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UP: शामली में सामने आया बड़ा घोटाला, 230 गांवों में टंकी निर्माण के लिए 254 करोड़ रुपये लेकर दो कंपनियां लापता
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:30 PM IST
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सार
Shamli News: हर घर जल योजना के तहत जेएमसी लक्ष्मी और गायत्री नामक संस्था को काम दिया गया था। इसके लिए 254 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए, लेकिन काम अधूरा छोड़कर कंपनियां लापता हो गईं। डीएम ने मामले पर जांच बैठा दी है।
Scam
- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना सवालों के घेरे में है। 230 गांवों में पानी की टंकियों के निर्माण के लिए जारी 254 करोड़ रुपये लेने के बाद कार्यदायी दो कंपनियां फिलहाल लापता हैं। चार साल में महज 56 गांवों में ही काम पूरा हो पाया है, जबकि 174 गांवों में निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिसकी सुध तक लेने वाला कोई नहीं है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच बैठा दी है।
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वर्ष 2022 में जिले के सभी 230 गांवों में टंकी निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जिसके लिए करीब 500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। निर्माण कार्यों का ठेका दो कंपनियों पर था, जिनको 254 करोड़ का भुगतान हो चुका है। इसके बावजूद अधिकांश गांवों में काम अधूरा है। पिछले करीब डेढ़ साल से कई जगहों पर निर्माण पूरी तरह बंद पड़ा है और निर्माण ठेकेदार और मजदूर सुध तक नहीं ले रहे हैं। हालात ये है कि जितना निर्माण हुआ है, वह भी अब जर्जर होने लगा है।
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डीएम ने तलब किया ब्योरा, दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पूरा ब्योरा तलब किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे कराए जाएं। साथ ही यह भी सवाल उठाया है कि जब 500 करोड़ में से 254 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ। दोषी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पूरा ब्योरा तलब किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे कराए जाएं। साथ ही यह भी सवाल उठाया है कि जब 500 करोड़ में से 254 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ। दोषी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जल निगम का दावा—नोटिस दिए, अब होगी सख्ती
जल निगम के एक्सईएन फूल कुमार का कहना है कि कार्यदायी संस्थाओं जेएमसी लक्ष्मी और गायत्री को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं लेकिन कोई जवाब भी नहीं आ रहा है। दोबारा काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
जल निगम के एक्सईएन फूल कुमार का कहना है कि कार्यदायी संस्थाओं जेएमसी लक्ष्मी और गायत्री को कई बार नोटिस जारी किए गए हैं लेकिन कोई जवाब भी नहीं आ रहा है। दोबारा काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो संबंधित संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
अधूरे निर्माण से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
हसनपुर लुहारी : पाइप मरम्मत के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ दी गई। बीच सड़क पर गहरा गड्ढा बना हुआ है, जिससे हादसे का खतरा बना है।
खेड़ा भाऊ : पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन जगह-जगह से पानी का रिसाव हो रहा है। कई महीनों से टंकी का निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है।
रज्जाक नगर (झिंझाना) : दो साल पहले टंकी बनकर तैयार हो चुकी है और पाइपलाइन भी डाली जा चुकी है, लेकिन अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। रामधन ओर रुपिन आदि ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल रहा। कैराना, गढ़ीपुख्ता, कांधला, थानाभवन, चौसाना, बिडौली, बाबरी क्षेत्र में भी कार्य अधूरा पड़ा है।
हसनपुर लुहारी : पाइप मरम्मत के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ दी गई। बीच सड़क पर गहरा गड्ढा बना हुआ है, जिससे हादसे का खतरा बना है।
खेड़ा भाऊ : पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन जगह-जगह से पानी का रिसाव हो रहा है। कई महीनों से टंकी का निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है।
रज्जाक नगर (झिंझाना) : दो साल पहले टंकी बनकर तैयार हो चुकी है और पाइपलाइन भी डाली जा चुकी है, लेकिन अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। रामधन ओर रुपिन आदि ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल रहा। कैराना, गढ़ीपुख्ता, कांधला, थानाभवन, चौसाना, बिडौली, बाबरी क्षेत्र में भी कार्य अधूरा पड़ा है।
इन गांवों में पूरा हुआ काम
आदमपुर, अहाता गोसगढ़, असदपुर, औरंगाबाद, बाबरी, बाधुपुरा, बहावड़ी, बरनावी, बरखंडी, भैंसवाल, भैंसानी, भनेड़ा, भारसी, भोगी मजारा, बीबीपुर हटिया, बुटराड़ा, चढ़ाव, चौसाना, डांगरौल, धनेना समेत 56 गांव।
इन गांवों में अधूरा पड़ा काम
लिसाढ़, लिलौन, गढ़ी, कुड़ाना, सोंटा, फतेहपुर, गढ़ी अब्दुल्ला खान, गढ़ी पुख्ता, जलालपुर, जसाला, काबौत, कादरपुर, कैरी, काजपुरा, खेड़ा गदाई, खेड़ा मस्तान, खेड़ी बैरागी, खंवादा, मलकपुर, मुंडेटकलां, नाला, नौनागली समेत 174 गांव।
आदमपुर, अहाता गोसगढ़, असदपुर, औरंगाबाद, बाबरी, बाधुपुरा, बहावड़ी, बरनावी, बरखंडी, भैंसवाल, भैंसानी, भनेड़ा, भारसी, भोगी मजारा, बीबीपुर हटिया, बुटराड़ा, चढ़ाव, चौसाना, डांगरौल, धनेना समेत 56 गांव।
इन गांवों में अधूरा पड़ा काम
लिसाढ़, लिलौन, गढ़ी, कुड़ाना, सोंटा, फतेहपुर, गढ़ी अब्दुल्ला खान, गढ़ी पुख्ता, जलालपुर, जसाला, काबौत, कादरपुर, कैरी, काजपुरा, खेड़ा गदाई, खेड़ा मस्तान, खेड़ी बैरागी, खंवादा, मलकपुर, मुंडेटकलां, नाला, नौनागली समेत 174 गांव।