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Shamli News: मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हुए लिपिक टाइपिंग नहीं करने पर बनेंगे चपरासी
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बागपत। मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हुए लिपिकों को टाइपिंग नहीं करने पर चपरासी बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों में इसके लिए आदेश दिए तो जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ने पहली बार में आठ लिपिकों को नोटिस जारी कर दिए।
उस नोटिस में कहा गया है कि लिपिक के लिए एक मिनट में 25 शब्दों को टाइप करने की अनिवार्यता होती है। जब उनकी भर्ती हुई थी तो एक साल में टाइपिंग सीखने की शर्त थी। वह एक साल में टाइपिंग नहीं सीखते हैं तो उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोककर एक साल अतिरिक्त दिया जाएगा। तब भी वह टाइपिंग नहीं सीख पाते हैं तो उनको चपरासी नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
इसके लिए ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और जिला विकास अधिकारियों के साथ सोमवार शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। तब पता चला कि प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग में ऐसे एक हजार से ज्यादा लिपिक हैं, जो टाइपिंग की अनिवार्यता को पूरी नहीं कर रहे हैं।
इनको जारी किया गया नोटिस
जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ने छपरौली ब्लॉक में नितिन तोमर, ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में अनिल कुमार, बड़ौत ब्लॉक में सीमा देवी, जिला विकास कार्यालय में किरण रानी, पिलाना ब्लॉक में दीपक राम सिंह, बागपत ब्लॉक में बिमलेश, बिनौली ब्लॉक में अशोक कुमार व जिला विकास कार्यालय में संजय कुमार को नोटिस दिया है।
जिले में टाइपिंग की अनिवार्यता में फेल 74 लिपिक
अभी भले ही ग्राम्य विकास विभाग के लिपिकों को नोटिस जारी किए गए हो मगर अन्य विभाग भी इस दायरे में आ रहे हैं। यहां मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हुए 117 लिपिकों की दो साल पहले टाइपिंग की परीक्षा कराई गई थी। उस परीक्षा में 106 लिपिक शामिल हुए थे और 11 लिपिक अनुपस्थित रहे। 106 लिपिकों में केवल 34 ही एक मिनट में 25 शब्द टाइप कर सके थे, जबकि 72 फेल हो गए थे।
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ग्राम्य विकास आयुक्त ने टाइपिंग की अनिवार्यता पूरी नहीं करने वाले मृत आश्रित कोटे से भर्ती हुए लिपिकों को चपरासी बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत ही ग्राम्य विकास विभाग के आठ लिपिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। -राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी
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उस नोटिस में कहा गया है कि लिपिक के लिए एक मिनट में 25 शब्दों को टाइप करने की अनिवार्यता होती है। जब उनकी भर्ती हुई थी तो एक साल में टाइपिंग सीखने की शर्त थी। वह एक साल में टाइपिंग नहीं सीखते हैं तो उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोककर एक साल अतिरिक्त दिया जाएगा। तब भी वह टाइपिंग नहीं सीख पाते हैं तो उनको चपरासी नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
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इसके लिए ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों और जिला विकास अधिकारियों के साथ सोमवार शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। तब पता चला कि प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग में ऐसे एक हजार से ज्यादा लिपिक हैं, जो टाइपिंग की अनिवार्यता को पूरी नहीं कर रहे हैं।
इनको जारी किया गया नोटिस
जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ने छपरौली ब्लॉक में नितिन तोमर, ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में अनिल कुमार, बड़ौत ब्लॉक में सीमा देवी, जिला विकास कार्यालय में किरण रानी, पिलाना ब्लॉक में दीपक राम सिंह, बागपत ब्लॉक में बिमलेश, बिनौली ब्लॉक में अशोक कुमार व जिला विकास कार्यालय में संजय कुमार को नोटिस दिया है।
जिले में टाइपिंग की अनिवार्यता में फेल 74 लिपिक
अभी भले ही ग्राम्य विकास विभाग के लिपिकों को नोटिस जारी किए गए हो मगर अन्य विभाग भी इस दायरे में आ रहे हैं। यहां मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हुए 117 लिपिकों की दो साल पहले टाइपिंग की परीक्षा कराई गई थी। उस परीक्षा में 106 लिपिक शामिल हुए थे और 11 लिपिक अनुपस्थित रहे। 106 लिपिकों में केवल 34 ही एक मिनट में 25 शब्द टाइप कर सके थे, जबकि 72 फेल हो गए थे।
ग्राम्य विकास आयुक्त ने टाइपिंग की अनिवार्यता पूरी नहीं करने वाले मृत आश्रित कोटे से भर्ती हुए लिपिकों को चपरासी बनाने के लिए कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत ही ग्राम्य विकास विभाग के आठ लिपिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। -राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी