{"_id":"69caa0fea53bc54c1808402e","slug":"amar-ujala-ground-report-regarding-gram-panchayat-religious-places-and-development-works-of-sant-kabir-nagar-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar Ground Report : संत कबीर नगर की कितनी बदली तस्वीर, विकास और धार्मिक पर्यटन को कितना मिला बल?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar Ground Report : संत कबीर नगर की कितनी बदली तस्वीर, विकास और धार्मिक पर्यटन को कितना मिला बल?
अमर उजाला नेटवर्क, संत कबीर नगर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 31 Mar 2026 06:24 PM IST
विज्ञापन
सार
अमर उजाला की टीम ने उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की। टीम ने गांवों, फैक्टरियों और धार्मिक स्थलों का दौरा कर जमीनी हकीकत को परखा, जहां से बदलाव की स्पष्ट तस्वीर सामने आई।
संत कबीर नगर से अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर सियासत धीरे-धीरे गरमाने लगी है और स्थानीय स्तर पर विकास, रोजगार व बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आने लगे हैं। ऐसे में जमीनी मुद्दों और सरकार के कार्यों की हकीकत को समझने के लिए अमर उजाला की टीम संत कबीर नगर जिले में पहुंची। यहां हमने जाना कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर क्या है? फैक्टरियों के विकास, स्थानीय रोजगार और धार्मिक पर्यटन को कितनी मजबूती मिली है। हमारी टीम ने सेहुंड़ा ग्राम पंचायत से लेकर गोपाल एग्रो इंडस्ट्री और बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर तक टीम ने जमीनी हालात को करीब से परखा।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
कितनी बदली सेहुंड़ा ग्राम पंचायत की तस्वीर?
संत कबीर नगर के सेहुंड़ा ग्राम पंचायत की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। अमर उजाला की टीम ने गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत को परखा, जहां विकास कार्यों की तस्वीर चौंकाने वाली नजर आई। ग्राम प्रधान अफजाल अहमद ने बताया कि करीब 27 साल तक गांव के भीतर चार पहिया वाहन तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब हर गली और सड़क सीसी व इंटरलॉकिंग से सुसज्जित हो चुकी है। जल निकासी की व्यवस्था भी बेहतर की गई है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत को राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। गांव में हर घर तक नल योजना का लाभ पहुंचाया जा चुका है और जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य भी शुरू होने वाला है।
स्थानीय निवासी रेहान अहमद के अनुसार, गांव में पंचायत भवन, सीएससी केंद्र और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।
क्या हुआ मगहर का कायाकल्प?
लोग कहते हैं कि योगी सरकार में मगहर का स्वरूप तेजी से बदला है और कबीर की नगरी अब पर्यटन हब के रूप में उभर रही है। यहां पंजाब से आईं रजिंदर कौर ने बताया कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा और यहां के लोग भी काफी मिलनसार हैं। स्थानीय निवासी मो. दानिश ने कहा कि अब केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से लोग कबीर जी को जानने और समझने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। वहीं अवधेश सिंह के अनुसार, मगहर को अब विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद यहां विकास कार्यों में तेजी आई है और स्थान की चमक बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां चार बड़े हाल बनाए गए हैं, जो पहले खंडहर जैसी स्थिति में थे। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कई विकास कार्य कराए गए हैं और अभी भी कई योजनाओं पर काम जारी है, जिससे आने वाले समय में मगहर और भी विकसित होगा।
क्या है स्थानीय रोजगार की तस्वीर?
स्थानीय लोग बताते हैं कि संत कबीर नगर जिले में चारा और खाद बनाने वाली फैक्टरी से लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। यहां स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। एक कर्मचारी ने बताया कि यहां काम अच्छे तरीके से हो रहा है और पास में ही रोजगार मिलना बड़ी बात है। फैक्टरी में कई प्रकार के खाद तैयार किए जाते हैं। श्रमिक विवेक कुमार ने बताया कि यहां किसी तरह का दबाव नहीं है, सभी लोग आराम से काम करते हैं और नजदीक में रोजगार मिल जाना उनके लिए सुविधाजनक है। गोपाल एग्रो इंडस्ट्री की मैनेजर ज्योति सिंह ने बताया कि यहां फर्टिलाइजर, पशु आहार और जैविक खाद का उत्पादन किया जाता है। फैक्टरी में रोजाना करीब 100 से 150 श्रमिक काम करते हैं, जिनमें 30 से 35 महिलाएं भी शामिल हैं। कंपनी को लोन की सुविधा भी प्राप्त हुई है।
क्या पर्यटन को मिली नई रफ्तार?
संत कबीर नगर जिले में स्थित बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर पूर्वांचल का प्राचीन मंदिर है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह अब क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र बन चुका है। खासकर योगी सरकार के कार्यकाल में इस पर विशेष फोकस किया गया है और इसे कॉरिडोर से जोड़ा गया है। सरकार इस स्थल को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है, ताकि संत कबीर नगर की पहचान धार्मिक दृष्टि से और मजबूत हो सके। यह स्थान महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है और लोककथाओं में इसे माता कुंती से भी जोड़ा जाता है।