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Shamli News: भ्रष्टाचार पर छिड़ी रार... भाजपा विधायक और सीएमओ आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:07 AM IST
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शामली। राजकीय अस्पतालों की मरम्मत के टेंडर को लेकर छिड़ी रार में रामपुर मनिहारन के भाजपा विधायक देवेंद्र निम और शामली के सीएमओ डॉ. अनिल कुमार आमने-सामने आ गए हैं। बिना टेंडर काम कराने की विधायक की शिकायत पर जहां सीएमओ के खिलाफ जांच कराई गई है, वहीं सीएमओ ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखकर विधायक पर नियम विरुद्ध काम कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
राजकीय अस्पतालों की मरम्मत के कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच पूरी होने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेजी है। उधर, सीएमओ ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य परियोजना कल्याण सचिव को पत्र लिखकर विधायक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने शासन को लिखा है कि विधायक की मां के नाम पर मेसर्स पदमलता निम फर्म को काम दिलाने को लेकर विवाद है।
सीएमओ ने पत्र में लिखा है कि 25 जुलाई 2023 को ई निविदा ई पोर्टल पर अपलोड की गई थी, जिसकी अनुमानित लागत 50 लाख निर्धारित थी और उसकी वैधता वित्तीय वर्ष 2024 व 2025 दो साल या अग्रिम ई टेंडर होने तक थी। बिड खुलने के बाद दो फर्म निर्धारित हुई इसमें एक फर्म विधायक की माता मेसर्स पदमलता के नाम और दूसरी मेसर्स प्रदीप कुमार के नाम से संचालित है। तत्कालीन सीएमओ द्वारा 11 सितंबर 2023 को दोनों फर्मों के मध्य कार्य आवंटित कर दिया गया। इसमें शामली तहसील के समस्त राजकीय चिकित्सालय मेसर्स पदमलता निम को और ऊन और कैराना तहसील के समस्त राजकीय चिकित्सालय प्रदीप कुमार कांट्रेक्टर को आवंटित किए गए थे। दोनों ने एक-एक लाख की एफडीआर भी विभाग को प्राप्त कराई। इसमें मैसर्स पदमलता फर्म द्वारा 2023-24 में तीन करोड़ 14 लाख छह हजार 620 रुपये के कार्य किए। जबकि प्रदीप कुमार कांट्रेक्टर द्वारा एक करोड़ 39 लाख दो हजार 400 रुपये के काम किए ।
पोस्टमार्टम हाउस की रिपेयर एवं उपकेंद्रों की मरम्मत का कार्य भी मेसर्स पदमलता को आवंटित किया गया, लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इस कारण जनहित एवं राजकीय कार्य हित को देखते हुए राजकीय चिकित्सालयों का मरम्मत संबंधी कार्य प्रदीप कांट्रेक्टर से टेंडर में निर्धारित दरों पर करा लिए गए।
सीएमओ ने पत्र में कहा कि जब दोनों की फर्म द्वारा समान दरों पर कार्य कराए गए तो यह कार्य नियम विरुद्ध कैसे हो सकते हैं। इन तथ्यों से साफ है कि विधायक द्वारा जानबूझकर उसे दबाव में लेकर अनैतिक राजकीय कार्य करवाने का प्रयास किया जा रहा है जो किसी भी तरह से स्वीकार योग्य नहीं है।
उधर, विधायक देवेंद्र निम का कहना है कि सीएमओ खुद को बचाने के लिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में पूरी तरह से गोलमाल किया है। अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं होती तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
शामली सीएमओ ने पांच करोड़ के काम बिना टेंडर के करा दिए हैं। इस मामले की जानकारी मुझे लगी। इसके बाद मैंने डीएम से पूरे मामले की शिकायत की। डीएम ने सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों की टीम बनाई। टीम ने जांच के बाद शिकायत को सही पाया। अब सीएमओ खुद को फंसता देख मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं। आरोप पूरी तरह से आधारहीन है।
देवेंद्र निम, विधायक, रामपुर मनिहारान
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राजकीय अस्पतालों की मरम्मत के कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच पूरी होने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेजी है। उधर, सीएमओ ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य परियोजना कल्याण सचिव को पत्र लिखकर विधायक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने शासन को लिखा है कि विधायक की मां के नाम पर मेसर्स पदमलता निम फर्म को काम दिलाने को लेकर विवाद है।
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सीएमओ ने पत्र में लिखा है कि 25 जुलाई 2023 को ई निविदा ई पोर्टल पर अपलोड की गई थी, जिसकी अनुमानित लागत 50 लाख निर्धारित थी और उसकी वैधता वित्तीय वर्ष 2024 व 2025 दो साल या अग्रिम ई टेंडर होने तक थी। बिड खुलने के बाद दो फर्म निर्धारित हुई इसमें एक फर्म विधायक की माता मेसर्स पदमलता के नाम और दूसरी मेसर्स प्रदीप कुमार के नाम से संचालित है। तत्कालीन सीएमओ द्वारा 11 सितंबर 2023 को दोनों फर्मों के मध्य कार्य आवंटित कर दिया गया। इसमें शामली तहसील के समस्त राजकीय चिकित्सालय मेसर्स पदमलता निम को और ऊन और कैराना तहसील के समस्त राजकीय चिकित्सालय प्रदीप कुमार कांट्रेक्टर को आवंटित किए गए थे। दोनों ने एक-एक लाख की एफडीआर भी विभाग को प्राप्त कराई। इसमें मैसर्स पदमलता फर्म द्वारा 2023-24 में तीन करोड़ 14 लाख छह हजार 620 रुपये के कार्य किए। जबकि प्रदीप कुमार कांट्रेक्टर द्वारा एक करोड़ 39 लाख दो हजार 400 रुपये के काम किए ।
पोस्टमार्टम हाउस की रिपेयर एवं उपकेंद्रों की मरम्मत का कार्य भी मेसर्स पदमलता को आवंटित किया गया, लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इस कारण जनहित एवं राजकीय कार्य हित को देखते हुए राजकीय चिकित्सालयों का मरम्मत संबंधी कार्य प्रदीप कांट्रेक्टर से टेंडर में निर्धारित दरों पर करा लिए गए।
सीएमओ ने पत्र में कहा कि जब दोनों की फर्म द्वारा समान दरों पर कार्य कराए गए तो यह कार्य नियम विरुद्ध कैसे हो सकते हैं। इन तथ्यों से साफ है कि विधायक द्वारा जानबूझकर उसे दबाव में लेकर अनैतिक राजकीय कार्य करवाने का प्रयास किया जा रहा है जो किसी भी तरह से स्वीकार योग्य नहीं है।
उधर, विधायक देवेंद्र निम का कहना है कि सीएमओ खुद को बचाने के लिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में पूरी तरह से गोलमाल किया है। अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं होती तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
शामली सीएमओ ने पांच करोड़ के काम बिना टेंडर के करा दिए हैं। इस मामले की जानकारी मुझे लगी। इसके बाद मैंने डीएम से पूरे मामले की शिकायत की। डीएम ने सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों की टीम बनाई। टीम ने जांच के बाद शिकायत को सही पाया। अब सीएमओ खुद को फंसता देख मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं। आरोप पूरी तरह से आधारहीन है।
देवेंद्र निम, विधायक, रामपुर मनिहारान