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Shahjahanpur News: चिकित्सा प्रतिपूर्ति की 350 फाइलें अटकीं, भुगतान के लिए भटक रहे कर्मचारी
Thu, 23 Jul 2026 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:47 AM IST
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शाहजहांपुर। चिकित्सा प्रतिपूर्ति घोटाले के खुलासे के बाद भी स्वास्थ्य विभाग में लंबित फाइलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में करीब 350 चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलें अटकी हुई हैं। इसके चलते विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी इलाज में खर्च हुई धनराशि के भुगतान के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विभिन्न विभागों के कर्मचारी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के आवेदन की फाइलें सीएमओ कार्यालय में जमा करते हैं। वहां से संस्तुति के बाद ही धनराशि खातों में भेजी जाती हैं। गत दिनों सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों में अनियमितता सामने आने के बाद लिपिक मोहम्मद साजिद के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद फाइलों के निस्तारण की जिम्मेदारी दूसरे लिपिक को सौंपी गई, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ।
बताते हैं कि जिस लिपिक को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों की जिम्मेदारी दी गई है, वह फाइलों पर जरूरी रिपोर्ट नहीं लगा पा रहे हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित पड़े हैं और भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि मिलने में हो रही देरी से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी अपनी फाइलों की स्थिति जानने और भुगतान की उम्मीद में सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ.मनोज मिश्रा ने बताया कि मामले को लेकर सीएमओ से वार्ता कर जल्द ही लंबित फाइलों के निस्तारण कराया जाएगा।
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विभिन्न विभागों के कर्मचारी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के आवेदन की फाइलें सीएमओ कार्यालय में जमा करते हैं। वहां से संस्तुति के बाद ही धनराशि खातों में भेजी जाती हैं। गत दिनों सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों में अनियमितता सामने आने के बाद लिपिक मोहम्मद साजिद के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद फाइलों के निस्तारण की जिम्मेदारी दूसरे लिपिक को सौंपी गई, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ।
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बताते हैं कि जिस लिपिक को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों की जिम्मेदारी दी गई है, वह फाइलों पर जरूरी रिपोर्ट नहीं लगा पा रहे हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित पड़े हैं और भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि मिलने में हो रही देरी से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी अपनी फाइलों की स्थिति जानने और भुगतान की उम्मीद में सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ.मनोज मिश्रा ने बताया कि मामले को लेकर सीएमओ से वार्ता कर जल्द ही लंबित फाइलों के निस्तारण कराया जाएगा।
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