Shamli Encounter: वर्ष 2016 में सांसद हुकुम सिंह ने उठाया था कैराना पलायन का मुद्दा, देशभर में हुई थी चर्चा
कैराना पलायन का मुद्दा वर्ष 2016 में उस समय राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया था, जब तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने 346 परिवारों के पलायन का दावा करते हुए सूची सार्वजनिक की थी। इसके बाद भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया। सरकार बनने के बाद कैराना में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पीएसी कैंप और फायरिंग रेंज जैसी घोषणाएं भी की गईं।
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शामली जिले के कैराना से कथित पलायन का मुद्दा वर्ष 2016 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब कैराना लोकसभा सीट से तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने 346 परिवारों के पलायन का दावा करते हुए उनकी सूची सार्वजनिक की थी। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में भी व्यापक चर्चा बटोरी।
346 परिवारों की सूची जारी कर उठाया था मुद्दा
तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगने, धमकी देने और आपराधिक घटनाओं के कारण भय का माहौल बना हुआ है। उनका कहना था कि इसी वजह से कई व्यापारी और परिवार कैराना छोड़कर दूसरे शहरों और राज्यों में चले गए। उन्होंने 346 परिवारों की सूची जारी करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
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2017 विधानसभा चुनाव में बना प्रमुख मुद्दा
कैराना पलायन का मुद्दा वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल रहा। भाजपा ने इसे चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाया और प्रदेश में सरकार बनाई।
सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने कैराना में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से पीएसी कैंप और फायरिंग रेंज स्थापित करने की घोषणा की थी। साथ ही व्यापारियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया गया। इसके बाद क्षेत्र के व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर उम्मीद बढ़ी।
राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना था कैराना
कैराना पलायन का मुद्दा उस समय कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और राजनीतिक विमर्श का अहम विषय बन गया था। इस मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं, जिससे यह प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना।