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Sant Kabir Nagar News: गर्मी चरम पर, मानसून सिर पर...अब तक नहीं बना उपकेंद्र
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संतकबीरनगर/मगहर। जिले के लोग सिर्फ तपिश की मार ही नहीं प्रशासन की लापरवाही का भी खामियाजा भुगत रहे हैंं। उम्मीद थी कि मगहर विद्युत उपकेंद्र का निर्माण पूरा होने से लोगों को निर्बाध बिजली मिलेगी लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार सब पर पानी फेर दिया। अब मानसून आने वाला है ऐसे में और बाधाएं खड़ी होंगी। मगहरवासियों को निर्बाध बिजली के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।
वर्तमान में भीषण गर्मी के बीच बिजली का संकट खड़ा हो गया है। ट्रिपिंग से बार-बार बिजली के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विद्युत निगम के अफसरों की मानें तो प्रतिदिन आठ से 15 ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने के चलते फुंक रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। शहर में ट्रांसफाॅर्मर जलने या खराबी आने पर मोबाइल ट्रांसफाॅर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की जा रही है पर गांवों में आपूर्ति बहाल करने में कई दिन लग जाते हैं।
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जमीन के पेच में फंसा रहा विद्युत उपकेंद्र का निर्माण
मगहर। शासन ने खलीलाबाद और मगहर में विद्युत उप केंद्र के निर्माण की मंजूरी प्रदान की है। इसमें खलीलाबाद के मैलानी में जहां विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है, वहीं मगहर में गर्मी बढ़ने के बाद विद्युत निगम ने सुध ली है। कारण यह है कि यहां पर जमीन का पेच फंसा रहा। नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा बिजलीघर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के बाद एक अप्रैल से निर्माण शुरू करा दिया गया है। समस्या यह है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय हो जाएगा, जिससे निर्माण में बाधा खड़ी हो सकती है। वैसे इस उपकेंद्र के निर्माण पूर्ण होने पर विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली मिल सकेगी।दूसरी तरफ से बिजलीघर निर्माण में ही दो साल का समय लगने का अनुमान है।
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अगस्त 2023 में हल्का लेखपाल ने बिजलीघर के लिए भूमि की पैमाइश की थी। इसका क्षेत्रफल राजस्व अभिलेख के अनुसार लगभग आठ बिस्वा बताया गया है। पर, राजस्व अभिलेख में विद्यालय के खेल मैदान के रूप में दर्ज होने के कारण उक्त भूमि को अधिग्रहित कर विद्युत निगम को सौंपने में बाधा आ रही थी।
तत्कालीन डीएम से पत्राचार के माध्यम से उक्त भूमि में आ रही बाधा को दूर करने का अनुरोध किया गया था, जिस पर एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है। चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी ने बताया कि दो बार जमीन नापी पर बात फाइनल होने के बाद भी काम अटका रहा। शिक्षा विभाग से एनओसी में भी दिक्कतें आईं। अपने नगर में बिजलीघर का काम शुरू हो चुका है, जो आने वाले समय में बिजली की समस्या को खत्म करेगा।
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विद्युत उपकेंद्र के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद तार अन्य व इलेक्ट्रिक सामान लगाने का कार्य अगले वर्ष तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
-रवि यादव, अवर अभियंता
-- -- -- -- बिजली कटौती से तंग उपभोक्ता करेंगे आंदोलन
धनघटा। हैंसर बाजार के बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति न के बराबर हो रही है। इससे इस भीषण गर्मी में 50 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। अब लोग मजबूर होकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
बड़गो, बसवारी गांव, खाजो, भरतपुर, भैसही, तामा , मुंडेरा शुक्ला, गायघाट पूर्वी समेत 50 से अधिक गांव में बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। गोरखपुर के बॉर्डर पर बसने वाले इन गांव में बिजली आपूर्ति का आलम यह है कि अगर तेज हवा चली तो बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि लंबी दूरी होने के कारण कभी तार टूटना तो कभी विद्युत पोल गिरना आम बात हो गई है। गर्मी जब से शुरू हुई तभी से रात-रात भर बिजली आती ही नहीं है, जिससे परेशान होकर लोग रतजगा कर रहे हैं। बिजली उपभोक्ता रविंद्र राय, सुनील राय, अशोक कुमार राय, जगदीश प्रसाद, रणविजय सिंह, दुर्गा प्रसाद आदि का कहना है कि नियमानुसार पूरी बिजली के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली की आपूर्ति को ठीक करना संविदा विद्युत कर्मियों के सहारे छोड़ दिया गया है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो पाई तो वृहद आंदोलन किया जाएगा।
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मेंहदावल में विद्युत कटौती से लोग परेशान
मेंहदावल। उमस भरी गर्मी बढ़ रही है और विद्युत कटौती का सिलसिला जारी है। सुबह से लेकर देर रात तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी में भी बिजली संकट झेलनी पड़ रही है। रात की कटौती लोगों को रतजगा के लिए मजबूर कर रही है।
मेंहदावल क्षेत्र में बृहस्पतिवार से ही विद्युत कटौती बढ़ गई है। उपभोक्ता दीपक कसेरा, मनोज अग्रहरि, चंदन गुप्ता, अंगद गुप्ता, अजय कुमार, श्रवण गुप्ता, सत्या सिंह आदि लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार विद्युत कटौती से परेशानी बढ़ गई है। अघोषित विद्युत कटौती से लोग रतजगा कर रहे हैं। लगातार हो रही विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्र के लोग नाराजगी जता रहे हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। विद्युत निगम के जिम्मेदार अधिकारी इसे पटरी पर नहीं ला पा रहे हैं। हालांकि अब शासन ने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में भीषण गर्मी के बीच बिजली का संकट खड़ा हो गया है। ट्रिपिंग से बार-बार बिजली के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विद्युत निगम के अफसरों की मानें तो प्रतिदिन आठ से 15 ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने के चलते फुंक रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। शहर में ट्रांसफाॅर्मर जलने या खराबी आने पर मोबाइल ट्रांसफाॅर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की जा रही है पर गांवों में आपूर्ति बहाल करने में कई दिन लग जाते हैं।
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जमीन के पेच में फंसा रहा विद्युत उपकेंद्र का निर्माण
मगहर। शासन ने खलीलाबाद और मगहर में विद्युत उप केंद्र के निर्माण की मंजूरी प्रदान की है। इसमें खलीलाबाद के मैलानी में जहां विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है, वहीं मगहर में गर्मी बढ़ने के बाद विद्युत निगम ने सुध ली है। कारण यह है कि यहां पर जमीन का पेच फंसा रहा। नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा बिजलीघर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के बाद एक अप्रैल से निर्माण शुरू करा दिया गया है। समस्या यह है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय हो जाएगा, जिससे निर्माण में बाधा खड़ी हो सकती है। वैसे इस उपकेंद्र के निर्माण पूर्ण होने पर विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली मिल सकेगी।दूसरी तरफ से बिजलीघर निर्माण में ही दो साल का समय लगने का अनुमान है।
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अगस्त 2023 में हल्का लेखपाल ने बिजलीघर के लिए भूमि की पैमाइश की थी। इसका क्षेत्रफल राजस्व अभिलेख के अनुसार लगभग आठ बिस्वा बताया गया है। पर, राजस्व अभिलेख में विद्यालय के खेल मैदान के रूप में दर्ज होने के कारण उक्त भूमि को अधिग्रहित कर विद्युत निगम को सौंपने में बाधा आ रही थी।
तत्कालीन डीएम से पत्राचार के माध्यम से उक्त भूमि में आ रही बाधा को दूर करने का अनुरोध किया गया था, जिस पर एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है। चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी ने बताया कि दो बार जमीन नापी पर बात फाइनल होने के बाद भी काम अटका रहा। शिक्षा विभाग से एनओसी में भी दिक्कतें आईं। अपने नगर में बिजलीघर का काम शुरू हो चुका है, जो आने वाले समय में बिजली की समस्या को खत्म करेगा।
विद्युत उपकेंद्र के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद तार अन्य व इलेक्ट्रिक सामान लगाने का कार्य अगले वर्ष तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
-रवि यादव, अवर अभियंता
धनघटा। हैंसर बाजार के बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति न के बराबर हो रही है। इससे इस भीषण गर्मी में 50 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। अब लोग मजबूर होकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
बड़गो, बसवारी गांव, खाजो, भरतपुर, भैसही, तामा , मुंडेरा शुक्ला, गायघाट पूर्वी समेत 50 से अधिक गांव में बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। गोरखपुर के बॉर्डर पर बसने वाले इन गांव में बिजली आपूर्ति का आलम यह है कि अगर तेज हवा चली तो बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि लंबी दूरी होने के कारण कभी तार टूटना तो कभी विद्युत पोल गिरना आम बात हो गई है। गर्मी जब से शुरू हुई तभी से रात-रात भर बिजली आती ही नहीं है, जिससे परेशान होकर लोग रतजगा कर रहे हैं। बिजली उपभोक्ता रविंद्र राय, सुनील राय, अशोक कुमार राय, जगदीश प्रसाद, रणविजय सिंह, दुर्गा प्रसाद आदि का कहना है कि नियमानुसार पूरी बिजली के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली की आपूर्ति को ठीक करना संविदा विद्युत कर्मियों के सहारे छोड़ दिया गया है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो पाई तो वृहद आंदोलन किया जाएगा।
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मेंहदावल में विद्युत कटौती से लोग परेशान
मेंहदावल। उमस भरी गर्मी बढ़ रही है और विद्युत कटौती का सिलसिला जारी है। सुबह से लेकर देर रात तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी में भी बिजली संकट झेलनी पड़ रही है। रात की कटौती लोगों को रतजगा के लिए मजबूर कर रही है।
मेंहदावल क्षेत्र में बृहस्पतिवार से ही विद्युत कटौती बढ़ गई है। उपभोक्ता दीपक कसेरा, मनोज अग्रहरि, चंदन गुप्ता, अंगद गुप्ता, अजय कुमार, श्रवण गुप्ता, सत्या सिंह आदि लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार विद्युत कटौती से परेशानी बढ़ गई है। अघोषित विद्युत कटौती से लोग रतजगा कर रहे हैं। लगातार हो रही विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्र के लोग नाराजगी जता रहे हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। विद्युत निगम के जिम्मेदार अधिकारी इसे पटरी पर नहीं ला पा रहे हैं। हालांकि अब शासन ने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।