{"_id":"69b5b35b8b55e0d16f0782eb","slug":"women-should-not-ignore-weakness-and-pain-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-147456-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: कमजोरी और दर्द को महिलाएं नजरअंदाज न करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: कमजोरी और दर्द को महिलाएं नजरअंदाज न करें
विज्ञापन
डॉ शशि सिंह, स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल
विज्ञापन
संतकबीरनगर। महिलाओं में कमजोरी, हड्डियों में दर्द, कमर दर्द तथा जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टर इसे नजरअंदाज न करने की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि सिंह ने बताया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में महिलाओं में कमजोरी, हड्डियों में दर्द, कमर दर्द तथा जोड़ों के दर्द की समस्या देखी जा रही है। 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद यह समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं।
महिलाओं की दिनचर्या अस्तव्यस्त होती है। परिवार की जिम्मेदारी के बीच अपने पोषण पर उचित ध्यान नहीं देतीं हैं। इस कारण यह समस्या बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही उपचार से हड्डियों और जोड़ों की गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और महिलाएं स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जी सकती हैं। कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य का प्राथमिकता से ध्यान दें। किसी भी प्रकार के दर्द या कमजोरी को नजरअंदाज न करें। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की आधारशिला होती है। अपने परिवार की देखभाल के साथ ही खुद के लिए भी समय निकालें। अपने पोषण व स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
डॉ. शशि सिंह ने बताया कि यदि लगातार कमर दर्द, जोड़ों का दर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। इसके उपचार में कैल्शियम और विटामिन-डी की दवाएं, दर्द निवारक दवाएं, फिजियोथेरेपी और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम सहित आहार एवं जीवनशैली में सुधार शामिल किए जाते हैं। गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ अस्थि रोग उपचार शामिल है।
0000000000000
इन समस्याओं के मुख्य कारण
- शरीर में कैल्शियम एवं विटामिन-डी की कमी
- संतुलित आहार का अभाव
- धूप में पर्याप्त समय न बिताना
-घरेलू एवं शारीरिक कार्य का अधिक दबाव
- मोटापा और नियमित व्यायाम की कमी
-गर्भावस्था एवं रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले हार्मोनल परिवर्तन
00000000000
बचाव के उपाय
- कैल्शियम और प्रोटीन युक्त संतुलित आहार लें।
- प्रतिदिन 15-20 मिनट धूप में समय बिताएं ताकि शरीर को प्राकृतिक विटामिन डी मिल सके।
- नियमित रूप से हल्का व्यायाम, टहलना और स्ट्रेचिंग करें।
- बैठने और काम करने की सही मुद्रा (पोश्चर) बनाए रखें।
- वजन और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।
Trending Videos
महिलाओं की दिनचर्या अस्तव्यस्त होती है। परिवार की जिम्मेदारी के बीच अपने पोषण पर उचित ध्यान नहीं देतीं हैं। इस कारण यह समस्या बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही उपचार से हड्डियों और जोड़ों की गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और महिलाएं स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जी सकती हैं। कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य का प्राथमिकता से ध्यान दें। किसी भी प्रकार के दर्द या कमजोरी को नजरअंदाज न करें। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की आधारशिला होती है। अपने परिवार की देखभाल के साथ ही खुद के लिए भी समय निकालें। अपने पोषण व स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. शशि सिंह ने बताया कि यदि लगातार कमर दर्द, जोड़ों का दर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। इसके उपचार में कैल्शियम और विटामिन-डी की दवाएं, दर्द निवारक दवाएं, फिजियोथेरेपी और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम सहित आहार एवं जीवनशैली में सुधार शामिल किए जाते हैं। गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ अस्थि रोग उपचार शामिल है।
0000000000000
इन समस्याओं के मुख्य कारण
- शरीर में कैल्शियम एवं विटामिन-डी की कमी
- संतुलित आहार का अभाव
- धूप में पर्याप्त समय न बिताना
-घरेलू एवं शारीरिक कार्य का अधिक दबाव
- मोटापा और नियमित व्यायाम की कमी
-गर्भावस्था एवं रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले हार्मोनल परिवर्तन
00000000000
बचाव के उपाय
- कैल्शियम और प्रोटीन युक्त संतुलित आहार लें।
- प्रतिदिन 15-20 मिनट धूप में समय बिताएं ताकि शरीर को प्राकृतिक विटामिन डी मिल सके।
- नियमित रूप से हल्का व्यायाम, टहलना और स्ट्रेचिंग करें।
- बैठने और काम करने की सही मुद्रा (पोश्चर) बनाए रखें।
- वजन और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।