{"_id":"6a74df1e354754d84e0323be","slug":"12-year-old-boy-dies-of-snakebite-shamli-news-c-26-1-smrt1048-171328-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: सर्पदंश से 12 वर्षीय किशोर की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: सर्पदंश से 12 वर्षीय किशोर की मौत
Fri, 07 Aug 2026 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
कांधला के गांव हाजीपुर दुगड्डा निवासी अर्श की मौत के बाद गमजदा परिजन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली/कांधला। मामा की शादी में जिला सहारनपुर के गांव घाटमपुर गए कांधला क्षेत्र के गांव हाजीपुर दुगड्डा निवासी कक्षा छह के छात्र अर्श (12) की सर्पदंश से मौत हो गई।
परिजनों को सर्पदंश की पहले जानकारी न होने पर निजी चिकित्सक व हकीम के यहां इलाज कराते रहे। बाद में पता चलने पर छह घंटे बाद जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक किशोर की मौत हो चुकी थी। अगर समय पर एंटी स्नेक वेनम मिल जाता तो शायद किशोर की जान बच जाती।
हाजीपुर दुगड्डा निवासी सरवर की जिला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव घाटमपुर में ससुराल है। सरवर के साले अमजद की बृहस्पतिवार को शादी होना तय था। सरवर, पत्नी शबनम और तीनों बच्चों बेटी सिंभुल (14), बेटे अर्श (12) व मुजम्मिल (5) गांव घाटमपुर गए हुए थे। बुधवार रात अर्श कमरे में फर्श पर गद्दे पर सोया हुआ था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे अर्श को उल्टी हुई। तबीयत खराब होने पर उसे गांव में निजी चिकित्सक के यहां दिखाया तो उसने जहर से तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई।
इसके बाद जांच की तो उसके कंधे के पास निशान मिले। इसके बाद अंबेहटा में हकीम के यहां ले गए। हकीम ने सर्पदंश होना बताते हुए अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन सहारनपुर के सरकारी अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों ने उसे घर ले जाने को कहा।
इसके बाद दोपहर करीब 11 बजे वे जिला अस्पताल शामली पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद अर्श को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गांव में शव ले जाकर गमगीन माहौल में शव का सुपुर्दे खाक कर दिया।
बालक की मौत के बाद शादी की खुशियां भी गम में बदल गई। मामा की बरात तो गई लेकिन उसमें पांच-सात लोग ही गए और निकाह की रस्म पूरी की गई।
विज्ञापन
परिजनों को सर्पदंश की पहले जानकारी न होने पर निजी चिकित्सक व हकीम के यहां इलाज कराते रहे। बाद में पता चलने पर छह घंटे बाद जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक किशोर की मौत हो चुकी थी। अगर समय पर एंटी स्नेक वेनम मिल जाता तो शायद किशोर की जान बच जाती।
विज्ञापन
हाजीपुर दुगड्डा निवासी सरवर की जिला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के गांव घाटमपुर में ससुराल है। सरवर के साले अमजद की बृहस्पतिवार को शादी होना तय था। सरवर, पत्नी शबनम और तीनों बच्चों बेटी सिंभुल (14), बेटे अर्श (12) व मुजम्मिल (5) गांव घाटमपुर गए हुए थे। बुधवार रात अर्श कमरे में फर्श पर गद्दे पर सोया हुआ था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे अर्श को उल्टी हुई। तबीयत खराब होने पर उसे गांव में निजी चिकित्सक के यहां दिखाया तो उसने जहर से तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई।
इसके बाद जांच की तो उसके कंधे के पास निशान मिले। इसके बाद अंबेहटा में हकीम के यहां ले गए। हकीम ने सर्पदंश होना बताते हुए अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन सहारनपुर के सरकारी अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों ने उसे घर ले जाने को कहा।
इसके बाद दोपहर करीब 11 बजे वे जिला अस्पताल शामली पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद अर्श को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गांव में शव ले जाकर गमगीन माहौल में शव का सुपुर्दे खाक कर दिया।
बालक की मौत के बाद शादी की खुशियां भी गम में बदल गई। मामा की बरात तो गई लेकिन उसमें पांच-सात लोग ही गए और निकाह की रस्म पूरी की गई।

कांधला के गांव हाजीपुर दुगड्डा निवासी अर्श की मौत के बाद गमजदा परिजन। संवाद