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Sant Kabir Nagar News: रक्षाबंधन पर मिठाई की दुकानों में तैयारी तेज, दाम बढ़ाने के पक्ष में नहीं दुकानदार
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खलीलाबाद में ग्राहक को मिठाई देता दुकानदार। संवाद
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संतकबीरनगर। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही मिठाई बाजार में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार चीनी, रिफाइंड ऑयल, मैदा, बेसन समेत अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई कारोबारियों की लागत जरूर बढ़ी है लेकिन अधिकतर कारोबारी त्योहार के मौके पर मिठाइयों के दाम बढ़ाकर ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने के पक्ष में नहीं हैं। बाजार में इस बात को लेकर चर्चा जरूर है कि बढ़ी हुई लागत का असर रक्षाबंधन पर मिठाइयों की कीमतों पर पड़ सकता है।
रक्षाबंधन ऐसा त्योहार है, जब मिठाइयों की बिक्री सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ जाती है। भाई-बहन के इस पर्व पर राखी के साथ मिठाई खरीदने की परंपरा होने के कारण दुकानदारों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है। दूसरी ओर बढ़ती महंगाई के कारण दुकानदारों के सामने लागत और बिक्री के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है।
बैंक चौराहा स्थित एक स्वीट्स हाउस के प्रोपराइटर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में उनके यहां खोआ की मिठाइयां करीब 550 से 600 रुपये किलो और छेना की मिठाइयां 400 से 500 रुपये किलो तक हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के दाम जरूर बढ़े हैं लेकिन फिलहाल मिठाइयों के दाम बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है।
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बाजार की स्थिति को देखते हुए यदि बढ़ोतरी हुई भी तो अधिकतम 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक हो सकती है।
एक अन्य स्वीट्स हाउस के संचालक ने बताया कि बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक है। ग्राहक कीमत को भी काफी महत्व देते हैं और सस्ती मिठाई की मांग अधिक रहती है। खाद्य सामग्री महंगी होने से कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके मिठाइयों के दाम बढ़ाना आसान नहीं है। फिलहाल कीमतों को यथावत रखने का प्रयास रहेगा।
एक स्वीट्स हाउस के प्रोपराइटर विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाइयां 480 से 640 रुपये जबकि छेना की मिठाइयां 440 से 500 रुपये किलो तक हैं। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों पर महंगाई का बोझ डालना उचित नहीं होगा। कम मार्जिन पर काम करके त्योहार के दौरान बिक्री बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
एक अन्य व्यापारी सुनील छापड़िया ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाइयां 500 से 650 रुपये, छेना की मिठाइयां 450 से 650 रुपये तथा देशी घी की मिठाइयां 580 से 1200 रुपये किलो तक हैं। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री की कीमत बढ़ने से लागत पर असर पड़ा है, लेकिन त्योहार के मद्देनजर ग्राहकों की खरीद क्षमता को देखते हुए कीमतों में बढ़ोतरी करना चुनौतीपूर्ण है।
प्रोपराइटर मयंक ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाई 400 से 480 रुपये, छेना की मिठाई करीब 400 रुपये, लड्डू 200 रुपये और देशी घी की मिठाई करीब 520 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि दुकान नई है और फिलहाल लंबे समय तक मिठाइयों के दाम में बदलाव करने की योजना नहीं है।
एक अन्य स्वीट हाउस के संचालक संदीप कुमार ने बताया कि उनके यहां पेड़ा 460 रुपये तथा छेना की मिठाइयां 380 से 400 रुपये किलो तक हैं। त्योहार ही मिठाई कारोबार के लिए बिक्री का प्रमुख समय होता है। ऐसे में फिलहाल दाम बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।
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रक्षाबंधन ऐसा त्योहार है, जब मिठाइयों की बिक्री सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ जाती है। भाई-बहन के इस पर्व पर राखी के साथ मिठाई खरीदने की परंपरा होने के कारण दुकानदारों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है। दूसरी ओर बढ़ती महंगाई के कारण दुकानदारों के सामने लागत और बिक्री के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है।
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बैंक चौराहा स्थित एक स्वीट्स हाउस के प्रोपराइटर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में उनके यहां खोआ की मिठाइयां करीब 550 से 600 रुपये किलो और छेना की मिठाइयां 400 से 500 रुपये किलो तक हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के दाम जरूर बढ़े हैं लेकिन फिलहाल मिठाइयों के दाम बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है।
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बाजार की स्थिति को देखते हुए यदि बढ़ोतरी हुई भी तो अधिकतम 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक हो सकती है।
एक अन्य स्वीट्स हाउस के संचालक ने बताया कि बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक है। ग्राहक कीमत को भी काफी महत्व देते हैं और सस्ती मिठाई की मांग अधिक रहती है। खाद्य सामग्री महंगी होने से कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके मिठाइयों के दाम बढ़ाना आसान नहीं है। फिलहाल कीमतों को यथावत रखने का प्रयास रहेगा।
एक स्वीट्स हाउस के प्रोपराइटर विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाइयां 480 से 640 रुपये जबकि छेना की मिठाइयां 440 से 500 रुपये किलो तक हैं। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों पर महंगाई का बोझ डालना उचित नहीं होगा। कम मार्जिन पर काम करके त्योहार के दौरान बिक्री बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
एक अन्य व्यापारी सुनील छापड़िया ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाइयां 500 से 650 रुपये, छेना की मिठाइयां 450 से 650 रुपये तथा देशी घी की मिठाइयां 580 से 1200 रुपये किलो तक हैं। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री की कीमत बढ़ने से लागत पर असर पड़ा है, लेकिन त्योहार के मद्देनजर ग्राहकों की खरीद क्षमता को देखते हुए कीमतों में बढ़ोतरी करना चुनौतीपूर्ण है।
प्रोपराइटर मयंक ने बताया कि उनके यहां खोआ की मिठाई 400 से 480 रुपये, छेना की मिठाई करीब 400 रुपये, लड्डू 200 रुपये और देशी घी की मिठाई करीब 520 रुपये किलो है। उन्होंने बताया कि दुकान नई है और फिलहाल लंबे समय तक मिठाइयों के दाम में बदलाव करने की योजना नहीं है।
एक अन्य स्वीट हाउस के संचालक संदीप कुमार ने बताया कि उनके यहां पेड़ा 460 रुपये तथा छेना की मिठाइयां 380 से 400 रुपये किलो तक हैं। त्योहार ही मिठाई कारोबार के लिए बिक्री का प्रमुख समय होता है। ऐसे में फिलहाल दाम बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।