतिघंटे से ज्यादा होने का अनुमान है। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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28 दिन में चार लोगों की जान गई, 58 लोग हुए घायल, लोकार्पण से पहले 10 ने गंवाई थी जान
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ है। इस दिन से ही वाहन दौड़ रहे हैं। 16 अप्रैल तक ट्रायल अवधि में वाहन चले लेकिन 17 अप्रैल से टोल लिया जा रहा है। इस अवधि में हुए हादसे में चार लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। इसमें मंगलवार का हादसा भी शामिल है। वहीं, लोकार्पण से पहले अवैध तरीके से वाहनों का संचालन किया गया। इसमें भी 10 लोगों की जान गई थी। एक हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों ने जान गंवा दी थी। इसके बाद भी न एक्सप्रेसवे के जिम्मेदार चेते और न जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है।
मर्सिडीज के एयर बैग खुल हुए थे और कार में लोग फंसे थे। इसके बाद ही पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों कार में सवार लोगाें को बाहर निकालना शुरू किया।
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मौके पर पहुंचे दरोगा ने बताया कि पोलो और मर्सिडीज कार के एयर बैग खुले मिले हैं। पोलो कार के एयर बैग तो खुले लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि आगे की दोनों सीट ही टूट गईं इससे ही आगे सीट पर बैठे डॉक्टर और उनकी बेटी की जान चली गई। पोलो का इंजन भी टूटकर अलग हो गया। वहीं, मर्सिडीज कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन लग्जरी कार होने के चलते अगला ही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ लेकिन उसमें सवार तीनों लोगों को मामूली चोट लगी है।
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28 दिन में चार लोगों की जान गई, 58 लोग हुए घायल, लोकार्पण से पहले 10 ने गंवाई थी जान
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हुआ है। इस दिन से ही वाहन दौड़ रहे हैं। 16 अप्रैल तक ट्रायल अवधि में वाहन चले लेकिन 17 अप्रैल से टोल लिया जा रहा है। इस अवधि में हुए हादसे में चार लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। इसमें मंगलवार का हादसा भी शामिल है। वहीं, लोकार्पण से पहले अवैध तरीके से वाहनों का संचालन किया गया। इसमें भी 10 लोगों की जान गई थी। एक हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों ने जान गंवा दी थी। इसके बाद भी न एक्सप्रेसवे के जिम्मेदार चेते और न जिला प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया है।