UP Encounter: एक लाख का इनामी ढेर, कोड वर्ड में रंगदारी मांगता था फुरकान, कार्बाइन को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
Shamli Encounter: शामली में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश फुरकान की अपराध की दुनिया से जुड़े कई राज सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक वह फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए गिरोह चलाता था और व्यापारियों से कोड वर्ड में रंगदारी मांगता था।
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विस्तार
एक लाख के इनामी कुख्यात फुरकान ने पुलिस से बचने और अपने गिरोह को संचालित करने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बना लिया था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सोनू, राजा और रोमियो जैसे फर्जी नामों से आईडी बनाकर वह गिरोह के सदस्यों से संपर्क करता था। इन्हीं फर्जी अकाउंट के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में रंगदारी, लूट की वारदातों का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान और उसके गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी फर्जी नामों से आईडी बना रखी थीं। कैराना, दिल्ली और बागपत के सदस्यों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार पंजाब के रोपड़ के दो कारोबारियों से करीब तीन माह पहले पांच-पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। दहशत के कारण कारोबारियों ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके की अहम जानकारी मिली।
हर तीन माह में लौटता था कैराना, परिवार को देकर जाता था खर्चा
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले फुरकान के फर्जी नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर गिरोह संचालित करने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सर्विलांस सेल की मदद से इन अकाउंट को ट्रेस किया गया।
जांच में पता चला कि फुरकान हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, पंजाब के रोपड़, होशियारपुर, उत्तराखंड के देहरादून और दिल्ली में वारदात करने के बाद हर तीन माह में कैराना स्थित अपने घर आता था। परिवार को खर्च के रुपये देने के बाद वह दोबारा फरार हो जाता था।
कार्बाइन पंजाब से ड्रोन के जरिए पहुंचने की आशंका
मुठभेड़ में फुरकान के पास से बरामद 9 एमएम कार्बाइन को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यह हथियार पंजाब से ड्रोन के जरिए पहुंचाया गया हो सकता है। हथियार सप्लायर तक पहुंचने के लिए सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। वहीं, हरियाणा के सोनीपत, रोहतक और पंजाब के रोपड़ में फुरकान को शरण देने वालों की भी पुलिस जांच कर रही है। गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश जारी है।
एक जनवरी 2025 से अब तक तक मुठभेड़ में मारे गए 11 बदमाश
- 20 जनवरी 2025 को एसटीएफ मेरठ के साथ चौसाना क्षेत्र में बिड़ौली मार्ग पर एक लाख रुपये के इनामी अरशद व उसके साथी सतीश, मंजीत मनवीर कश्यप मारे गए थे।
-18 अक्तूबर 2025 को कांधला के भभीसा के जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी नफीस मारा गया।
-24 अक्तूबर 2025 को झिंझाना क्षेत्र में संजीव गैंग का 50 हजार रुपये का इनामी फैसल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
-दो दिसंबर 2025 को झिंझाना क्षेत्र में वेदखेड़ी मार्ग पर सवा लाख रुपये का इनामी मिथुन बावरिया पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
-नौ दिसंबर 2025 को थानाभवन व बाबरी पुलिस के साथ भैंसानी ईंट भट्ठे पर मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी समयदीन मुठभेड़ में मारा गया।
-पांच फरवरी 2026 को शहर कोतवाली और आदर्श मंडी पुलिस के साथ मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी रिहान मुठभेड़ में मारा गया।
-26 जून 2026 को कांधला व आदर्श मंडी थाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी महताब मारा गया।
-पांच अगस्त 2026। झिंझाना क्षेत्र में झिंझाना, बाबरी, स्वाट टीम के साथ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी फुरकान मुठभेड़ में मारा गया।
फुरकान के विरुद्ध जनपद शामली, सहारनपुर और बागपत में लूट, डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी एवं एनडीपीएस एक्ट सहित 28 मामले दर्ज हैं। वह कैराना थाने का हिस्ट्रीशीटर 290-ए तथा गैंग नंबर डी- 8/2015 का गैंग सरगना था।
वह कैराना क्षेत्र में लूट और कांधला में पुलिस मुठभेड़ के मामलों में वांछित था। एडीजीपी मेरठ जोन की तरफ से उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के मामले में एफटीसी न्यायालय कैराना द्वारा 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इसमें वह उच्च न्यायालय से जमानत पर था।
कैराना में व्यापारी हत्याकांड से फुरकान एनकाउंटर तक घटनाक्रम एक नजर में
-21 दिसंबर 2013 - मुकीम काला गिरोह ने कैराना नगर के चार व्यापारियों से रंगदारी मांगी।
-22 दिसंबर 2013 - पुलिस ने चारों व्यापारियों को सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए।
-10 अप्रैल 2014 - लोकसभा चुनाव के चलते व्यापारियों से सुरक्षा गार्ड वापस ले लिए गए।
-16 अगस्त 2014 - फुरकान ने व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की।
-24 अगस्त 2014 - मुकीम गिरोह ने रंगदारी नहीं देने पर ममेरे भाई राजू और शंकर की हत्या कर दी।
-12 जून 2016 - तत्कालीन भाजपा सांसद स्वर्गीय हुकुम सिंह ने पलायन करने वाले 346 परिवारों की सूची जारी की।
-2 जनवरी 2018 - मुकीम गिरोह का शार्प शूटर साबिर जंधेड़ी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
-4 जनवरी 2018 - मुकीम गिरोह से मुठभेड़ में घायल जांबाज सिपाही अंकित तोमर शहीद हुए।
-14 मई 2021 - चित्रकूट जेल गैंगवार में मुकीम काला, मेराजुद्दीन उर्फ मेराज और गैंगस्टर अंशु दीक्षित की मौत हुई।
-8 नवंबर 2021 - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना पहुंचे और पलायन पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात की।
-22 जनवरी 2022 - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कैराना पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत की।
-5 अगस्त 2026 - झिंझाना थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक लाख का इनामी फुरकान मारा गया।
ईद की नमाज के दौरान चित्रकूट जेल में खत्म हुआ था मुकीम काला का अध्याय
14 मई 2021 को चित्रकूट जेल में हुई खूनी गैंगवार में मुकीम काला का अंत हो गया था। जानकारी के अनुसार ईद की सुबह मुकीम काला अपनी बैरक में नमाज पढ़ रहा था, जबकि उसका साथी और मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर मेराजुद्दीन उर्फ मेराज भी नमाज की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान पूर्वांचल के गैंगस्टर अंशु दीक्षित ने पहले मेराजुद्दीन की पिस्टल छीनकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद वह मुकीम काला की बैरक में पहुंचा और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद जेल कर्मियों ने अंशु दीक्षित को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने पुलिस पर हथियार तान दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से अंशु दीक्षित भी मारा गया। इस तरह चित्रकूट जेल में हुई गैंगवार के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुकीम काला गिरोह का अध्याय समाप्त हो गया था।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की तरफ से कार्बाइन और पिस्टल से करीब 15 राउंड गोलियां चलीं, जबकि पुलिस की तरफ से पांच गोली चलाई गईं। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान फुरकान व उसके साथी ने घिरा हुआ देखकर पुलिस पर करीब 15 राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस की तरफ से पांच गोली चलाई गईं।
गोलियों की तड़तड़ाहट से दहले लोग
झिंझाना क्षेत्र में गांव रंगाना के निकट पोल्ट्री फार्म पर बुधवार दोपहर को मुठभेड़ के दौरान चली गोलियों की आवाज से आसपास के लोग दहल गए। गोलियों की आवाज सुनकर एक बार लोगों में दहशत बन गई थी। आसपास से जा रहे लोगों को पहले कुछ समझ नहीं आ पाया था। बाद में लोगों को मुठभेड़ की जानकारी हुई तब जाकर उन्हें राहत मिली।
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी फुरकान के परिजनों का कहना है कि वह करीब छह माह पहले जमानत पर जेल से बाहर आया था और कैराना में दूध की डेयरी का काम कर रहा था। उन्हें उसके एनकाउंटर की जानकारी बाद में मिली।
फुरकान के बेटे खलीफ ने बताया कि उनके पिता पिछले कुछ समय से डेयरी का संचालन कर रहे थे। वह छह महीने पहले ही जमानत पर रिहा होकर आए थे। एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
फुरकान का बेटा भी स्मैक तस्करी का आरोपी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फुरकान का बेटा खलीफ भी स्मैक तस्करी के मामले में आरोपी है। फुरकान के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी है।
कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
फुरकान गिरोह रंगदारी मांगने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस के मुताबिक, बदमाश सीधे रकम की मांग नहीं करते थे, बल्कि पहले कोड वर्ड में बात शुरू करते थे। व्यापारियों से कहा जाता था कि बधाई और शुभकामनाएं नहीं दोगे तो... इसके बाद पांच से दस लाख रुपये तक की रकम मांगी जाती थी।
फुरकान खुद को गैंग्स ऑफ कैराना का सरगना बताकर व्यापारियों में खौफ पैदा करता था। हरियाणा के कुछ व्यापारियों से भी रंगदारी मांगने की जानकारी पुलिस को मिली है, लेकिन डर के कारण उन्होंने शिकायत नहीं की।
रंगदारी के साथ नशे के कारोबार में भी था सक्रिय
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान रंगदारी और लूट के अलावा नशे के कारोबार में भी शामिल था। वह पंजाब से नशे की खेप मंगवाकर हरियाणा समेत अन्य क्षेत्रों में सप्लाई करता था। एसपी ने बताया कि उसकी पत्नी भी नशे के कारोबार में शामिल हो गई थी। करीब डेढ़ साल पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में वह जमानत पर बाहर आ गई थी।