UP:मेरठ में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, शहद फैक्टरी पर छापेमारी, 24 घंटे से सैंपल व दस्तावेज खंगाल रहीं टीमें
मेरठ के दौराला क्षेत्र के बफावत गांव स्थित शहद फैक्टरी में डीआरआई टीम ने छापेमारी कर जांच शुरू की है। 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी टीम फैक्टरी में दस्तावेजों और सैंपलों की जांच कर रही है।
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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के बफावत गांव स्थित एक शहद फैक्टरी पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) की टीम ने छापेमारी कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान टीम ने पूरे फैक्ट्री परिसर को अपने कब्जे में ले लिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी। छापेमारी को 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच जारी है।
सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बफावत गांव निवासी दीपक और शैलेंद्र की गांव के बाहरी छोर पर खेत में शहद की फैक्टरी संचालित है। यहां बड़े पैमाने पर शहद का उत्पादन कर देश और विदेश में सप्लाई किया जाता है। सूचना मिलने पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस की टीम ने फैक्टरी पर छापा मारकर जांच शुरू कर दी। छापेमारी के दौरान थाना दौराला पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और सुरक्षा व्यवस्था संभाले रही।
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दस्तावेजों और सैंपलों की जांच
टीम ने फैक्टरी परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फैक्टरी में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की जाएगी। फिलहाल टीम दस्तावेजों और सैंपलों की जांच में जुटी हुई है।
ग्रामीणों में चर्चा का माहौल
छापेमारी के बाद ग्रामीणों के बीच तरह तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरीमें चावल, चीनी और केमिकल मिलाकर नकली शहद तैयार किया जाता है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि फैक्टरी से निकलने वाला रासायनिक युक्त पानी पास के तालाब में छोड़ा जाता है, जिससे पर्यावरण और पशुओं के स्वास्थ्य पर खतरा बना रहता है। इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। फिलहाल डीआरआई की टीम जांच में जुटी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होने की संभावना है।