Shahjahanpur: करोड़ों की GST चोरी करने में बैंक के सेल्स मैनेजर समेत दो गिरफ्तार, तीन पहले पकड़े जा चुके
आरोपी फर्म के नाम से बैंक अकाउंट खुलवाकर व्यापारियों को जीएसटी चोरी करके आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ पहुंचाते थे। इसके बदले में पांच से 20 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।
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जीएसटी की बोगस फर्म बनाकर 10.77 करोड़ रुपये की कर चोरी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी संजीव गुप्ता गाजियाबाद, जबकि दूसरा आरोपी वरुण शर्मा उर्फ गोलू अमेठी का रहने वाला है। संजीव यस बैंक में सेल्स मैनेजर है। इस गिरोह के तीन साथियों को पुलिस ने पांच दिसंबर को गिरफ्तार किया था।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि 28 मई 2025 को सहायक आयुक्त राज्य कर भावना चंद्रा ने रोजा थाने में बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी किए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी जांच के लिए एसपी सिटी की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया था। पुलिस ने पांच दिसंबर को कर चोरी करने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली निवासी गौरव यादव, दीपक व प्रयागराज का सिद्धार्थ पांडेय गिरोह बनाकर पिछले पांच वर्षों से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे। आरोपियों ने बताया था कि वे लोगों को लोन दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर विज्ञापन निकालते थे। इसके बाद उन लोगों से उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली का बिल प्राप्त कर फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार कर बोगस जीएसटी फर्म तैयार करते थे।
फर्म के नाम से बैंक अकाउंट खुलवाकर व्यापारियों को जीएसटी चोरी करके आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ पहुंचाते थे। इसके बदले में पांच से 20 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे। पुलिस उनके साथियों की तलाश में थी। मंगलवार को रोजा थाने की पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य कार से अपने वकील से मिलने आने वाले हैं। पुलिस टीम ने दोपहर करीब दो बजे हथौड़ा से हाईवे पर मेजबान पुल से पहले घेराबंदी कर काली महिंद्रा थार कार को रोका। उसमें सवार दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। कार की तलाशी से भारी मात्रा में कूटरचित प्रपत्र बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपी संजीव गुप्ता गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के भूपेंद्र नगर टिपरा रोड गली नंबर-चार का रहने वाला है। वहीं, वरुण शर्मा उर्फ गोलू अमेठी के गौरीगंज थाना क्षेत्र के सिब्बापुरब गांव का निवासी है।
संजीव ने खुलवाए थे खाते, ढूंढ़कर लाता था ग्राहक
संजीव गुप्ता के मोबाइल से बोगस फर्मों का डाटा पुलिस को मिला है। पुलिस की पूछताछ में संजीव ने बताया कि 2022 में उसकी मुलाकात गौरव यादव से हुई थी। तब गौरव के कहने पर उसने वरुण शर्मा, प्रिंस शर्मा, आकाश के करंट खाते यस बैंक की नई दिल्ली की पीतमपुरा शाखा में खुलवाए थे। ये खाते ओवरलिमिट होने के कारण बंद कर दिए गए। गौरव यादव के यहां ही उसकी मुलाकात सिद्धार्थ पांडेय से हुई थी। सिद्धार्थ और गौरव अपने साथियों के मिलकर बोगस जीएसटी फर्म बनाते थे।
इन लोगों ने उसे बताया था कि उन लोगों के पास फर्जी जीएसटी फर्म हैं। वह ऐसे लोगों को ढूंढ़कर लाए जिन्हें फर्जी फर्म की जरूरत हो। उसने सिद्धार्थ और गौरव से करीब 90 बोगस फर्म लीं थीं जिसके बदले में 23-23 हजार रुपये मिलते थे। वहीं, वरुण शर्मा ने बताया कि वह गौरव यादव के यहां काम करता था। गौरव यादव उसके व अन्य साथियों के करंट खाता बैंक में खुलवाता था और खुद ही उनका खाता संचालित करता था। उसने बताया कि वे लोग मंगलवार को जीएसटी ऑफिस जा रहे थे तभी पुलिस ने पकड़ लिया।