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Shahjahanpur News: विशेषज्ञों ने बजट को बताया संतुलित, उद्योग-व्यापार को मिलेगी गति
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कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए
- फोटो : शहर के बेलीगंज स्थित एक दुकान में रविवार को लैपटॉप पर बजट देखते युवा।
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शाहजहांपुर। केंद्र सरकार के बजट को विशेषज्ञों ने संतुलित और उद्योग-व्यापार को गति देने वाला बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लोगों को कर में छूट की उम्मीद थी लेकिन वह पूरी नहीं हुई है। इसके बावजूद भविष्य में बजट के प्रावधान उद्योग-व्यापार को नई दिशा देंगे। इससे विकास दर में स्थिरता आने की उम्मीद है।
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पारदर्शिता और दीर्घकालीन स्थिरता पर केंद्रित बजट
इस बजट को कर सुधारों में निरंतरता, स्थिरता और सिस्टम-ड्रिवन अनुपालन को मजबूत करने वाला बजट कहा जा सकता है। आयकर के संदर्भ में सरकार ने नई कर व्यवस्था को ही भविष्य की कर संरचना के रूप में स्थापित करने का संकेत दिया है।
कम दरों और सीमित छूटों के मॉडल के माध्यम से कर आधार को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया है। हालांकि व्यक्तिगत करदाताओं को कर राहत की अपेक्षा थी, लेकिन रिटर्न प्रोसेसिंग में तेजी, फेसलेस असेसमेंट को और मजबूत करना तथा कर विवादों में कमी लाने के उपाय करदाताओं के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे।
अनुपालन के दृष्टिकोण से तकनीक आधारित निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेटेड सिस्टम्स पर फोकस कर चोरी पर अंकुश लगाने और ईमानदार करदाताओं को सुविधा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे लिटिगेशन में कमी और टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन में विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। जीएसटी के मोर्चे पर बजट का फोकस दरों के युक्तिकरण, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के समाधान और वर्गीकरण से जुड़े विवादों को कम करने पर केंद्रित रहा।
रिफंड प्रक्रिया को तेज करने और तकनीक आधारित अनुपालन तंत्र को सुदृढ़ करने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी को समर्थन मिलेगा। साथ ही, डेटा-ड्रिवन कंप्लायंस के माध्यम से राजस्व लीकेज रोकने की मंशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
कुल मिलाकर, यह बजट तात्कालिक कर राहत से अधिक अनुपालन आधारित कर सुधारों, राजस्व सुदृढ़ीकरण और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित एक संतुलित और व्यावहारिक बजट है।
-अक्षत सक्सेना, टैक्स कंप्लायंस एवं लिटिगेशन्स एक्सपर्ट
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संतुलित, विकासोन्मुख और दूरदर्शी है बजट
आम बजट संतुलित, विकासोन्मुख और दूरदर्शी है। इसमें अर्थव्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तंभों विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। विनिर्माण क्षेत्र को कर प्रोत्साहनों व आयात-निर्यात सुधारों से मजबूती दी गई है। सेवा क्षेत्र को रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, मूल्यवर्धन और ग्रामीण आय सृजन पर जोर देकर समावेशी विकास की नींव रखी गई है। साथ ही, बुनियादी ढांचे में निरंतर और बड़े स्तर पर निवेश से दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
- कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए
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बजट का रहेगा मिला-जुला असर
बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की एमएसएमई विकास निधि का प्रस्ताव किया गया है। बजट में वैश्विक बायोफार्म निर्माण के रूप में भारत को विकसित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिसमें एक हजार मान्यता प्राप्त जांच क्लीनिक का निर्माण किया जाएगा। सात उच्चस्तरीय रेल काॅरिडोर विकसित किए जाएंगे।
पशु चिकित्सकों की संख्या 20 हजार तक करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी का प्रस्ताव किया गया है। 15 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों, पांच सौ काॅलेजों में एबीजीसी कंटेंट निर्माण लैब की स्थापना, 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।
यद्यपि वर्तमान बजट में प्रत्यक्ष आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन विभिन्न धन प्रेषण योजनाओं, टीडीएस तथा विभिन्न आयकर प्रपत्रों को डिजाइन किए जाने का प्रस्ताव है। बजट में कोई कर रियायत न देना तथा अमेरिका के टैरिफ की प्रतिस्पर्धा में निर्यातकों को कोई विशेष पैकेज न दिया जाना निराशाजनक रहा।
