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Shamli News: शामली में बनेगा औद्योगिक गलियारा
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:59 AM IST
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शामली। जिले में जल्द ही औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब एक हजार एकड़ भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने एक्सप्रेसवे और प्रमुख हाईवे के किनारे जमीन तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम अरविंद कुमार चौहान को प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्येंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर, कैराना और ऊन को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीमों ने संभावित स्थानों का सर्वे शुरू कर दिया है। एसडीएम सदर अर्चना चौधरी और तहसीलदार मनोज कुमार दोहरे ने बताया कि एक्सप्रेसवे और हाईवे के किनारे उपयुक्त भूमि की तलाश कर रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी जाएगी। जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा, दिल्ली-देहरादून, अंबाला-शामली और पानीपत-शामली मार्गों के साथ-साथ गोरखपुर ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे गुजर रहे हैं। इन मार्गों के आसपास औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाने की योजना है।
इन क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर
औद्योगिक गलियारे के लिए गोगवान जलालपुर, बुटराड़ा, लांक, बलवा, कंडेला और टपराना जैसे क्षेत्र प्रमुख रूप से चिह्नित किए जा रहे हैं। कंडेला के पास पहले से औद्योगिक क्षेत्र मौजूद होने के कारण इसे अहम माना जा रहा है। इसके अलावा खोडसमा, मंसूरा और लिसाढ़ में भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध बताई जा रही है। गोगवान जलालपुर, भैंसानी इस्लामपुर, कैडी, थानाभवन, हींड, सोंता रसूलपुर, ख्यावड़ी समेत कैराना और ऊन तहसील के कई गांव प्रशासन की नजर में हैं।
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उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम अरविंद कुमार चौहान को प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्येंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर, कैराना और ऊन को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
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एसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीमों ने संभावित स्थानों का सर्वे शुरू कर दिया है। एसडीएम सदर अर्चना चौधरी और तहसीलदार मनोज कुमार दोहरे ने बताया कि एक्सप्रेसवे और हाईवे के किनारे उपयुक्त भूमि की तलाश कर रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी जाएगी। जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर, मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा, दिल्ली-देहरादून, अंबाला-शामली और पानीपत-शामली मार्गों के साथ-साथ गोरखपुर ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे गुजर रहे हैं। इन मार्गों के आसपास औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाने की योजना है।
इन क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर
औद्योगिक गलियारे के लिए गोगवान जलालपुर, बुटराड़ा, लांक, बलवा, कंडेला और टपराना जैसे क्षेत्र प्रमुख रूप से चिह्नित किए जा रहे हैं। कंडेला के पास पहले से औद्योगिक क्षेत्र मौजूद होने के कारण इसे अहम माना जा रहा है। इसके अलावा खोडसमा, मंसूरा और लिसाढ़ में भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध बताई जा रही है। गोगवान जलालपुर, भैंसानी इस्लामपुर, कैडी, थानाभवन, हींड, सोंता रसूलपुर, ख्यावड़ी समेत कैराना और ऊन तहसील के कई गांव प्रशासन की नजर में हैं।