फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Responsibility for fixing faults on multiple feeders rests with a single team... the system has gone off track.Responsibility for fixing faults on multiple feeders rests with a single team... the system has gone off track.

Shahjahanpur News: कई फीडरों के फॉल्ट ठीक करने की जिम्मेदारी एक टीम पर...व्यवस्था बेपटरी

Sat, 18 Jul 2026 02:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:05 AM IST
विज्ञापन
Responsibility for fixing faults on multiple feeders rests with a single team... the system has gone off track.Responsibility for fixing faults on multiple feeders rests with a single team... the system has gone off track.
राजीव चौहान।
शाहजहांपुर। उमस भरी गर्मी और बढ़ते लोड से पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने वाले कर्मचारी इन दिनों खुद बिजली निगम की दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों की कमी से स्थिति और भी बदतर हो गई है। दिन और रात के लिए तैयार टीम में शामिल कर्मचारियाें के उपकेंद्र के कई फीडरों के फॉल्ट दुरुस्त करने में पसीने छूट रहे हैं। शहर से देहात तक पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के चलते शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जिसका खामियाजा बिजली उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
विज्ञापन

बिजली निगम में पूर्व में 922 संविदा कर्मचारी कार्यरत थे। तब पर्याप्त कर्मचारी होने के चलते फॉल्ट ठीक कर दिए जाते थे। पिछले डेढ़ वर्ष पहले कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके चलते अब मात्र 621 कर्मचारी ही उपकेंद्रों पर तैनात हैं। ऐसे में उपकेंद्रों पर तैनात टीम की संख्या घटाकर दो कर दी गई। प्रत्येक उपकेंद्र पर दिन और रात की एक-एक टीम काम करती है। दिन में कार्यरत टीम में छह कर्मचारी उपकेंद्रों के पांच से छह फीडरों पर आने वाले फॉल्ट तलाशकर ठीक करने के लिए नाकाफी है। भीषण गर्मी में ज्यादा फॉल्ट आने पर उपभोक्ताओं को अपनी बारी आने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कमोबेश यही स्थिति रात के समय भी रहती है।
विज्ञापन

बहादुरगंज उपकेंद्र पर 17 संविदा कर्मी तैनात हैं। इनमें तीन सब स्टेशन ऑपरेटर के रूप में तैनात रहते हैं। शेष कर्मचारियों के दो टीमें बनाकर कार्य लिया जा रहा। उपकेंद्र पर रोजाना ही 20 से 25 शिकायतें आती हैं, जिन्हें ठीक करने में दिक्कत आती हैं। अटसलिया उपकेंद्र पर चार एसएसओ और 10 कर्मचारी तैनात हैं। यहां कई फीडरों की जिम्मेदारी सीमित कर्मचारियों पर है। प्रतिदिन 15 से 20 शिकायतें मिल रही हैं। लंबी बिजली लाइनों के कारण फॉल्ट तलाशने में काफी समय लग जाता है। बंडा उपकेंद्र की स्थिति भी ऐसी ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

45 एमवीए क्षमता वाले इस उपकेंद्र से 11 फीडरों को बिजली आपूर्ति होती है। यहां तीन एसएसओ, छह लाइनमैन और नौ सहायक कार्यरत हैं, जबकि करीब 18 कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। प्रत्येक फीडर से प्रतिदिन औसतन 15 से 20 व कुल मिलाकर करीब 50 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। नियम के अनुसार, प्रत्येक फीडर पर टीम की नियुक्ति जरूरी है। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक-एक कर्मचारी को फीडर पर नियुक्त कर रखा है। ग्रामीण इलाकों में कर्मचारियों की कमी के कारण काफी दुश्वारियां आ रही हैं। यहां पर फॉल्ट ठीक करने के लिए सप्ताहभर तक का समय लग रहा है।
------------
कार्यालयों में काम कर रहे कर्मचारी
अवर अभियंताओं को कागजों पर कर्मचारी आवंटित कर दिए गए हैं, लेकिन अफसरों ने उन्हें अपने कार्यालय में अटैच कर रखा है। अधिकतर उपकेंद्रों पर से तीन से चार कर्मचारी ऑफिसों में कार्यरत हैं, जबकि क्षेत्र में काम करने वाले सीमित हैं। ऐसे में कर्मचारियों पर लोड बढ़ रहा है। संवाद
------
-बिजली निगम में कर्मचारियों की काफी कमी है। काफी कर्मियों को निगम ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। अकुशल कर्मियों से भी कुशल वाला काम ले रहे हैं, जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं।
-नवल किशोर, प्रदेश अध्यक्ष-विद्युत संविदा मजदूर संगठन
-----------------
-हमारे गांव में ट्रांसफॉर्मर काफी समय से फुंका पड़ा है। यह अभी तक ठीक नहीं हो सका है। इसके चलते एक महीने से बिजली नहीं आ रही है। भीषण गर्मी में निगम बिजली नहीं दे पा रहा है।
-राजीव सिंह चौहान, परौर
--------
ग्रामीण क्षेत्र की लंबी लाइनें होने पर फॉल्ट आने पर ठीक नहीं होते हैं। इसके लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। उपकेंद्र पर कर्मचारी कम होने की बात कहकर टाल दिया जाता है।

- धर्मेंद्र प्रताप सिंह पूर्व फौजी, परौर
-----------
आंकड़े
- 04 लाख 72 हजार उपभोक्ता जिले में हैं।
- 88 हजार स्मार्ट मीटर अभी तक लग चुके हैं।
- 43 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति दी जाती है।
- 276 फीडर 11 केवी के बने हुए हैं।
- 48 फीडर 33 केवी के बने हुए हैं।
---------------
-291 कुशल कर्मी कार्यरत हैं, 54 की आवश्यकता और है
-330 अकुशल कर्मी कार्य संभाल रहे हैं। 146 की मांग की गई।
-20 कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती के सापेक्ष 14 और मांगे गए हैं।
-------------
बिजली निगम में कर्मियों की कमी हैं। उन्हें बढ़ाने के लिए निगम को पत्राचार पूर्व में किया था। पिछले दिनों रिमाइंडर भी भेजा है। जल्द ही हल निकलने की संभावना है।
-अनुज प्रताप सिंह, एसई

राजीव चौहान।

राजीव चौहान।

राजीव चौहान।

राजीव चौहान।

राजीव चौहान।

राजीव चौहान।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed