Shamli: यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ उबाल, सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का धरना-प्रदर्शन
Shamli UGC Protest: शामली में यूजीसी द्वारा लागू नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज संघर्ष समिति और क्षत्रिय महासभा ने धरना-प्रदर्शन किया। संगठनों ने नियमों को भेदभाव बढ़ाने वाला बताते हुए ज्ञापन सौंपा।
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यूजीसी द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों को लेकर जिले में लगातार विरोध तेज होता जा रहा है। शामली में गुरुवार को सवर्ण समाज संघर्ष समिति और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नई कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
नियमों से सामाजिक विभाजन बढ़ने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा में समान अवसर देने के बजाय छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना था कि इन नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
संविधान की भावना के खिलाफ बताए नियम
ज्ञापन में कहा गया कि इन नए प्रावधानों से ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के छात्रों के बीच मतभेद और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका है। संगठनों ने इन्हें संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध बताया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि 15 जनवरी से लागू किए गए ये नियम गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करते हैं। यदि इन्हें तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस मौके पर बबलू राणा, पवन कुमार चौहान, मदन सिंह, विक्रम सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस और किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने भी कलक्ट्रेट पहुंचकर कानून का विरोध किया और ज्ञापन सौंपा।
