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Shahjahanpur News: आधार कार्ड में त्रुटि तो विकल्प भी नए वोट के लिए नहीं दे पा रहे साथ
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शाहजहांपुर। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ही नए वोट बनाए तो जा रहे हैं, मगर इन्हें बनवाना आसान नहीं है। इसके लिए तय फॉर्म छह भरने के साथ ही आधार कार्ड, जाति व जन्म प्रमाणपत्र की प्रति मांगी जा रही है। इनमें भी त्रुटियों के चलते लोग नगर निगम, तहसील, डाकघर व बैंकों के चक्कर लगाकर दूसरे साक्ष्य लाने के लिए मजबूर हैं। यह बात रविवार को विशेष अभियान के तहत बूथों पर बनी हेल्पडेस्क पर सामने आई।
एसआईआर का जनवरी के प्रथम सप्ताह में अनंतिम आलेख्य प्रकाशन किया गया था। इसमें जनपद में 23 फीसदी से अधिक वोट कट गए थे। नगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट 127401 मतदाता कम हुए। इसके लिए लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गई हैं। वर्तमान में नए वोट बनाने का अभियान भी चल रहा है। बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म-छह उपलब्ध कराया है। रविवार को विशेष अभियान चलाकर बूथों पर हेल्पडेस्क बनाई गई। वहां नए वोट बनवाने वालों की पीड़ा सामने आई। लोगों के अनुसार, नए वोट बनवाने के लिए आधार कार्ड, जन्म और जाति प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। आधार कार्ड में त्रुटि पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
आधार के साथ ही 12 विकल्प और भी हैं। इसमें जन्म और जाति प्रमाणपत्र शामिल हैं। इन्हें बनवाने में काफी दुश्वारी आ रही है। आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए डाकघर और बैंकों में लाइन लगाकर पासबुक लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर प्रमाणपत्राें के लिए तहसील और नगर निगम में जूझना पड़ रहा है।
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मायके की सूची तलाशना हो रहा मुश्किल
जलालाबाद। एसआईआर के तहत चल रही मैपिंग प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पिता, माता या बाबा, दादी में से किसी का नहीं था, उन्हें नोटिस जारी किए गए थे। महिलाओं से मायके की वोटर लिस्ट तलाश करना मुश्किल हो रहा है। अन्य प्रांत में मायका वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। संवाद
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प्रमाणपत्र समय से नहीं हो रहे जारी
तिलहर। बहादुरगंज की देवकी कौर और चरणजीत सिंह ने बताया कि वे पिछले करीब एक महीने से जन्म और जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर पालिका और तहसील के चक्कर लगा रही हैं। समय पर प्रमाणपत्र जारी न होने से एसआईआर संशोधन में दिक्कत आ रही है। संवाद
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एसआईआर में मांगे जाने वाले प्रमाणपत्र
- केंद्र या राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
- 1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार,स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू से जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज
- आधार कार्ड, ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से जारी शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
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लोगों से बातचीत
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए नोटिस आया था। जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया था। उसे बनवाने में काफी दिक्कत आई। अब प्रमाणपत्र बनवाने के बाद फॉर्म जमा करने के लिए आए हैं।
- दीपक राठौर, खिरनीबाग
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मतदाता सूची से नाम कट गया है। बैनामा और बैंक की पास बुक की कापी लगा चुके हैं। इसके बाद भी सूची में नाम शामिल नहीं हो रहा है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकला हैं।
- ओमपाल, ब्रज विहार
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मां का नाम मतदाता सूची से कट गया है। दो बार नोटिस आ चुके हैं। जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर दे दिया है। इसके बाद भी मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हो रहा है।
- अंकुश सक्सेना, कटियाटोला
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बेटी का तीन बार नोटिस आ चुका है। बीएलओ से मिलकर नोटिस की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद भी नोटिस आ रहे हैं। जबकि फॉर्म में पूरी जानकारी सही भरी है।
- रमन गुप्ता, छोटी सब्जी मंडी
