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Shahjahanpur News: विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत 10 वर्ष पुरानी कॉलोनियों की होगी जांच
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) की ओर से विगत 10 वर्ष में विनियमित स्वीकृत आवासीय कॉलोनियों की जांच कराई जाएगी। इसमें कॉलोनियों के मानकों को देखा जाएगा। जो कॉलोनियों मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
सचिव अजय त्रिपाठी ने बताया कि एसडीए प्रथम चरण में पिछले 10 वर्षों में विनियमित क्षेत्र के स्तर पर स्वीकृत की गईं कॉलोनियों की विस्तृत जांच कराएगा। इसके तहत सभी कॉलोनियों में स्वीकृति के अनुसार प्लाॅटों का विभाजन किया गया या नहीं, कॉलोनियों में मानकों के अनुरूप ही सड़कें, नाली, बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर आदि की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं या नहीं। कॉलोनियों में आरडब्ल्यूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) का गठन किया गया है या नहीं। इस सबकी जांच होगी।
उन्होंने कहा कि समितियां कॉलोनी के रखरखाव, सुरक्षा, साझा सुविधाओं (पार्क, लिफ्ट, बिजली) का प्रबंधन और निवासियों के विवाद सुलझाने जैसे कार्यों के लिए जिम्मेदार है, जिसे निवासियों द्वारा निर्वाचित अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष चलाते हैं। ऐसे में कॉलोनियों उप्र रेरा से पंजीकृत होनी चाहिए। कॉलोनियों में स्वीकृत ले-आउट के अनुसार पार्क, नाली, सामुदायिक सुविधाओं की आपूर्ति की जा रही है या नहीं, इसे भी देखा जाएगा।
सचिव ने कहा कि जो लोग भी बगैर ले-आउट स्वीकृत कराए अनधिकृत प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं, वे अब ऐसा न करें। प्राधिकरण कार्यालय से जानकारी लेकर उस स्थान पर प्लाॅटिंग करें। आम जनमानस से यह अपील की जाती है कि किसी के बहकावे में न आएं। जांच-परख कर ही जमीन की खरीदारी करें।
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सचिव अजय त्रिपाठी ने बताया कि एसडीए प्रथम चरण में पिछले 10 वर्षों में विनियमित क्षेत्र के स्तर पर स्वीकृत की गईं कॉलोनियों की विस्तृत जांच कराएगा। इसके तहत सभी कॉलोनियों में स्वीकृति के अनुसार प्लाॅटों का विभाजन किया गया या नहीं, कॉलोनियों में मानकों के अनुरूप ही सड़कें, नाली, बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर आदि की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं या नहीं। कॉलोनियों में आरडब्ल्यूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) का गठन किया गया है या नहीं। इस सबकी जांच होगी।
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उन्होंने कहा कि समितियां कॉलोनी के रखरखाव, सुरक्षा, साझा सुविधाओं (पार्क, लिफ्ट, बिजली) का प्रबंधन और निवासियों के विवाद सुलझाने जैसे कार्यों के लिए जिम्मेदार है, जिसे निवासियों द्वारा निर्वाचित अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष चलाते हैं। ऐसे में कॉलोनियों उप्र रेरा से पंजीकृत होनी चाहिए। कॉलोनियों में स्वीकृत ले-आउट के अनुसार पार्क, नाली, सामुदायिक सुविधाओं की आपूर्ति की जा रही है या नहीं, इसे भी देखा जाएगा।
सचिव ने कहा कि जो लोग भी बगैर ले-आउट स्वीकृत कराए अनधिकृत प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं, वे अब ऐसा न करें। प्राधिकरण कार्यालय से जानकारी लेकर उस स्थान पर प्लाॅटिंग करें। आम जनमानस से यह अपील की जाती है कि किसी के बहकावे में न आएं। जांच-परख कर ही जमीन की खरीदारी करें।
