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Shahjahanpur News: तकनीकी कमी के चलते पहले दिन ही निपुण सर्वे धड़ाम, एप दे गया धोखा
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शाहजहांपुर में परिषदीय स्कूल में निपुण सर्वे में शामिल छात्र-छात्राएं। स्रोत: जागरूक पाठक
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शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक व दो के बच्चों की भाषा व गणित का निपुण असेसमेंट का कार्य पहले दिन ही धड़ाम हो गया। तकनीकी कमी के चलते पहले दिन एप डाउनलोड नहीं हुआ। प्रश्नावली को डाउनलोड करने समेत कई दुश्वारियों से प्रशिक्षुओं को जूझना पड़ा।
प्राथमिक स्कूलों में निपुण सर्वे के लिए 129 टीमाें को लगाया गया। पहले दिन 243 स्कूलों में डायट प्रशिक्षु पहुंचे। शिक्षकों के अनुसार, प्रशिक्षुओं को स्कूल में पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही एप दिया गया। ऐसे में इसे डाउनलोड करना मुश्किल हो गया। नियम के अनुसार, एप एक दिन पहले ही उपलब्ध कराना था।
जैसे-तैसे एप डाउनलोड हो पाया। फिर प्रश्नावली डाउनलोड करने में काफी समय लग गया। काफी समय प्रशिक्षुओं को प्रश्नावली अपलोड करने में लग गया। इसके बाद बच्चों का आकलन शुरू किया गया। इस बीच बच्चों के सही उत्तर एप में डाले गए तो वहां रेड जोन यानी नॉट निपुण घोषित कर दिया गया। ऐसे में छात्र-छात्राएं भी निराश हो गए।
अफसरों ने संपर्क साधा तो वहां से डाटा बाद में ठीक करने की बात कही गई। शिक्षकाें के अनुसार, ऐसा पूर्व में भी हो चुका है। इसके चलते कई विद्यालय निपुण होने से रह गए थे।
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एप में दिक्कत के बारे में किसी ने लिखित में कोई सूचना नहीं दी है। संभव है कि तकनीकी कारणाें से दिक्कत आई होगी। परियोजना से उसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा।
-दिव्या गुप्ता, बीएसए
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-सोमवार को प्रशिक्षुओं की डेढ़ घंटे तक ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें निर्देश दिए थे कि एप के नए वर्जन को लोड कर लें। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की दिक्कत की वजह से एप डाउनलोड होने में देरी हुई होगी। परियोजना से संबंध में वार्ता की है। एप को ठीक कराया जा रहा है।
सोनिया गुप्ता, प्राचार्य-डायट
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प्राथमिक स्कूलों में निपुण सर्वे के लिए 129 टीमाें को लगाया गया। पहले दिन 243 स्कूलों में डायट प्रशिक्षु पहुंचे। शिक्षकों के अनुसार, प्रशिक्षुओं को स्कूल में पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही एप दिया गया। ऐसे में इसे डाउनलोड करना मुश्किल हो गया। नियम के अनुसार, एप एक दिन पहले ही उपलब्ध कराना था।
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जैसे-तैसे एप डाउनलोड हो पाया। फिर प्रश्नावली डाउनलोड करने में काफी समय लग गया। काफी समय प्रशिक्षुओं को प्रश्नावली अपलोड करने में लग गया। इसके बाद बच्चों का आकलन शुरू किया गया। इस बीच बच्चों के सही उत्तर एप में डाले गए तो वहां रेड जोन यानी नॉट निपुण घोषित कर दिया गया। ऐसे में छात्र-छात्राएं भी निराश हो गए।
अफसरों ने संपर्क साधा तो वहां से डाटा बाद में ठीक करने की बात कही गई। शिक्षकाें के अनुसार, ऐसा पूर्व में भी हो चुका है। इसके चलते कई विद्यालय निपुण होने से रह गए थे।
एप में दिक्कत के बारे में किसी ने लिखित में कोई सूचना नहीं दी है। संभव है कि तकनीकी कारणाें से दिक्कत आई होगी। परियोजना से उसे जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा।
-दिव्या गुप्ता, बीएसए
-सोमवार को प्रशिक्षुओं की डेढ़ घंटे तक ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें निर्देश दिए थे कि एप के नए वर्जन को लोड कर लें। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की दिक्कत की वजह से एप डाउनलोड होने में देरी हुई होगी। परियोजना से संबंध में वार्ता की है। एप को ठीक कराया जा रहा है।
सोनिया गुप्ता, प्राचार्य-डायट
