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Shahjahanpur News: कार की टक्कर से कांवड़िये की मौत, दो घायल, विरोध में तीन घंटे लगाया जाम
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खुटार में गोला रोड पर जाम लगाए कांवड़िये। संवाद
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खुटार (शाहजहांपुर)। कस्बे में गोला बाइपास मार्ग पर महुरैया के नजदीक शुक्रवार शाम कांवड़ लेकर जा रहे बरेली के क्योलड़िया क्षेत्र के गांव बरनई के दीपक कुमार (17) की कार की टक्कर से मौत हो गई। हादसे में दो अन्य कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित कांवड़ियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पहले वहीं और फिर पांच सौ मीटर आगे जाकर हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन पर तीन घंटे बाद जाम खोला गया।
बरनई से 45 कांवड़ियों का जत्था 11 अगस्त को एक ट्रैक्टर में दो ट्रॉलियां जोड़कर कछला घाट गया था। अगले दिन जत्था गोला के लिए रवाना हुआ। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वे महुरैया के पास पहुंचे। कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे पैदल चल रहे थे। तभी पीछे से आई कार से कांवड़िये दीपक कुमार, उन्हीं के गांव के विकास और पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र के गांव पुरेना निवासी दीनदयाल को टक्कर लग गई। हादसे के बाद चालक कार सहित मौके से भाग गया।
तीनों घायलों को तिकुनिया चौराहे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। साथी कांवड़िये इससे संतुष्ट नहीं हुए और बरेली के निजी अस्पताल ले गए। वहां भी चिकित्सकों मृत ही बताया। गंभीर रूप से घायल विकास और दीनदयाल को पीलीभीत रेफर किया गया।
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इस बीच हादसे के बाद कांवड़ियों ने कार चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर जाम लगा दिया। एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण, एसडीएम सदानंद सरोज और सीओ प्रवीण मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर रात करीब आठ बजे जाम खुलवाया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि कार चालक का पता लगा लिया गया है, जल्द उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईवे पर यातायात आंशिक रूप से बाधित हुआ था।
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पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर भड़के कांवड़िये
खुटार। गांव महुरैया के पास कार की टक्कर से बरेली के गांव बरनई निवासी कांवड़िये दीपक की मौत के बाद उनके साथी खुटार थाना पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाकर भड़क गए। उन्होंने पहले घटनास्थल और बाद में खुटार-गोला मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। गोला की ओर जा रहे और वहां से लौट रहे अन्य कांवड़िये भी जाम में शामिल हो गए, जिससे भीड़ बढ़ती चली गई।
बरनई निवासी कांवड़िये पप्पू, मोहन स्वरूप, आकाश, महेंद्र पाल, देवदत्त, सचिन, सुनील, दुर्गेश कुमार, राहुल, शिवम, सत्यम और विकास ने आरोप लगाया कि कछला से बंडा तक पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कांवड़ियों को सुरक्षा देकर निकाला, लेकिन खुटार क्षेत्र में पुलिसकर्मी केवल चौराहों और निर्धारित प्वाइंटों पर तैनात रहे। कांवड़ियों को सुरक्षा के साथ हाईवे से नहीं गुजारा गया, जिससे हादसा हुआ और कार चालक मौके से भाग निकला।
जाम के दौरान डाक कांवड़ को निकलने दिया गया, जबकि अन्य वाहन फंसे रहे। पुलिस ने कठिना नदी और खुटार के तिकुनियां चौराहे पर वाहनों को रुकवा दिया। कई बार जाम खुलने की स्थिति बनी, लेकिन बातचीत बिगड़ने से फिर जाम लग गया। एसपी ग्रामीण के आश्वासन के बाद कांवड़ियों ने जाम खोला।
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मौत की सूचना पर पिता की तबीयत बिगड़ी, भर्ती
