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Shahjahanpur News: किसानों ने नहीं होने दिया हाईवे के लिए जमीन का चिह्नीकरण
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खुटार। खुटार में फोरलेन बाईपास के लिए मंगलवार को किसानों ने जमीन का चिह्नीकरण और कब्जा नहीं होने दिया। किसानों ने कहा कि पहले मुआवजे का मामला निपटाया जाए, इसके बाद जमीन ली जानी चाहिए।
मंगलवार को एनएचएआई के हाईवे इंजीनियर राहुल चौधरी राजस्व टीम के साथ खुटार पहुंचे। टीम के साथ जमीन को समतल करने वाली मशीन भी थी। गांव सौंफरी और खुटार के बीच टीम के पहुंचने की जानकारी पाकर मौके पर तमाम किसान एकत्र हो गए। किसान गुरुसेवक सिंह आदि ने कहा कि उन लोगों को कोई नोटिस और मुआवजा नहीं दिया गया है। उनके खेत में खड़ी फसल उजाड़कर कब्जा किया जा रहा है। यह गलत है। पहले मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा खड़ी फसल नष्ट करने पर फसल की लागत भी दी जानी चाहिए।
अधिकारियों की किसानों के साथ काफी देर तक बात हुई लेकिन किसान खेतों के चिह्नीकरण और लेवलिंग के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद मामले की सूचना सिटी मजिस्ट्रेट को दी गई। किसानों ने सुझाव दिया कि खुटार में अधिकारी कैंप लगाकर मुआवजे के मामलों का निस्तारण करें। इसके बाद उन लोगों को कोई एतराज नहीं होगा, लेकिन बिना मुआवजा जमीन नहीं दी जाएगी। काफी देर तक वार्ता के बाद भी नतीजा नहीं निकलने पर टीम वापस लौट गई।
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एनएचएआई के हाईवे इंजीनियर राहुल चौधरी ने बताया कि बाईपास के मामले में 70 प्रतिशत मुआवजा देने के बाद चिह्नीकरण और कार्य शुरू करने का नियम है। खुटार में बाईपास का 74 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है। इस कारण काम शुरू किया गया है। अगले दिन वह मुआवजा सूची के साथ मौके पर आकर काम शुरू कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन बाईपास में ली जा रही हैं, सभी को मुआवजा मिलेगा। काम शुरू होने पर भी मुआवजे की कार्रवाई जारी रहेगी।
मंगलवार को एनएचएआई के हाईवे इंजीनियर राहुल चौधरी राजस्व टीम के साथ खुटार पहुंचे। टीम के साथ जमीन को समतल करने वाली मशीन भी थी। गांव सौंफरी और खुटार के बीच टीम के पहुंचने की जानकारी पाकर मौके पर तमाम किसान एकत्र हो गए। किसान गुरुसेवक सिंह आदि ने कहा कि उन लोगों को कोई नोटिस और मुआवजा नहीं दिया गया है। उनके खेत में खड़ी फसल उजाड़कर कब्जा किया जा रहा है। यह गलत है। पहले मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा खड़ी फसल नष्ट करने पर फसल की लागत भी दी जानी चाहिए।
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अधिकारियों की किसानों के साथ काफी देर तक बात हुई लेकिन किसान खेतों के चिह्नीकरण और लेवलिंग के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद मामले की सूचना सिटी मजिस्ट्रेट को दी गई। किसानों ने सुझाव दिया कि खुटार में अधिकारी कैंप लगाकर मुआवजे के मामलों का निस्तारण करें। इसके बाद उन लोगों को कोई एतराज नहीं होगा, लेकिन बिना मुआवजा जमीन नहीं दी जाएगी। काफी देर तक वार्ता के बाद भी नतीजा नहीं निकलने पर टीम वापस लौट गई।
एनएचएआई के हाईवे इंजीनियर राहुल चौधरी ने बताया कि बाईपास के मामले में 70 प्रतिशत मुआवजा देने के बाद चिह्नीकरण और कार्य शुरू करने का नियम है। खुटार में बाईपास का 74 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है। इस कारण काम शुरू किया गया है। अगले दिन वह मुआवजा सूची के साथ मौके पर आकर काम शुरू कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन बाईपास में ली जा रही हैं, सभी को मुआवजा मिलेगा। काम शुरू होने पर भी मुआवजे की कार्रवाई जारी रहेगी।