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Shamli News: 30 घंटे दी थी यातना, फिर जंगल में ले जाकर मार दी गोली
Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
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कैराना अदालत से संबंधित समाचार-मृतक भूपेंद्र सिंह का फाइल फोटो-परिजन
- फोटो : 1
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कैराना (शामली)। रुपयों के विवाद में चार साल पहले मखमूलपुर में हुए पिता-पुत्र हत्याकांड की वीभत्स तस्वीर आज भी परिजनों के जेहन में है। छह अप्रैल 2022 को मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उसके इकलौते बेटे अर्जुन को मखमूलपुर बुलाया गया था। आरोप है कि दोनों को करीब 30 घंटे तक घोर यातनाएं दी गईं। भूपेंद्र की मां सुरेश देवी को भी पीटा गया। इसके बाद पिता-पुत्र को सल्फा गांव के जंगल में ले जाकर गोली मार दी गई। करीब चार साल चली कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया और सोमवार को सजा सुनाई।
मदद मांगी थी, लेकिन नहीं मिली
मृतक भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने बताया कि जब भूपेंद्र और अर्जुन को यातनाएं दी जा रही थी, तब वह आसपास के लोगों से मदद के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन कोई आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय लोग मदद के लिए आगे आते तो शायद उनका बेटा और पोता आज जिंदा होते। घटना के बाद वह कई दिनों तक दहशत के कारण घर से बाहर नहीं निकल सकीं थी।
दो-दो गोलियां लगने से हुई थी मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, भूपेंद्र और अर्जुन की मौत दो-दो गोलियां लगने से हुई थी। दोनों के सीने और सिर में दो-दो गोलियां लगी थीं। पुलिस की जांच में आरोपियों द्वारा पिता-पुत्र पर कई अन्य फायर किए जाने की बात भी सामने आई थी।
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इकलौते थे पिता-पुत्र, परिवार में नहीं रहा कोई
सुरेश देवी ने बताया कि उनके पति की पहले ही मौत हो चुकी है। भूपेंद्र उनका इकलौता पुत्र था और अर्जुन भूपेंद्र का इकलौता पुत्र था। भूपेंद्र की एक बेटी शगुन है। पिता-पुत्र की हत्या के बाद परिवार में पुत्रवधू दुर्गेंश और भूपेंद्र की बेटी शगुन ही बची है।
पीआरवी पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित
घटना के समय मौके पर पहुंची पीआरवी पर तैनात सिपाही रजत और मोनू के सामने ही आरोपी विक्रांत थाने ले जाने की बात कहकर पिता-पुत्र को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया था। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने तक का प्रयास नहीं किया। बाद में दोनों की सल्फा के जंगल में हत्या कर दी गई। घटना में लापरवाही सामने आने पर एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
हत्यारों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई
पिता-पुत्र की हत्या के बाद कांधला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। 11 अगस्त 2022 को पुलिस ने गैंग लीडर बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और साथी मोनू के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है और मंगलवार को इसमें तारीख लगी है।
दहशत में आ गया था इलाका
घटना के समय आरोपी विक्रांत यूपी पुलिस में सिपाही था और नोएडा पुलिस लाइन में तैनात था। इससे पहले वह आईबी के पूर्व निदेशक सैयद आसिफ इब्राहिम की सुरक्षा में भी तैनात रह चुका था। पिता पुत्र की हत्या के बाद से इलाका दहशत में आ गया था। हत्याकांड के बाद शासन ने विक्रांत को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
जेसीबी से तोड़ा था विक्रांत के मकान का गेट
पुलिस ने आरोपी विक्रांत की पत्नी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उसके मकान पर दबिश दी। ग्रामीणों के अनुसार परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से लोहे का गेट तोड़कर कार्रवाई की थी। यहां से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था।
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मदद मांगी थी, लेकिन नहीं मिली
मृतक भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने बताया कि जब भूपेंद्र और अर्जुन को यातनाएं दी जा रही थी, तब वह आसपास के लोगों से मदद के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन कोई आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय लोग मदद के लिए आगे आते तो शायद उनका बेटा और पोता आज जिंदा होते। घटना के बाद वह कई दिनों तक दहशत के कारण घर से बाहर नहीं निकल सकीं थी।
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दो-दो गोलियां लगने से हुई थी मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, भूपेंद्र और अर्जुन की मौत दो-दो गोलियां लगने से हुई थी। दोनों के सीने और सिर में दो-दो गोलियां लगी थीं। पुलिस की जांच में आरोपियों द्वारा पिता-पुत्र पर कई अन्य फायर किए जाने की बात भी सामने आई थी।
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इकलौते थे पिता-पुत्र, परिवार में नहीं रहा कोई
सुरेश देवी ने बताया कि उनके पति की पहले ही मौत हो चुकी है। भूपेंद्र उनका इकलौता पुत्र था और अर्जुन भूपेंद्र का इकलौता पुत्र था। भूपेंद्र की एक बेटी शगुन है। पिता-पुत्र की हत्या के बाद परिवार में पुत्रवधू दुर्गेंश और भूपेंद्र की बेटी शगुन ही बची है।
पीआरवी पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित
घटना के समय मौके पर पहुंची पीआरवी पर तैनात सिपाही रजत और मोनू के सामने ही आरोपी विक्रांत थाने ले जाने की बात कहकर पिता-पुत्र को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया था। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने तक का प्रयास नहीं किया। बाद में दोनों की सल्फा के जंगल में हत्या कर दी गई। घटना में लापरवाही सामने आने पर एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
हत्यारों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई
पिता-पुत्र की हत्या के बाद कांधला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। 11 अगस्त 2022 को पुलिस ने गैंग लीडर बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और साथी मोनू के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही है और मंगलवार को इसमें तारीख लगी है।
दहशत में आ गया था इलाका
घटना के समय आरोपी विक्रांत यूपी पुलिस में सिपाही था और नोएडा पुलिस लाइन में तैनात था। इससे पहले वह आईबी के पूर्व निदेशक सैयद आसिफ इब्राहिम की सुरक्षा में भी तैनात रह चुका था। पिता पुत्र की हत्या के बाद से इलाका दहशत में आ गया था। हत्याकांड के बाद शासन ने विक्रांत को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
जेसीबी से तोड़ा था विक्रांत के मकान का गेट
पुलिस ने आरोपी विक्रांत की पत्नी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उसके मकान पर दबिश दी। ग्रामीणों के अनुसार परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से लोहे का गेट तोड़कर कार्रवाई की थी। यहां से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था।

कैराना अदालत से संबंधित समाचार-मृतक भूपेंद्र सिंह का फाइल फोटो-परिजन- फोटो : 1