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Sant Kabir Nagar News: प्रस्ताव के तीन साल बाद भी नहीं बन सका ट्रामा सेंटर, बाहर जाते हैं गंभीर रोगी
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संतकबीरनगर। जिले में मेडिकल कॉलेज और ट्रामा सेंटर बनाने की योजना अब भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के करीब तीन साल बाद भी जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब तक प्रशासन अलग-अलग स्थानों पर जमीन चिह्नित करने तक ही सीमित है। वहीं ट्रामा सेंटर की स्थापना के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।
वर्ष 2021 में जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसके लिए जमीन की तलाश शुरू की। करीब दो साल तक अलग-अलग स्थानों पर जमीन देखी गई। कभी मगहर स्थित सूत मिल की जमीन को चिह्नित किया गया तो कभी बनकटवा के पास जमीन देखी गई लेकिन बात नहीं बन सकी।
इसके बाद जिला अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई। साथ ही जंगलऊन में करीब 12 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां एकेडमिक भवन, हॉस्टल और आवासीय परिसर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
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मेडिकल कॉलेज का निर्माण पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए अभी तक कोई संस्था आगे नहीं आई है। प्रशासन ऐसी जमीन की भी तलाश कर रहा है, जो शहर के नजदीक हो और जहां पठन-पाठन के साथ आवासीय परिसर और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित करने में सबसे बड़ी समस्या भूमि की है। अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए आवश्यक अतिरिक्त जमीन उपलब्ध नहीं है। आसपास भी विस्तार की पर्याप्त संभावना नहीं है। खाली जमीन नहीं होने के कारण प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है।
एमसीएच विंग में ट्रामा और हार्ट सेंटर का प्रस्ताव
जिला अस्पताल परिसर में बने चार मंजिला एमसीएच विंग में ट्रामा सेंटर और हार्ट सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्ताव के अनुसार एमसीएच विंग के भूतल पर ट्रामा सेंटर और दूसरे तल पर हार्ट सेंटर स्थापित किया जाना है। ऊपर के दो तलों पर गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाएं संचालित की जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के लोगों को मिलता लाभ
मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज के लिए गोरखपुर और लखनऊ जाने की जरूरत कम हो जाती। वहीं स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी भी दूर होने की उम्मीद थी।
ट्रामा सेंटर बनने से सड़क हादसों और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकता है। गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और समय पर इलाज मिलने से जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
ट्रामा सेंटर एमसीएच विंग में स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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वर्ष 2021 में जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसके लिए जमीन की तलाश शुरू की। करीब दो साल तक अलग-अलग स्थानों पर जमीन देखी गई। कभी मगहर स्थित सूत मिल की जमीन को चिह्नित किया गया तो कभी बनकटवा के पास जमीन देखी गई लेकिन बात नहीं बन सकी।
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इसके बाद जिला अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई। साथ ही जंगलऊन में करीब 12 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। यहां एकेडमिक भवन, हॉस्टल और आवासीय परिसर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
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मेडिकल कॉलेज का निर्माण पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए अभी तक कोई संस्था आगे नहीं आई है। प्रशासन ऐसी जमीन की भी तलाश कर रहा है, जो शहर के नजदीक हो और जहां पठन-पाठन के साथ आवासीय परिसर और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित करने में सबसे बड़ी समस्या भूमि की है। अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के लिए आवश्यक अतिरिक्त जमीन उपलब्ध नहीं है। आसपास भी विस्तार की पर्याप्त संभावना नहीं है। खाली जमीन नहीं होने के कारण प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है।
एमसीएच विंग में ट्रामा और हार्ट सेंटर का प्रस्ताव
जिला अस्पताल परिसर में बने चार मंजिला एमसीएच विंग में ट्रामा सेंटर और हार्ट सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्ताव के अनुसार एमसीएच विंग के भूतल पर ट्रामा सेंटर और दूसरे तल पर हार्ट सेंटर स्थापित किया जाना है। ऊपर के दो तलों पर गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाएं संचालित की जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के लोगों को मिलता लाभ
मेडिकल कॉलेज बनने से जिले के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज के लिए गोरखपुर और लखनऊ जाने की जरूरत कम हो जाती। वहीं स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी भी दूर होने की उम्मीद थी।
ट्रामा सेंटर बनने से सड़क हादसों और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकता है। गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और समय पर इलाज मिलने से जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
ट्रामा सेंटर एमसीएच विंग में स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