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Sambhal News: एसएम कॉलेज की प्रबंध समिति भंग, डीएम प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त
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चंदौसी। शासन की ओर से एसएम कॉलेज प्रबंध समिति को भंग करने और आगामी एक वर्ष अथवा किसी वैध प्रबंध समिति के गठन तक जिलाधिकारी को प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किए जाने की संस्तुति की गई है। प्रस्तावित ऑडिट में महाविद्यालय प्रबंध तंत्र से बार-बार अभिलेख मांगे गए लेकिन उपलब्ध न कराने की स्थिति में शासन स्तर से कार्रवाई शुरू की गई है।
प्रदेश के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज की ओर से 27 मई 2025 को पत्र भेजकर एसएम कॉलेज चंदौसी की प्रबंध समिति के विरुद्ध मिलीं वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कराने को उत्तर प्रदेश राज्य विवि अधिनियम-1973 के धारा-40 के तहत विशेष ऑडिट की अनुमति मांगी गई थी। शासन के पत्र 19 जून 2025 द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
विशेष ऑडिट के लिए वित्त नियंत्रक एवं उच्च शिक्षा, प्रयागराज द्वारा महाविद्यालय प्रबंधतंत्र से पांच अगस्त व 19 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर अभिलेख मांगे गए, परंतु महाविद्यालय प्रबंध तंत्र द्वारा वांछित अभिलेखों को उपलब्ध नहीं कराया गया। विशेष ऑडिट टीम दो सितंबर को निर्धारित तिथि पर महाविद्यालय पहुंची। यहां भी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष संप्रेक्षण जांच से संबंधित कोई भी अभिलेख/साक्ष्य संप्रेक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराया गया।
जिस कारण महाविद्यालय की विशेष संप्रेक्षण जांच संपादित नहीं की जा सकी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से विशेष संप्रेक्षण जांच के विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका प्रबंध तंत्र एसएम डिग्री कॉलेज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य दायर की गई। जिसमें एक सितंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 को सुनवाई हुई। 12 दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की गई।
कुलपति गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के 24 मई 2025 के पत्र द्वारा जिलाधिकारी संभल की जांच रिपोर्ट दो अप्रैल 2025 के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन को महाविद्यालय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राज्य विवि अधिनियम 1973 की धारा-58 के अंतर्गत प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किए आने की संस्तुति की गई।जिलाधिकारी संभल के कार्यालय आदेश चार अप्रैल 2025 द्वारा महाविद्यालय की प्रबंध समिति के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता, संस्था की संपत्तियों को बेचना एवं उनका दुरुपयोग करने आदि संबंधी शिकायतों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी संभल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।
महाविद्यालय प्रबंध समिति ने यह कहते हुए कि महाविद्यालय की गतिविधियों में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्रशासन को नहीं है, उक्त जांच के विरुद्ध न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई थी। राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-58 (1) के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से एसएम कॉलेज, चंदौसी की प्रबंध समिति को भंग करते हुए आगामी एक वर्ष अथवा किसी वैध प्रबंध समिति के गठित होकर अनुमोदित होने (जो भी पहले हो) तक छात्र हित, शिक्षा हित एवं महाविद्यालय हित में जिलाधिकारी, संभल को प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।
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न्याय के अनुरूप काम किया है। जो घटनाक्रम चला, मैने सभी में अपना पक्ष मर्यादा में ही रखा है। मैं कॉलेज का पहले भी प्राचार्य था और आज भी प्राचार्य ही हूं।
- डॉ. दानवीर सिंह, पूर्व प्राचार्य, एसएम कॉलेज चंदौसी।
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जो प्रक्रिया है उसको अपनाया जाएगा। फिलहाल शासन द्वारा प्रबंध समिति भंग करने का आदेश अभी मिला नहीं है। जो लोग खुद आरोपों से घिरे हैं, उन्होंने शासन व प्रशासन को गुमराह किया है। आदेश मिलने पर न्यायालय की मदद ली जाएगी।
शांतनु कुमार, सचिव, प्रबंध समिति एसएम कॉलेज चंदौसी
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प्रदेश के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज की ओर से 27 मई 2025 को पत्र भेजकर एसएम कॉलेज चंदौसी की प्रबंध समिति के विरुद्ध मिलीं वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कराने को उत्तर प्रदेश राज्य विवि अधिनियम-1973 के धारा-40 के तहत विशेष ऑडिट की अनुमति मांगी गई थी। शासन के पत्र 19 जून 2025 द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
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विशेष ऑडिट के लिए वित्त नियंत्रक एवं उच्च शिक्षा, प्रयागराज द्वारा महाविद्यालय प्रबंधतंत्र से पांच अगस्त व 19 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर अभिलेख मांगे गए, परंतु महाविद्यालय प्रबंध तंत्र द्वारा वांछित अभिलेखों को उपलब्ध नहीं कराया गया। विशेष ऑडिट टीम दो सितंबर को निर्धारित तिथि पर महाविद्यालय पहुंची। यहां भी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष संप्रेक्षण जांच से संबंधित कोई भी अभिलेख/साक्ष्य संप्रेक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराया गया।
जिस कारण महाविद्यालय की विशेष संप्रेक्षण जांच संपादित नहीं की जा सकी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से विशेष संप्रेक्षण जांच के विरुद्ध उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका प्रबंध तंत्र एसएम डिग्री कॉलेज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य दायर की गई। जिसमें एक सितंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 को सुनवाई हुई। 12 दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की गई।
कुलपति गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय मुरादाबाद के 24 मई 2025 के पत्र द्वारा जिलाधिकारी संभल की जांच रिपोर्ट दो अप्रैल 2025 के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन को महाविद्यालय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राज्य विवि अधिनियम 1973 की धारा-58 के अंतर्गत प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किए आने की संस्तुति की गई।जिलाधिकारी संभल के कार्यालय आदेश चार अप्रैल 2025 द्वारा महाविद्यालय की प्रबंध समिति के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता, संस्था की संपत्तियों को बेचना एवं उनका दुरुपयोग करने आदि संबंधी शिकायतों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी संभल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।
महाविद्यालय प्रबंध समिति ने यह कहते हुए कि महाविद्यालय की गतिविधियों में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्रशासन को नहीं है, उक्त जांच के विरुद्ध न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई थी। राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-58 (1) के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से एसएम कॉलेज, चंदौसी की प्रबंध समिति को भंग करते हुए आगामी एक वर्ष अथवा किसी वैध प्रबंध समिति के गठित होकर अनुमोदित होने (जो भी पहले हो) तक छात्र हित, शिक्षा हित एवं महाविद्यालय हित में जिलाधिकारी, संभल को प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।
न्याय के अनुरूप काम किया है। जो घटनाक्रम चला, मैने सभी में अपना पक्ष मर्यादा में ही रखा है। मैं कॉलेज का पहले भी प्राचार्य था और आज भी प्राचार्य ही हूं।
- डॉ. दानवीर सिंह, पूर्व प्राचार्य, एसएम कॉलेज चंदौसी।
जो प्रक्रिया है उसको अपनाया जाएगा। फिलहाल शासन द्वारा प्रबंध समिति भंग करने का आदेश अभी मिला नहीं है। जो लोग खुद आरोपों से घिरे हैं, उन्होंने शासन व प्रशासन को गुमराह किया है। आदेश मिलने पर न्यायालय की मदद ली जाएगी।
शांतनु कुमार, सचिव, प्रबंध समिति एसएम कॉलेज चंदौसी
