{"_id":"6a16072f8e4d867fb7034612","slug":"with-the-deputy-chief-ministers-departure-hopes-for-ultrasound-services-at-the-district-hospital-have-vanished-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-135864-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: उप मुख्यमंत्री के जाने के साथ खत्म हो गईं जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की उम्मीदें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: उप मुख्यमंत्री के जाने के साथ खत्म हो गईं जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की उम्मीदें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अरविंद कुमार
संभल। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के जिला अस्पताल से जाने के बाद ही अल्ट्रासाउंड की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। सात अप्रैल से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। उप मुख्यमंत्री का दौरा हुआ तो उम्मीद थी कि स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था कराएगा लेकिन 23 और 25 को वैकल्पिक व्यवस्था करके सिर्फ खानापूर्ति की गई। अब जनता का सवाल है कि डिप्टी सीएम का दौरा लगा तो वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई लेकिन यह नियमित क्यों नहीं हो सकी।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से जिलेभर के मरीज भटककर लौट रहे हैं। निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 500 से 600 रुपये लिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह चुनौती है। बताते चले कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल सिंह सात अप्रैल से मेडिकल अवकाश पर हैं। डेढ़ माह बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो वह नहीं लौटे। उन्होंने अपने अवकाश की अवधि बढ़ाई है।
डेढ़ माह तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने वाला स्वास्थ्य विभाग डिप्टी सीएम के आगमन के दौरान हरकत में आया और आनन फानन में अमरोहा के सीएमओ के द्वारा 23 और 25 मई को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई। लेकिन उप मुख्यमंत्री का दौरा खत्म हो गया है तो यह व्यवस्था भी खत्म हो गई है। जबकि संभल के जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से मरीज हर दिन परेशान होकर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
आंकड़े के मुताबिक हर दिन जिला अस्पताल में 50 मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनका अल्ट्रासाउंड होता है। इसमें चोटिल, गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। सबसे ज्यादा परेशान उन मरीजों को है जो जिले के दूर-दराज इलाके से जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था के लिए विभाग गंभीर है। बैठक करके विचार किया गया है। जल्द ही स्थाई व्यवस्था की जाएगी, ताकि अल्ट्रासाउंड होते रहें।
डॉ.राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस, जिला अस्पताल संभल
संभल। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के जिला अस्पताल से जाने के बाद ही अल्ट्रासाउंड की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। सात अप्रैल से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। उप मुख्यमंत्री का दौरा हुआ तो उम्मीद थी कि स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था कराएगा लेकिन 23 और 25 को वैकल्पिक व्यवस्था करके सिर्फ खानापूर्ति की गई। अब जनता का सवाल है कि डिप्टी सीएम का दौरा लगा तो वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई लेकिन यह नियमित क्यों नहीं हो सकी।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से जिलेभर के मरीज भटककर लौट रहे हैं। निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 500 से 600 रुपये लिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह चुनौती है। बताते चले कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल सिंह सात अप्रैल से मेडिकल अवकाश पर हैं। डेढ़ माह बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो वह नहीं लौटे। उन्होंने अपने अवकाश की अवधि बढ़ाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेढ़ माह तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने वाला स्वास्थ्य विभाग डिप्टी सीएम के आगमन के दौरान हरकत में आया और आनन फानन में अमरोहा के सीएमओ के द्वारा 23 और 25 मई को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई। लेकिन उप मुख्यमंत्री का दौरा खत्म हो गया है तो यह व्यवस्था भी खत्म हो गई है। जबकि संभल के जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से मरीज हर दिन परेशान होकर लौट रहे हैं।
Trending Videos
आंकड़े के मुताबिक हर दिन जिला अस्पताल में 50 मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिनका अल्ट्रासाउंड होता है। इसमें चोटिल, गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा रहती है। सबसे ज्यादा परेशान उन मरीजों को है जो जिले के दूर-दराज इलाके से जिला अस्पताल पहुंचते हैं।
रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था के लिए विभाग गंभीर है। बैठक करके विचार किया गया है। जल्द ही स्थाई व्यवस्था की जाएगी, ताकि अल्ट्रासाउंड होते रहें।
डॉ.राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस, जिला अस्पताल संभल