फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Jai-Veeru's close friendship comes to a horrific end.

Shamli News: जय-वीरु की जिगरी दोस्ती का हुआ खौफनाक अंत

Tue, 18 Aug 2026 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 18 Aug 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
Jai-Veeru's close friendship comes to a horrific end.
शामली। कभी भूपेंद्र और बर्खास्त सिपाही विक्रांत के बीच इतना गहरा याराना था कि दोनों के घरवाले उन्हें प्यार से जय और वीरु कहकर बुलाते थे। दोनों की दोस्ती इतनी गहरी कि एक-दूसरे से बिना पूछे कोई काम नहीं करते थे। दोनों के परिवार एक साथ त्योहार मनाते लेकिन नौकरी लगवाने के नाम पर दिए गए दो लाख रुपये के विवाद में भूपेंद्र और उसके इकलौते बेटे अर्जुन की हत्या के बाद इस जिगरी दोस्ती का खौफनाक अंत हो गया।
विज्ञापन

भूपेंद्र की मां सुरेश देवी के अनुसार वर्ष 2019 के आसपास भूपेंद्र और विक्रांत की दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच इतना गहरा अपनापन हो गया कि परिवार भी एक-दूसरे के करीब आ गए। होली, दीपावली और अन्य त्योहार साथ मनाए जाते थे। किसी के घर शादी-ब्याह का कार्यक्रम होता तो दोनों परिवार एक-दूसरे के यहां पहुंचते थे।
विज्ञापन

विक्रांत का भूपेंद्र के घर आना-जाना इतना अधिक था कि वह परिवार के सदस्य बन गया था। संपत्ति खरीदने जैसे मामलों में भी दोनों एक-दूसरे से सलाह लेते थे। किसी ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि यही याराना एक दिन इतनी दर्दनाक कहानी बन जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो लाख रुपये आए और दोस्ती में पड़ गई दरार

भाई की नौकरी लगवाने के नाम पर विक्रांत ने दो लाख रुपये दिए थे। नौकरी नहीं लगने के बाद रकम वापस करने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। सुरेश देवी के मुताबिक कुछ रकम वापस भी की गई और बाकी रुपये जल्द लौटाने की बात भी तय हो गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि पुरानी दोस्ती के चलते मामला बातचीत से सुलझ जाएगा। लेकिन रुपयों के विवाद में दोस्ती का रिश्ता कमजोर पड़ गया। आरोप है कि विक्रांत ने धैर्य से काम नहीं लिया और मामला मारपीट व हत्या तक पहुंच गया।

भूपेंद्र के घर के पास ही ले रखा था किराये का मकान
सुरेश देवी ने बताया कि विक्रांत ने कंकरखेड़ा में उनके घर के पास ही किराये पर मकान लिया था। वह अक्सर भूपेंद्र के घर आता-जाता था। दोनों के बीच रुपयों का लेनदेन भी चलता रहा। परिवार के लिए विक्रांत कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि भरोसेमंद दोस्त था।

हत्या से तीन दिन पहले दी थी धमकी
सुरेश देवी के अनुसार हत्या से करीब तीन दिन पहले विक्रांत न्यू सैनिक कॉलोनी स्थित भूपेंद्र के घर पहुंचा था। आरोप है कि उसने रुपये नहीं देने पर भूपेंद्र और अर्जुन को जान से मारने की धमकी दी थी। अगले दिन सुरेश देवी विक्रांत के घर 50 हजार रुपये लेकर पहुंचीं, ताकि किसी तरह विवाद शांत हो सके।

पंचायत भी बैठी, मगर नहीं बचा सकी दोस्ती
रुपयों के विवाद को सुलझाने के लिए मखमूलपुर में पंचायत भी बैठी। दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई। सुरेश देवी के मुताबिक करीब तीन दिन तक पंचायत चलती रही, लेकिन सुलह नहीं हो सकी।

रिश्तेदार था पीआरवी जवान, फिर भी सच के साथ खड़ा हुआ
सुरेश देवी ने बताया कि घटना के समय पहुंचा पीआरवी का सिपाही सोनू, विक्रांत का दूर का रिश्तेदार था। सोनू ने ही भूपेंद्र के साथ मारपीट का वीडियो बनाया था। सोनू ने रिश्तेदारी से ऊपर अपना फर्ज रखा और अदालत में विक्रांत के खिलाफ गवाही दी। उसकी गवाही और घटना के वीडियो ने मामले को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।


शव पहुंचे तो कंकरखेड़ा में फूटा था लोगों का गुस्सा
भूपेंद्र और अर्जुन की हत्या के बाद जब दोनों के शव कंकरखेड़ा पहुंचे तो लोगों में आक्रोश फैल गया था। गुस्साई महिलाओं ने शामली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। लोगों का सवाल था कि जब पुलिस की मौजूदगी में आरोपी पिता-पुत्र को अपने साथ लेकर गए थे तो उन्हें उसी समय रोककर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed