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Sambhal News: स्टेडियम के रास्ते को लेकर आज होगी रेलवे से प्रशासन की वार्ता, हल निकालने का होगा प्रयास

संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Mon, 22 Jun 2026 01:52 AM IST
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The administration will hold talks with the Railways today regarding the access route to the stadium; an effort will be made to find a solution.
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संभल। जिला स्टेडियम के रास्ते में कार्यदायी संस्था द्वारा की गई लापरवाही के समाधान के लिए रेलवे और प्रशासन के बीच सोमवार यानि आज वार्ता होगी। दोनों विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नापजोख कराएंगे। इसके बाद स्टेडियम के लिए रास्ता दिए जाने पर विचार होगा। प्रशासन को भरोसा है कि रास्ते के लिए रास्ता निकलेगा। हालांकि अभी तक उम्मीद ही बाकी है। रेलवे के निर्णय पर ही रास्ता मिल सकता है। दूसरा विकल्प है नहीं।

बहजोई ब्लॉक के गांव भरतरा में 4.318 हेक्टेयर भूमि में 18 करोड़ रुपये की लागत से जिला स्टेडियम का निर्माण चल रहा है। पांच करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और करीब 40 प्रतिशत कार्य भी हो चुका है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई। उसमें रास्ते का ख्याल ही नहीं रखा गया और अब रेलवे ने रास्ता बंद कर दिया है। जिसके चलते निर्माण सामग्री भी नहीं जा पा रही है। जबकि शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये का जीओ जारी कर दिया है। जल्द ही कार्यदायी संस्था के खाते में धनराशि पहुंचने भी वाली है। यदि धनराशि आ भी जाए तो निर्माण होगा नहीं, क्योंकि निर्माण सामग्री ले जाने के लिए रास्ता ही नहीं है। इसलिए रास्ते का विकल्प पहले तलाश करना है।
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जिले में युवाओं का खेल की ओर रुझान लगातार बढ़ रहा है लेकिन संसाधन उपलब्ध नहीं होने के चलते वह दूसरे जिले में तैयारी करने के लिए जाते हैं।करीब 13 वर्ष बाद खिलाड़ियों की उम्मीद को पंख लगे थे कि अब जिला स्टेडियम का निर्माण होगा तो खेल प्रतिभाएं निखर जाएंगी लेकिन निर्माण कार्य में देरी और अब रास्ता नहीं मिलने का पेच पड़ गया है। शासन चाहता है कि सितंबर तक इस जिला स्टेडियम का निर्माण पूरा हो जाए लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते समय से पूरा होना तो दूर रास्ते का ही खेल कर दिया। बिना जांच पड़ताल के डीपीआर तैयार कर ली और रेलवे के रास्ते को आम रास्ता मानकर उसको डीपीआर में शामिल कर लिया। इसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है।
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जिला शारीरिक एवं व्यायाम शिक्षक अनिल कपूर ने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं के लिए मैदान नहीं मिलते। इससे तमाम प्रतिभाएं निखरने से रह जाती हैं।
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