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Shahjahanpur News: हरदोई सीमा से बरेली मोड़ तक हर कदम पर खतरा
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लखनऊ-पलिया हाईवे पर पुराने टोल टैक्स के पास नाला निर्माण को लेकर हाईवे किनारे की गई मिट्टी की ख
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शाहजहांपुर। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोहरे के मौसम में हरदोई जिले की सीमा से लेकर बरेली मोड़ तक सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है। हाईवे के करीब 20 किमी दायरे में कहीं गड्ढे तो कहीं निर्माण कार्य के लिए लगे मिट्टी और राख के ढेर न केवल यातायात में अवरोधक बन रहे हैं, सफर करने वालों के लिए जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। लापरवाही की हद यह है कि हाईवे के इस हिस्से में हादसे के कई ठिकाने बन चुके हैं, लेकिन वहां कोई संकेतक लगाने की जरूरत नहीं समझी गई है।
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फोरलेन के निर्माण कार्य के लिए हाईवे की कर दी दुर्गति
सेहरामऊ दक्षिणी। फोरलेन के बेहद धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य ने लखनऊ-पलिया हाईवे का हुलिया बिगाड़ दिया है। निर्माण कार्य के लिए हाईवे को करीब एक साल पहले जगह-जगह जेसीबी से खोद दिया गया। दोनों ओर के यातायात के लिए सिर्फ दो लेन बची हैं, लेकिन वाहनों के भारी दबाव से वह भी क्षतिग्रस्त हो जाने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
हरदोई सीमा पर चंदगोई गांव के सामने से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के गेट तक 12 किमी हिस्से में गड्ढों की भरमार है। चंदगोई से आगे कुतुआपुर तक कई जगह हाईवे की एक लेन खराब हो गई है। मिरगापुर से बादशाहनगर चौराहा तक हरदोई की ओर जाने वाले वाहनों को टूटी पटरी से निकलना पड़ रहा है। चौराहे पर भी कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जबकि वहां के चारों मार्गों पर दिन भर यातायात बना रहता है। कनेंग गांव के पास बाइपास के दोनों ओर के गांवों को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने के लिए वहां गहरे गड्ढे खोद दिए गए, लेकिन वहां कोई संकेतक नहीं लगाए जाने से कोहरे में कभी भी हादसा हो सकता है। आगे रिलायंस के प्रशासनिक गेट से लेकर श्रमिक गेट तक हाईवे का 200 मीटर हिस्सा गड्ढों में गुम हो चुका है। संवाद
-- रिलायंस गेट से बरेली मोड़ तक कई अवैध कट, उड़ रही धूल
रोजा। लखनऊ-पलिया हाईवे के रिलायंस गेट से बरेली मोड़ तक लगभग आठ किमी के दायरे में कई जगह मिट्टी और राख के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन वहां बिना संकेतक के यातायात चल रहा है। हवा चलने पर राख और धूल के गुबार दृश्यता में अवरोध डालने के साथ कभी भी हादसे की वजह बन सकता है।
कई जगह लोगों ने अपनी सुविधाजनक आवाजाही के लिए डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए हैं। रिलायंस गेट से एक किमी आगे स्टेट बैंक के सामने और बाइपास से पहले अवैध कट देखे जा सकते हैं। दो किमी आगे पुराने टोल प्लाजा के पास सर्विस रोड सकरी होने पर भी वहां राख का ढेर लगा दिया गया है। वहां लगे धुंधले और छोटे संकेतक कोहरे में दिखाई नहीं देते। सर्विस रोड के किनारे नाला बनाने के लिए खोदी गई मिट्टी के ढेर के पास भी कोई संकेतक नहीं लगा है। बरेली मोड़ के ओवरब्रिज से कुछ दूर आगे हाईवे के बाइपास के निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निर्माण को लगा राख का ढेर भी कोहरे में दिखाई नहीं देता है। संवाद
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हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि लगभग एक वर्ष में निर्माण पूरा हो जाएगा। अगर कहीं पर सुरक्षा संबंधी कोई परेशानी है तो उसे दूर कराया जाएगा।
- नवरत्न, पीडी, एनएचएआई
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फोरलेन के निर्माण कार्य के लिए हाईवे की कर दी दुर्गति
सेहरामऊ दक्षिणी। फोरलेन के बेहद धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य ने लखनऊ-पलिया हाईवे का हुलिया बिगाड़ दिया है। निर्माण कार्य के लिए हाईवे को करीब एक साल पहले जगह-जगह जेसीबी से खोद दिया गया। दोनों ओर के यातायात के लिए सिर्फ दो लेन बची हैं, लेकिन वाहनों के भारी दबाव से वह भी क्षतिग्रस्त हो जाने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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हरदोई सीमा पर चंदगोई गांव के सामने से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के गेट तक 12 किमी हिस्से में गड्ढों की भरमार है। चंदगोई से आगे कुतुआपुर तक कई जगह हाईवे की एक लेन खराब हो गई है। मिरगापुर से बादशाहनगर चौराहा तक हरदोई की ओर जाने वाले वाहनों को टूटी पटरी से निकलना पड़ रहा है। चौराहे पर भी कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जबकि वहां के चारों मार्गों पर दिन भर यातायात बना रहता है। कनेंग गांव के पास बाइपास के दोनों ओर के गांवों को जोड़ने के लिए अंडरपास बनाने के लिए वहां गहरे गड्ढे खोद दिए गए, लेकिन वहां कोई संकेतक नहीं लगाए जाने से कोहरे में कभी भी हादसा हो सकता है। आगे रिलायंस के प्रशासनिक गेट से लेकर श्रमिक गेट तक हाईवे का 200 मीटर हिस्सा गड्ढों में गुम हो चुका है। संवाद
रोजा। लखनऊ-पलिया हाईवे के रिलायंस गेट से बरेली मोड़ तक लगभग आठ किमी के दायरे में कई जगह मिट्टी और राख के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन वहां बिना संकेतक के यातायात चल रहा है। हवा चलने पर राख और धूल के गुबार दृश्यता में अवरोध डालने के साथ कभी भी हादसे की वजह बन सकता है।
कई जगह लोगों ने अपनी सुविधाजनक आवाजाही के लिए डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए हैं। रिलायंस गेट से एक किमी आगे स्टेट बैंक के सामने और बाइपास से पहले अवैध कट देखे जा सकते हैं। दो किमी आगे पुराने टोल प्लाजा के पास सर्विस रोड सकरी होने पर भी वहां राख का ढेर लगा दिया गया है। वहां लगे धुंधले और छोटे संकेतक कोहरे में दिखाई नहीं देते। सर्विस रोड के किनारे नाला बनाने के लिए खोदी गई मिट्टी के ढेर के पास भी कोई संकेतक नहीं लगा है। बरेली मोड़ के ओवरब्रिज से कुछ दूर आगे हाईवे के बाइपास के निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निर्माण को लगा राख का ढेर भी कोहरे में दिखाई नहीं देता है। संवाद
हाईवे पर निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि लगभग एक वर्ष में निर्माण पूरा हो जाएगा। अगर कहीं पर सुरक्षा संबंधी कोई परेशानी है तो उसे दूर कराया जाएगा।
- नवरत्न, पीडी, एनएचएआई

लखनऊ-पलिया हाईवे पर पुराने टोल टैक्स के पास नाला निर्माण को लेकर हाईवे किनारे की गई मिट्टी की ख