तीन नए रासायनिक पार्कों की स्थापना, दुर्लभ खनिज कारीडोर का निर्माण, सात नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण आदि योजनाएं उत्साहजनक है। निस्संदेह बजट ई आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को प्रोत्साहित करता है।
- डाॅ. अवनीश कुमार मिश्रा, पूर्व प्राचार्य, एसएस काॅलेज
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पारदर्शिता और दीर्घकालीन स्थिरता पर केंद्रित बजट
इस बजट को कर सुधारों में निरंतरता, स्थिरता और सिस्टम-ड्रिवन अनुपालन को मजबूत करने वाला बजट कहा जा सकता है। आयकर के संदर्भ में सरकार ने नई कर व्यवस्था को ही भविष्य की कर संरचना के रूप में स्थापित करने का संकेत दिया है।
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कम दरों और सीमित छूटों के मॉडल के माध्यम से कर आधार को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया है। हालांकि व्यक्तिगत करदाताओं को कर राहत की अपेक्षा थी, लेकिन रिटर्न प्रोसेसिंग में तेजी, फेसलेस असेसमेंट को और मजबूत करना तथा कर विवादों में कमी लाने के उपाय करदाताओं के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे।
अनुपालन के दृष्टिकोण से तकनीक आधारित निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेटेड सिस्टम्स पर फोकस कर चोरी पर अंकुश लगाने और ईमानदार करदाताओं को सुविधा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे लिटिगेशन में कमी और टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन में विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। जीएसटी के मोर्चे पर बजट का फोकस दरों के युक्तिकरण, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के समाधान और वर्गीकरण से जुड़े विवादों को कम करने पर केंद्रित रहा।
रिफंड प्रक्रिया को तेज करने और तकनीक आधारित अनुपालन तंत्र को सुदृढ़ करने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी को समर्थन मिलेगा। साथ ही, डेटा-ड्रिवन कंप्लायंस के माध्यम से राजस्व लीकेज रोकने की मंशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
कुल मिलाकर, यह बजट तात्कालिक कर राहत से अधिक अनुपालन आधारित कर सुधारों, राजस्व सुदृढ़ीकरण और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस पर केंद्रित एक संतुलित और व्यावहारिक बजट है।
-अक्षत सक्सेना, टैक्स कंप्लायंस एवं लिटिगेशन्स एक्सपर्ट
संतुलित, विकासोन्मुख और दूरदर्शी है बजट
आम बजट संतुलित, विकासोन्मुख और दूरदर्शी है। इसमें अर्थव्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तंभों विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है। विनिर्माण क्षेत्र को कर प्रोत्साहनों व आयात-निर्यात सुधारों से मजबूती दी गई है। सेवा क्षेत्र को रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। कृषि व संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, मूल्यवर्धन और ग्रामीण आय सृजन पर जोर देकर समावेशी विकास की नींव रखी गई है। साथ ही, बुनियादी ढांचे में निरंतर और बड़े स्तर पर निवेश से दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
- कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए
बजट का रहेगा मिला-जुला असर
बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की एमएसएमई विकास निधि का प्रस्ताव किया गया है। बजट में वैश्विक बायोफार्म निर्माण के रूप में भारत को विकसित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिसमें एक हजार मान्यता प्राप्त जांच क्लीनिक का निर्माण किया जाएगा। सात उच्चस्तरीय रेल काॅरिडोर विकसित किए जाएंगे।
पशु चिकित्सकों की संख्या 20 हजार तक करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी का प्रस्ताव किया गया है। 15 हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों, पांच सौ काॅलेजों में एबीजीसी कंटेंट निर्माण लैब की स्थापना, 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।
यद्यपि वर्तमान बजट में प्रत्यक्ष आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन विभिन्न धन प्रेषण योजनाओं, टीडीएस तथा विभिन्न आयकर प्रपत्रों को डिजाइन किए जाने का प्रस्ताव है। बजट में कोई कर रियायत न देना तथा अमेरिका के टैरिफ की प्रतिस्पर्धा में निर्यातकों को कोई विशेष पैकेज न दिया जाना निराशाजनक रहा।
तीन नए रासायनिक पार्कों की स्थापना, दुर्लभ खनिज कारीडोर का निर्माण, सात नए राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण आदि योजनाएं उत्साहजनक है। निस्संदेह बजट ई आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को प्रोत्साहित करता है।
- डाॅ. अवनीश कुमार मिश्रा, पूर्व प्राचार्य, एसएस काॅलेज

कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए- फोटो : शहर के बेलीगंज स्थित एक दुकान में रविवार को लैपटॉप पर बजट देखते युवा।

कुलश्रेष्ठ त्रिवेदी, सीए- फोटो : शहर के बेलीगंज स्थित एक दुकान में रविवार को लैपटॉप पर बजट देखते युवा।