क्योलड़िया (बरेली)। कांवड़ियों के जत्थे में शामिल गांव केशवपुर बन्नाई के दीपक (17) की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। दीपक की मौत की सूचना मिलने पर पिता रविंदर की तबीयत बिगड़ गई। उनको बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दीपक कक्षा 12 का छात्र था। वह खमरिया के स्कूल में पढ़ता था। पिता खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दीपक पढ़ाई के साथ पिता की खेती में भी हाथ बंटाता था। पिता बेटे दीपक को पढ़ाकर अच्छी नौकरी दिलाना चाहते थे। रविंद्र कुमार के पांच बच्चों में दीपक सबसे बड़ा था। दीपक के जाने से मां तारावती, बहन धनदेवी, अनीता, सुनीता और छोटा भाई अंशु बेहाल हैं। संवाद
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बरनई से 45 कांवड़ियों का जत्था 11 अगस्त को एक ट्रैक्टर में दो ट्रॉलियां जोड़कर कछला घाट गया था। अगले दिन जत्था गोला के लिए रवाना हुआ। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वे महुरैया के पास पहुंचे। कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे पैदल चल रहे थे। तभी पीछे से आई कार से कांवड़िये दीपक कुमार, उन्हीं के गांव के विकास और पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र के गांव पुरेना निवासी दीनदयाल को टक्कर लग गई। हादसे के बाद चालक कार सहित मौके से भाग गया।
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तीनों घायलों को तिकुनिया चौराहे के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। साथी कांवड़िये इससे संतुष्ट नहीं हुए और बरेली के निजी अस्पताल ले गए। वहां भी चिकित्सकों मृत ही बताया। गंभीर रूप से घायल विकास और दीनदयाल को पीलीभीत रेफर किया गया।
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इस बीच हादसे के बाद कांवड़ियों ने कार चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर जाम लगा दिया। एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण, एसडीएम सदानंद सरोज और सीओ प्रवीण मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर रात करीब आठ बजे जाम खुलवाया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि कार चालक का पता लगा लिया गया है, जल्द उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि हाईवे पर यातायात आंशिक रूप से बाधित हुआ था।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर भड़के कांवड़िये
खुटार। गांव महुरैया के पास कार की टक्कर से बरेली के गांव बरनई निवासी कांवड़िये दीपक की मौत के बाद उनके साथी खुटार थाना पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाकर भड़क गए। उन्होंने पहले घटनास्थल और बाद में खुटार-गोला मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। गोला की ओर जा रहे और वहां से लौट रहे अन्य कांवड़िये भी जाम में शामिल हो गए, जिससे भीड़ बढ़ती चली गई।
बरनई निवासी कांवड़िये पप्पू, मोहन स्वरूप, आकाश, महेंद्र पाल, देवदत्त, सचिन, सुनील, दुर्गेश कुमार, राहुल, शिवम, सत्यम और विकास ने आरोप लगाया कि कछला से बंडा तक पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कांवड़ियों को सुरक्षा देकर निकाला, लेकिन खुटार क्षेत्र में पुलिसकर्मी केवल चौराहों और निर्धारित प्वाइंटों पर तैनात रहे। कांवड़ियों को सुरक्षा के साथ हाईवे से नहीं गुजारा गया, जिससे हादसा हुआ और कार चालक मौके से भाग निकला।
जाम के दौरान डाक कांवड़ को निकलने दिया गया, जबकि अन्य वाहन फंसे रहे। पुलिस ने कठिना नदी और खुटार के तिकुनियां चौराहे पर वाहनों को रुकवा दिया। कई बार जाम खुलने की स्थिति बनी, लेकिन बातचीत बिगड़ने से फिर जाम लग गया। एसपी ग्रामीण के आश्वासन के बाद कांवड़ियों ने जाम खोला।
मौत की सूचना पर पिता की तबीयत बिगड़ी, भर्ती
क्योलड़िया (बरेली)। कांवड़ियों के जत्थे में शामिल गांव केशवपुर बन्नाई के दीपक (17) की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। दीपक की मौत की सूचना मिलने पर पिता रविंदर की तबीयत बिगड़ गई। उनको बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दीपक कक्षा 12 का छात्र था। वह खमरिया के स्कूल में पढ़ता था। पिता खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दीपक पढ़ाई के साथ पिता की खेती में भी हाथ बंटाता था। पिता बेटे दीपक को पढ़ाकर अच्छी नौकरी दिलाना चाहते थे। रविंद्र कुमार के पांच बच्चों में दीपक सबसे बड़ा था। दीपक के जाने से मां तारावती, बहन धनदेवी, अनीता, सुनीता और छोटा भाई अंशु बेहाल हैं। संवाद

खुटार में गोला रोड पर जाम लगाए कांवड़िये। संवाद

खुटार में गोला रोड पर जाम लगाए कांवड़िये। संवाद