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जिनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम 2003 की सूची में नहीं हैं, उन्हें जन्म और जाति प्रमाणपत्र देने का भी विकल्प दिया गया है। जिन लोगों के नाम आधार कार्ड या दूसरे दस्तावेजों पर गलत हैं, उन्हें कंप्यूटर पकड़ रहा है। ऐसे लोगों को नाम आदि सही कराने के लिए बीएलओ के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।
-रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
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एसआईआर का जनवरी के प्रथम सप्ताह में अनंतिम आलेख्य प्रकाशन किया गया था। इसमें जनपद में 23 फीसदी से अधिक वोट कट गए थे। नगर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट 127401 मतदाता कम हुए। इसके लिए लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गई हैं। वर्तमान में नए वोट बनाने का अभियान भी चल रहा है। बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म-छह उपलब्ध कराया है। रविवार को विशेष अभियान चलाकर बूथों पर हेल्पडेस्क बनाई गई। वहां नए वोट बनवाने वालों की पीड़ा सामने आई। लोगों के अनुसार, नए वोट बनवाने के लिए आधार कार्ड, जन्म और जाति प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं। आधार कार्ड में त्रुटि पर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
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आधार के साथ ही 12 विकल्प और भी हैं। इसमें जन्म और जाति प्रमाणपत्र शामिल हैं। इन्हें बनवाने में काफी दुश्वारी आ रही है। आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए डाकघर और बैंकों में लाइन लगाकर पासबुक लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर प्रमाणपत्राें के लिए तहसील और नगर निगम में जूझना पड़ रहा है।
मायके की सूची तलाशना हो रहा मुश्किल
जलालाबाद। एसआईआर के तहत चल रही मैपिंग प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पिता, माता या बाबा, दादी में से किसी का नहीं था, उन्हें नोटिस जारी किए गए थे। महिलाओं से मायके की वोटर लिस्ट तलाश करना मुश्किल हो रहा है। अन्य प्रांत में मायका वाली महिलाओं को ज्यादा परेशानी हो रही है। संवाद
प्रमाणपत्र समय से नहीं हो रहे जारी
तिलहर। बहादुरगंज की देवकी कौर और चरणजीत सिंह ने बताया कि वे पिछले करीब एक महीने से जन्म और जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर पालिका और तहसील के चक्कर लगा रही हैं। समय पर प्रमाणपत्र जारी न होने से एसआईआर संशोधन में दिक्कत आ रही है। संवाद
एसआईआर में मांगे जाने वाले प्रमाणपत्र
- केंद्र या राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
- 1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार,स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू से जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज
- आधार कार्ड, ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से जारी शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार से जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
लोगों से बातचीत
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए नोटिस आया था। जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया था। उसे बनवाने में काफी दिक्कत आई। अब प्रमाणपत्र बनवाने के बाद फॉर्म जमा करने के लिए आए हैं।
- दीपक राठौर, खिरनीबाग
मतदाता सूची से नाम कट गया है। बैनामा और बैंक की पास बुक की कापी लगा चुके हैं। इसके बाद भी सूची में नाम शामिल नहीं हो रहा है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का हल नहीं निकला हैं।
- ओमपाल, ब्रज विहार
मां का नाम मतदाता सूची से कट गया है। दो बार नोटिस आ चुके हैं। जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर दे दिया है। इसके बाद भी मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हो रहा है।
- अंकुश सक्सेना, कटियाटोला
बेटी का तीन बार नोटिस आ चुका है। बीएलओ से मिलकर नोटिस की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद भी नोटिस आ रहे हैं। जबकि फॉर्म में पूरी जानकारी सही भरी है।
- रमन गुप्ता, छोटी सब्जी मंडी
जिनके माता-पिता या दादा-दादी के नाम 2003 की सूची में नहीं हैं, उन्हें जन्म और जाति प्रमाणपत्र देने का भी विकल्प दिया गया है। जिन लोगों के नाम आधार कार्ड या दूसरे दस्तावेजों पर गलत हैं, उन्हें कंप्यूटर पकड़ रहा है। ऐसे लोगों को नाम आदि सही कराने के लिए बीएलओ के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।
-रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
